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हाइड्रोपोनिक तकनीक से उगाए टमाटर
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रामनगर में टमाटर की खेती
- फोटो : अमर उजाला
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रामनगर (नैनीताल)। उत्तराखंड में पहली बार हाइड्रोपोनिक तकनीक से टमाटर उगाए जा रहे हैं। सांवल्दे स्थित प्रगतिशील किसान दीप चंद्र बेलवाल के पॉलीहाउस में 10 फुट के पौधे में करीब 12 किलो तक टमाटर लगे हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के महानिदेशक एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग के निदेशक डॉ. राजेंद्र डोभाल ने रविवार को ग्राम सांवल्दे स्थित प्रगतिशील किसान दीप चंद्र बेलवाल के पॉलीहाउस का निरीक्षण किया। उन्होंने प्लांट की पूरी बारीकियों को जाना। उन्होंने प्लांट के रखरखाव को बेहतर बताया। कहा कि पूरी तरह से हाइड्रोपोनिक तकनीक पर आधारित यह उत्तराखंड में पहला प्लांट है। ऐसे प्लांट अन्य शहरों में भी विकसित किए जा सकते हैं ताकि किसानों को कम लागत पर ज्यादा मुनाफा मिल सके।
सांवल्दे में यह पॉलीहाउस एक हजार वर्ग मीटर जमीन में बना है। उसमें हाइड्रोपोनिक तकनीक से टमाटर के पौधे लगाए गए हैं। इन टमाटरों के पौधों की लंबाई 10 फुट तक पहुंच गई है। इनमें एक पौधे में करीब 12 किलो तक टमाटर लदे हैं। टमाटर के इन पौधों के 20 फुट तक बढ़ने का अनुमान है।
क्या है हाइड्रोपोनिक तकनीक
उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद के वैज्ञानिक डॉ. सुमित पुरोहित ने बताया कि इस तकनीक में पौधों को बिना मिट्टी के उगाया जाता है। मिट्टी की जगह नारियल, धान की भूसी को मिलाकर मिश्रण तैयार किया जाता है। इस मिश्रण में उगे पौधों को पाइपों से पानी दिया जाता है। इससे टमाटरों की जड़ों में ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर होता है और पौधे तेजी से बढ़ते है। इस तकनीक से टमाटरों में कोई दाग नहीं लगता।
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10 फुट के पौधे में उगाओ 12 किलो टमाटर
सांवल्दे में हाइड्रोपोनिक तकनीक से उगाए गए हैं टमाटर
हाइड्रोपोनिक तकनीक का उत्तराखंड का पहला प्लांट
डीजी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी ने किया प्लांट का निरीक्षण
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सांवल्दे में यह पॉलीहाउस एक हजार वर्ग मीटर जमीन में बना है। उसमें हाइड्रोपोनिक तकनीक से टमाटर के पौधे लगाए गए हैं। इन टमाटरों के पौधों की लंबाई 10 फुट तक पहुंच गई है। इनमें एक पौधे में करीब 12 किलो तक टमाटर लदे हैं। टमाटर के इन पौधों के 20 फुट तक बढ़ने का अनुमान है।
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क्या है हाइड्रोपोनिक तकनीक
उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद के वैज्ञानिक डॉ. सुमित पुरोहित ने बताया कि इस तकनीक में पौधों को बिना मिट्टी के उगाया जाता है। मिट्टी की जगह नारियल, धान की भूसी को मिलाकर मिश्रण तैयार किया जाता है। इस मिश्रण में उगे पौधों को पाइपों से पानी दिया जाता है। इससे टमाटरों की जड़ों में ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर होता है और पौधे तेजी से बढ़ते है। इस तकनीक से टमाटरों में कोई दाग नहीं लगता।
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10 फुट के पौधे में उगाओ 12 किलो टमाटर
सांवल्दे में हाइड्रोपोनिक तकनीक से उगाए गए हैं टमाटर
हाइड्रोपोनिक तकनीक का उत्तराखंड का पहला प्लांट
डीजी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी ने किया प्लांट का निरीक्षण