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दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाने में गड़बड़ी, सीएमओ नाराज

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 02 Jun 2019 02:13 AM IST
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दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाने में गड़बड़ी, सीएमओ नाराज
हल्द्वानी। सीएमओ डॉ.भारती राणा ने शनिवार को सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने बेस अस्पताल में दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने में बरती जा रही अनियमितता पर नाराजगी जताई।
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पत्रकारों से बातचीत में डॉ.राणा ने बताया कि उन्हें पता चला है कि कुछ दिव्यांगों का सत्यापन करे बगैर ही उन्हें प्रमाणपत्र जारी कर दिए गए हैं जो गलत है। जिस व्यक्ति को प्रमाणपत्र जारी किया जाए उसे अनिवार्य रूप से मेडिकल बोर्ड के सामने प्रस्तुत किया जाए। चिकित्सकों की कमी के बारे में उन्होंने कहा कि बेस में दो फिजिशियनों समेत कुछ अन्य चिकित्सकों की कमी है, जिसे दूर कराने के लिए शासन को पत्र भेजे हैं। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में एंटी रैबीज की किल्लत है। जन औषधि केंद्रों में वर्तमान में 209 दवाएं हैं, जबकि कुछ दवाइयां स्टोर से ही नहीं मिल रही हैं। उन्होंने आपातकालीन वाहन 108 की सेवाओं पर संतोष जताया।
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इससे पहले अस्पताल के निरीक्षण के दौरान सीएमओ को बाल रोग वार्ड में बीमार बच्चों के बेड पर उनके परिजन और मरीज को देखने पहुंचे लोग बैठे मिले। इस पर उन्होंने सीएमएस को निर्देश दिए कि वह इसमें सुधार करें और मरीज से मिलने वालों के लिए समय निर्धारित करें। सीएमएस ने बताया कि रोजाना चार शिफ्ट में 80 मरीजों का डायलिसिस किया जा रहा है। सीएमओ ने थैलेसीमिया से ग्रसित मरीजों की विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिए। पैथालॉजी और ब्लड बैंक में व्यवस्थाएं ठीक मिली। सीएमओ ने बताया कि कुछ कमियां मिली हैं जिनमें सुधार के लिए पीएमएस को निर्देश दिए गए हैं।
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बिना सत्यापन के बन रहे दिव्यांगों के प्रमाणपत्र
सीएमओ ने औचक निरीक्षण के दौरान बेस अस्पताल में पकड़ी गड़बड़ी

जिले में बढ़ रहे हैं टाइफाइड और डायरिया के मरीज
हल्द्वानी। जिले में टाइफाइड के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिला स्वास्थ्य महकमे की एक रिपोर्ट के अनुसार इस बार मई में टाइफाइड के 51 एवं अप्रैल में 50 रोगियों के बारे में पता चला है। मार्च में टाइफाइड के 32 रोगी मिले हैं। रिपोर्ट में निजी अस्पतालों के रोगियों को भी शामिल किया जाए तो यह संख्या बढ़ जाएगी। मई 2017 में टाइफाइड के 27 और मई 2018 में 26 मरीज मिले हैं। जिला संक्रामक रोग विश्लेषक एनके कांडपाल ने बताया कि इस साल टाइफाइड के रोगियों में 40 प्रतिशत मरीज पर्वतीय क्षेत्रों में मिले हैं। उन्होंने आशंका जताई कि भवाली, ओखलकांडा क्षेत्र के लोग दूषित पानी की वजह से इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। वहीं, डायरिया के मरीज भी बढ़ने लगे हैं। बेस अस्पताल के बाल रोग वार्ड में 11 डायरिया मरीजों को भर्ती कराया गया।
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