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विशाखा द्वारा यौन उत्पीडन निवारण पर एकदिवसीय कार्यशाला,
Updated Thu, 13 Dec 2018 01:48 AM IST
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हल्दूचौड़ (नैनीताल)। यहां लाल बहादुर शास्त्री राजकीय महाविद्यालय में बुधवार को महिलाओं के यौन उत्पीड़न विषय पर जागरूकता कार्यशाला हुई। उच्च शिक्षा निदेशालय, उत्तराखंड, जायकूंन टेक्नोलॉजीस गुरुग्राम के बीच हुए करार के तहत, जायकूंन के सजल कुमार मिश्रा, नैंसी खुराना, कोमल राजपूत, ललित मोहन ने मोबाइल पर विशाखा एप्लीकेशन का प्रयोग करना सिखाया। बताया कि यह एप यौन उत्पीड़न रोकने में मददगार साबित होगा।
बताया कि विशाखा एप पॉश अधिनियम, 2013 पर आधारित संपूर्ण समाधान प्रदान करता है। पॉश अधिनियम को डिजिटली सरल तरीके से कार्यान्वित करता है। विशाखा प्लेटफार्म नियोक्ताओं (कार्यस्थल/शैक्षिक संस्थानों) को पॉश पॉलिसी बनाने में सक्षम बनाता है। आईसीसी के गठन, आईसीसी को दर्ज यौन उत्पीड़न की शिकायतों को समयबद्ध तरीके से हल करने में सक्षम बनाता है। यह महिलाओं को एक मंच प्रदान करता है जहां वे डर, हिचकिचाहट के बिना आईसीसी को यौन उत्पीड़न शिकायत दर्ज करा सकती हैं। प्रासंगिक सबूत अपलोड कर सकती हैं। यह उत्तरदाता को अपना पक्ष प्रस्तुत करने, निर्देशित साबित करने का मौका भी देता है। विशाखा प्लेटफार्म शिकायतकर्ता, उत्तरदाता की गोपनीयता बनाए रखता है। प्राचार्य प्रो. आरके गुप्ता ने अध्यक्षता की। इस मौके पर मुख्य रूप से प्राचार्य प्रोफेसर आरके गुप्ता वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. ललित मोहन पांडे, हेम चंद्र पांडे, भारत पांडे, डॉ. आरके सनवाल, मनीषा, रीता दुर्गापाल, कमला पांडे, डॉ. गीता तिवारी, डॉ. कमला पांडे, डॉ. हेमलता गोस्वामी, डॉ. मंजू जोशी, डॉ. अजित कुमार सैनी, डॉ. गीता भट्ट, डॉ. किरण मिश्रा, डॉ. रवीश त्रिपाठी, डॉ. भारत डोभाल, हरीश जोशी, मुन्नी जोशी, बीना सनवाल, गिरीश जोशी, हिमांशु जोशी, प्रेमा, हेमा जीना, भावना दुम्का आदि थे।
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बताया कि विशाखा एप पॉश अधिनियम, 2013 पर आधारित संपूर्ण समाधान प्रदान करता है। पॉश अधिनियम को डिजिटली सरल तरीके से कार्यान्वित करता है। विशाखा प्लेटफार्म नियोक्ताओं (कार्यस्थल/शैक्षिक संस्थानों) को पॉश पॉलिसी बनाने में सक्षम बनाता है। आईसीसी के गठन, आईसीसी को दर्ज यौन उत्पीड़न की शिकायतों को समयबद्ध तरीके से हल करने में सक्षम बनाता है। यह महिलाओं को एक मंच प्रदान करता है जहां वे डर, हिचकिचाहट के बिना आईसीसी को यौन उत्पीड़न शिकायत दर्ज करा सकती हैं। प्रासंगिक सबूत अपलोड कर सकती हैं। यह उत्तरदाता को अपना पक्ष प्रस्तुत करने, निर्देशित साबित करने का मौका भी देता है। विशाखा प्लेटफार्म शिकायतकर्ता, उत्तरदाता की गोपनीयता बनाए रखता है। प्राचार्य प्रो. आरके गुप्ता ने अध्यक्षता की। इस मौके पर मुख्य रूप से प्राचार्य प्रोफेसर आरके गुप्ता वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. ललित मोहन पांडे, हेम चंद्र पांडे, भारत पांडे, डॉ. आरके सनवाल, मनीषा, रीता दुर्गापाल, कमला पांडे, डॉ. गीता तिवारी, डॉ. कमला पांडे, डॉ. हेमलता गोस्वामी, डॉ. मंजू जोशी, डॉ. अजित कुमार सैनी, डॉ. गीता भट्ट, डॉ. किरण मिश्रा, डॉ. रवीश त्रिपाठी, डॉ. भारत डोभाल, हरीश जोशी, मुन्नी जोशी, बीना सनवाल, गिरीश जोशी, हिमांशु जोशी, प्रेमा, हेमा जीना, भावना दुम्का आदि थे।
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