{"_id":"5cf042bdbdec220791792ce7","slug":"15592496443-nainital-news83","type":"story","status":"publish","title_hn":"परीक्षाफल बेहतर नहीं देने वाले शिक्षक दुर्गम में जाएंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परीक्षाफल बेहतर नहीं देने वाले शिक्षक दुर्गम में जाएंगे
विज्ञापन
लिखित परीक्षा 28 फरवरी को ली गई थी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नैनीताल। शिक्षा विभाग की गुणवत्ता सुधार संबंधी बैठक में कमिश्नर एवं सचिव मुख्यमंत्री राजीव रौतेला ने कहा कि शिक्षक परीक्षाफल बेहतर करें। अपने विषय में बेहतर परीक्षा परिणाम न देने वाले शिक्षकों की तैनाती दुर्गम में कर दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि पेपरों का निर्धारण जिला स्तर पर किया जाए। साथ ही सीलबंद लिफाफों में पेपर को सेंटर तक ले जाने और पुस्तिकाओं को वापस लाने के साथ ही सेंटरों पर पर्यवेक्षक का दायित्व लेखपालों, पटवारियों, पंचायत सचिवों को सौंपने को कहा। उन्होंने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य अन्य अधिकारियों के माध्यम से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों के विषय का परीक्षाफल सही नहीं होगा, उनकी तैनाती प्रशासनिक आधार पर दुर्गम क्षेत्रों में की जाएगी। उन्होंने कहा कि पहली प्राथमिकता है कि शिक्षक समय से विद्यालय पहुंचे। इसके लिए सभी डीएम, सीडीओ, एडीएम, एसडीएम, बीडीओ विद्यालयों में औचक निरीक्षण करें। उन्होंने सभी सीडीओ को शिक्षकों के स्कूल आने एवं नहीं आने की गहनता से निगरानी करने के लिए प्रभावशाली कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि बीईओ प्रत्येक माह दुर्गम क्षेत्रों के कम से कम 15 विद्यालयों का निरीक्षण करें। डीईओ निरीक्षण आख्या के आधार पर गुणात्मक सुधार के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई करें। उन्होंने जिलाधिकारियों को मंडल में मोबाइल एवं इंटरनेट कनेक्टिविटी की पहुंच से दूर वाले विद्यालयों की सूची के साथ ही मंडल के सभी विद्यालयों की एसएमसी सदस्यों के नाम एवं मोबाइल नंबर की सूची भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
परीक्षाफल बेहतर नहीं देने वाले शिक्षक दुर्गम में जाएंगे
शिक्षा विभाग की गुणवत्ता संबंधी बैठक में कमिश्नर ने चेताया
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि पेपरों का निर्धारण जिला स्तर पर किया जाए। साथ ही सीलबंद लिफाफों में पेपर को सेंटर तक ले जाने और पुस्तिकाओं को वापस लाने के साथ ही सेंटरों पर पर्यवेक्षक का दायित्व लेखपालों, पटवारियों, पंचायत सचिवों को सौंपने को कहा। उन्होंने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य अन्य अधिकारियों के माध्यम से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों के विषय का परीक्षाफल सही नहीं होगा, उनकी तैनाती प्रशासनिक आधार पर दुर्गम क्षेत्रों में की जाएगी। उन्होंने कहा कि पहली प्राथमिकता है कि शिक्षक समय से विद्यालय पहुंचे। इसके लिए सभी डीएम, सीडीओ, एडीएम, एसडीएम, बीडीओ विद्यालयों में औचक निरीक्षण करें। उन्होंने सभी सीडीओ को शिक्षकों के स्कूल आने एवं नहीं आने की गहनता से निगरानी करने के लिए प्रभावशाली कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि बीईओ प्रत्येक माह दुर्गम क्षेत्रों के कम से कम 15 विद्यालयों का निरीक्षण करें। डीईओ निरीक्षण आख्या के आधार पर गुणात्मक सुधार के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई करें। उन्होंने जिलाधिकारियों को मंडल में मोबाइल एवं इंटरनेट कनेक्टिविटी की पहुंच से दूर वाले विद्यालयों की सूची के साथ ही मंडल के सभी विद्यालयों की एसएमसी सदस्यों के नाम एवं मोबाइल नंबर की सूची भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
परीक्षाफल बेहतर नहीं देने वाले शिक्षक दुर्गम में जाएंगे
शिक्षा विभाग की गुणवत्ता संबंधी बैठक में कमिश्नर ने चेताया