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नैनीताल में काले झंडे से होगी एनएसयूआई के बागीयों की पहचान
Updated Mon, 03 Sep 2018 02:19 AM IST
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NSUI
- फोटो : file photo
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नैनीताल। कांग्रेस की राजनीति के छात्र संघ चुनाव में दखल की चर्चाओं के बीच अब नैनीताल में एनएसयूआई की राहें मुश्किल नजर आ रही हैं। चहेते प्रत्याशी को टिकट न मिलने से नाराज एनएसयूआई की नगर कार्यकारिणी ने निर्दलीय को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारियां कर ली हैं। एनएसयूआई के नगर अध्यक्ष पंकज बिष्ट ने कहा कि वह चुनाव में काले झंडे ओर काले बैनरों का प्रयोग करेंगे।
हिमांशु बिष्ट के समर्थन में खड़ी एनएसयूआई की वर्तमान नगर कार्यकारिणी को टिकट मिलने की पूरी उम्मीद थी लेकिन ललित बोहरा को प्रदेश प्रभारी की ओर से प्रत्याशी घोषित करने के बाद इस वर्ष चुनाव की कमान दूसरे गुट के हाथों में आ गई। एक रात में बदले इस समीकरण से नगर कार्यकारिणी के गठन से नाराज खेमे को सक्रिय होने का मौका मिल गया है। एनएसयूआई की कार्यकारिणी गठन से खफा युवा कांग्रेस भी ललित बोहरा के समर्थन में है।
वहीं संगठन के विरोध में चुनाव लड़ने की स्थिति में वर्तमान नगर कार्यकारिणी के सामने निष्कासन की तलवार भी लटक गई है। साथ ही बड़े नेताओं के दखल की बात को एक खेमा जरूर नकार रहा हो लेकिन रविवार को हुए कार्यक्रम में प्रदेश से लेकर जिले के एनएसयूआई पदाधिकारियों की मौजूदगी कांग्रेस के खेमेबाजी को साफ तौर पर उजागर हो रही है।
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बीते साल भी छात्र संघ चुनाव में मुख्य राजनीति ने हस्तक्षेप किया और इस बार भी से इसे दोहराया जा रहा है। प्रत्याशी की घोषणा के लिए नगर कार्यकारिणी और जिलाध्यक्ष से नहीं पूछा गया। ऐसे में अब हिमांशु बिष्ट को निर्दलीय चुनाव लड़ाने की पूरी तैयारी कर ली है।
- पंकज बिष्ट, नगर अध्यक्ष एनएसयूआई।
जो लोग पूर्व सीएम हरीश रावत पर आरोप लगा रहे हैं वे पूर्व में ही एनएसयूआई से इस्तीफा दे चुुके हैं। प्रदेश प्रभारी ने सभी कार्यकर्ताओं की सहमति के बाद ही प्रत्याशी की घोषणा की। यदि नगर कार्यकारिणी का कोई भी पदाधिकारी संगठन का विरोध करता है तो उसे तत्काल निष्कासित कर दिया जाएगा।
- कविता शर्मा, राष्ट्रीय प्रतिनिधि एनएसयूआई।
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हिमांशु बिष्ट के समर्थन में खड़ी एनएसयूआई की वर्तमान नगर कार्यकारिणी को टिकट मिलने की पूरी उम्मीद थी लेकिन ललित बोहरा को प्रदेश प्रभारी की ओर से प्रत्याशी घोषित करने के बाद इस वर्ष चुनाव की कमान दूसरे गुट के हाथों में आ गई। एक रात में बदले इस समीकरण से नगर कार्यकारिणी के गठन से नाराज खेमे को सक्रिय होने का मौका मिल गया है। एनएसयूआई की कार्यकारिणी गठन से खफा युवा कांग्रेस भी ललित बोहरा के समर्थन में है।
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वहीं संगठन के विरोध में चुनाव लड़ने की स्थिति में वर्तमान नगर कार्यकारिणी के सामने निष्कासन की तलवार भी लटक गई है। साथ ही बड़े नेताओं के दखल की बात को एक खेमा जरूर नकार रहा हो लेकिन रविवार को हुए कार्यक्रम में प्रदेश से लेकर जिले के एनएसयूआई पदाधिकारियों की मौजूदगी कांग्रेस के खेमेबाजी को साफ तौर पर उजागर हो रही है।
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बीते साल भी छात्र संघ चुनाव में मुख्य राजनीति ने हस्तक्षेप किया और इस बार भी से इसे दोहराया जा रहा है। प्रत्याशी की घोषणा के लिए नगर कार्यकारिणी और जिलाध्यक्ष से नहीं पूछा गया। ऐसे में अब हिमांशु बिष्ट को निर्दलीय चुनाव लड़ाने की पूरी तैयारी कर ली है।
- पंकज बिष्ट, नगर अध्यक्ष एनएसयूआई।
जो लोग पूर्व सीएम हरीश रावत पर आरोप लगा रहे हैं वे पूर्व में ही एनएसयूआई से इस्तीफा दे चुुके हैं। प्रदेश प्रभारी ने सभी कार्यकर्ताओं की सहमति के बाद ही प्रत्याशी की घोषणा की। यदि नगर कार्यकारिणी का कोई भी पदाधिकारी संगठन का विरोध करता है तो उसे तत्काल निष्कासित कर दिया जाएगा।
- कविता शर्मा, राष्ट्रीय प्रतिनिधि एनएसयूआई।