फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   कार्बेट को आज भी नहीं भूले छोटी हल्द्वानी के ग्रामीण

कार्बेट को आज भी नहीं भूले छोटी हल्द्वानी के ग्रामीण

Wed, 25 Jul 2018 02:09 AM IST
Updated Wed, 25 Jul 2018 02:09 AM IST
विज्ञापन
कार्बेट को आज भी नहीं भूले छोटी हल्द्वानी के ग्रामीण
कालाढूंगी (नैनीताल)। मशहूर शिकारी और संरक्षणविद जिम कॉर्बेट को देश छोडे़ 70 वर्ष हो गए लेकिन छोटी हल्द्वानी के लोग कॉर्बेट को आज भी याद करते रहते हैं। कॉर्बेट ग्राम विकास समिति प्रतिवर्ष उनके जन्मदिन पर अनेक कार्यक्रम करती है। ग्रामीणों को उनके जनहित के कार्यों की जानकारी देती है। कई युवा कॉर्बेट के नाम पर रोजगार कर रहे हैं। कॉर्बेट ग्राम समिति के माध्यम से होमस्टे का संचालन हो रहा है, जहां प्रतिवर्ष कई पर्यटक यहां आकर कॉर्बेट के बारे में जानकारी लेते हैं, जबकि कई ग्रामीण महिलाएं समिति से जुड़कर अपना रोजगार कर रही हैं। विश्वविख्यात पर्यावरणविद जिम कॉर्बेट 25 जुलाई 1875 को गर्नी हाउस नैनीताल में जन्मे। उनके पिता क्रिस्टोफर विलियम ने वर्ष 1860 में कालाढूंगी में अरुणडेल नाम से घर बनाया था। इसमें उनका परिवार सर्दियों में कालाढूंगी और गर्मियों में नैनीताल के गर्नी हाउस में। यहां की शांत वादियां और घना जंगल देखते हुए कॉर्बेट ने कालाढूंगी-नैनीताल मार्ग स्थित 14 बीघा जमीन खरीद कर एक भवन बनाया। अब इस भवन में संग्रहालय बना है। इसमें कॉर्बेट की याद में उनकी निजी उपयोग की बहुत सी वस्तुएं दर्शनार्थ रखी गई हैं। ग्रामीण मोहन पांडे बताते हैं कि अकेलापन महसूस करते हुए उन्होंने अपने भवन के पास 222 एकड़ भूमि खरीदी और इसे स्थानीय भूमिहीनों में बांट कर एक गांव बसा दिया, जिसे आज कॉर्बेट विलेज छोटी हल्द्वानी के नाम से जाना जाता है। इसी कारण वर्ष 1947 में जब यहां से अंग्रेजों को भगाया जा रहा था, तब यहां के लोग कॉर्बेट के परिवार को विदेश जाने से रोक रहे थे लेकिन कॉर्बेट अपने परिवार सहित कीनिया चले गए। वहां 19 अप्रैल 1955 को उनका देहांत हो गया।
विज्ञापन




आज मनेगा कॉर्बेट का जन्मदिन
जिम कार्बेट का जन्मदिन कॉर्बेट ग्राम विकास समिति की ओर से प्रतिवर्ष मनाया जाता है। समिति अध्यक्ष राजकुमार पांडे ने बताया कि बुधवार सुबह 10 बजे कॉर्बेट संग्रहालय में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कॉर्बेट को याद किया जाएगा। गांव में पौधरोपण भी किया जाएगा।
विज्ञापन


छोटी हल्द्वानी को जैविक गांव बनाने का प्रयास
कॉर्बेट की जयंती पर 25 जुलाई से छोटी हल्द्वानी गांव को जैविक गांव बनाने का प्रयास किया जाएगा। कार्बेट ग्राम विकास समिति के संरक्षक इंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि सुविधा नामक संस्था के सहयोग से इसकी शुरुआत की जाएगी। इसके तहत प्रत्येक ग्रामवासी को निशुल्क गोबर गैस, वर्मी कंपोस्ट, पिट, बीज, फसलों के लिए कीटनाशक दिलाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


फोटो-
कालाढूंगी के म्यूजियम में लगी जिम कॉर्बेट की मूर्ति, म्यूजियम।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed