{"_id":"5d02b478bdec226de476580d","slug":"15604583501140-haldwani-news6","type":"story","status":"publish","title_hn":"गौलापार में 40 घंटे बाद बहाल हुई बिजली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गौलापार में 40 घंटे बाद बहाल हुई बिजली
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हल्द्वानी। गौलापार में 38 घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। लोगों को उमस और गर्मी में बिना बिजली के रहना पड़ा, जबकि एचएमटी में पेड़ गिरने से टूटी 11 हजार केवी की लाइन बृहस्पतिवार की देर शाम तक ठीक नहीं हुई थी।
बिजली विभाग के निर्बाध आपूर्ति के दावे ध्वस्त हो रहे हैं। बुधवार तड़के आंधी, ओलावृष्टि और बारिश हुई थी। शहर और ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ध्वस्त हो गई थी। गौलापार में बृहस्पतिवार की शाम छह बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। लामाचौड़ और फतेहपुर में बृहस्पतिवार की दोपहर तीन बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। जबकि हल्दूचौड़, डूंगरपुर और बसानी में शाम पांच बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। दूसरी ओर एचएमटी रानीबाग के पास गिरी 11 हजार केवी की लाइन को ठीक करने के लिए बिजली विभाग ने बिल्कुल जहमत नहीं उठाई। एचएमटी कर्मियों ने अपने ठेकेदार के कर्मियों को बुलाकर लाइन ठीक करने में जुट गए।
गौलापार 38 घंटे बाद बहाल हुई बिजली आपूर्ति
हल्दूचौड़ में दो दिन बाद भी नहीं बदल सके ट्रांसफार्मर, आपूर्ति बहाल करने में 33 घंटे का समय
धड़ल्ले से हो रही बिजली चोरी, विभाग मौन
हल्द्वानी। बिजली विभाग के ऊपर चिराग तले अंधेरे वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। बिजली के पोल से कटिया डालकर धड़ल्ले से चोरी का खुला खेल चल रहा है। केबल में लगने वाले एंपलीफायर को कटिया डालकर चलाया जा रहा है। केबल कनेक्शन के लिए तारों का संजाल बिछा हुआ है। तार बिजली विभाग के पोल से होकर गुजरते हैं। बिजली विभाग के पोल पर ही कई एंपलीफायर लगे हुए हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में एंपलीफायर को कटिया डालकर सीधे चलाया जा रहा है। दिनभर फील्ड में रहने का दावा करने वाले बिजली विभाग के अधिकारियों को कटिया दिखाई नहीं पड़ रही है या फिर वो जानकर देखना नहीं चाह रहे हैं। बरेली रोड, तीनपानी बाईपास रोड, कालाढूंगी रोड समेत अन्य जगह खेल लंबे समय से चल रहा है। वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले बिजली चोरी पकड़ने को अभियान चलाया जाता है। अभियान विद्युत विजिलेंस भी शामिल रहती है। खास बात यह है कि इस गोरखधंधे पर किसी भी नजर नहीं पड़ रही है।
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बिजली विभाग के निर्बाध आपूर्ति के दावे ध्वस्त हो रहे हैं। बुधवार तड़के आंधी, ओलावृष्टि और बारिश हुई थी। शहर और ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ध्वस्त हो गई थी। गौलापार में बृहस्पतिवार की शाम छह बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। लामाचौड़ और फतेहपुर में बृहस्पतिवार की दोपहर तीन बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। जबकि हल्दूचौड़, डूंगरपुर और बसानी में शाम पांच बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। दूसरी ओर एचएमटी रानीबाग के पास गिरी 11 हजार केवी की लाइन को ठीक करने के लिए बिजली विभाग ने बिल्कुल जहमत नहीं उठाई। एचएमटी कर्मियों ने अपने ठेकेदार के कर्मियों को बुलाकर लाइन ठीक करने में जुट गए।
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गौलापार 38 घंटे बाद बहाल हुई बिजली आपूर्ति
हल्दूचौड़ में दो दिन बाद भी नहीं बदल सके ट्रांसफार्मर, आपूर्ति बहाल करने में 33 घंटे का समय
धड़ल्ले से हो रही बिजली चोरी, विभाग मौन
हल्द्वानी। बिजली विभाग के ऊपर चिराग तले अंधेरे वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। बिजली के पोल से कटिया डालकर धड़ल्ले से चोरी का खुला खेल चल रहा है। केबल में लगने वाले एंपलीफायर को कटिया डालकर चलाया जा रहा है। केबल कनेक्शन के लिए तारों का संजाल बिछा हुआ है। तार बिजली विभाग के पोल से होकर गुजरते हैं। बिजली विभाग के पोल पर ही कई एंपलीफायर लगे हुए हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में एंपलीफायर को कटिया डालकर सीधे चलाया जा रहा है। दिनभर फील्ड में रहने का दावा करने वाले बिजली विभाग के अधिकारियों को कटिया दिखाई नहीं पड़ रही है या फिर वो जानकर देखना नहीं चाह रहे हैं। बरेली रोड, तीनपानी बाईपास रोड, कालाढूंगी रोड समेत अन्य जगह खेल लंबे समय से चल रहा है। वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले बिजली चोरी पकड़ने को अभियान चलाया जाता है। अभियान विद्युत विजिलेंस भी शामिल रहती है। खास बात यह है कि इस गोरखधंधे पर किसी भी नजर नहीं पड़ रही है।
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