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क्षेत्र के 230 में से 108 तालाब अतिक्रमण की जद में
Updated Sat, 16 Jun 2018 12:12 AM IST
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खटीमा में विकास खंड ने केंद्र सरकार की जल संरक्षण एवं जल संवर्धन (एनआरएम) योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के तालाबों को मनरेगा योजना के तहत साफ कराना है।
ग्रामीण क्षेत्र के 230 में से अब तक 18 तालाबों को मनरेगा योजना के तहत साफ कराया जा चुका है। तहसील में 108 ऐसे तालाब हैं, जिन पर अतिक्रमण किया गया है। अतिक्रमणकारियों द्वारा इन तालाबों में मकान, पट्टा, खेती की जा रही है।
13 जून को हाईकोर्ट के राज्य में स्थित तालाबों से छह महीने के भीतर अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। हाईकोर्ट के निर्णय से तहसील क्षेत्र के अतिक्रमित 108 तालाबों के खाली होने की उम्मीद बन गई है।
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अतिक्रमण की जद में नगर के पुराने वार्ड संख्या आठ में तालाब होना दर्शाया गया है। इस तालाब में आबादी के साथ-साथ लीज पट्टे भी स्वीकृत हैं। नगर से लगे उमरुखुर्द में आठ तालाबों पर अतिक्रमण कर मकान बनाए गए हैं। इसी तरह झनकट में तीन, दियां गांव में छह तालाब हैं। कोई ऐसी ग्राम सभा नहीं हैं जहां अतिक्रमण कर तालाब न पाटे गए हों।
ग्राम प्रधानों को इन तालाबों का प्रस्ताव देकर सफाई कार्य कराने को कहा गया, लेकिन रसूखदारों के अतिक्रमण होने के कारण इन तालाबों से न तो अतिक्रमण हट पा रहा है और न केंद्र सरकार की योजना पर ही काम हो रहा है। -एचसी जोशी, खंड विकास अधिकारी, खटीमा।जदूर
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ग्रामीण क्षेत्र के 230 में से अब तक 18 तालाबों को मनरेगा योजना के तहत साफ कराया जा चुका है। तहसील में 108 ऐसे तालाब हैं, जिन पर अतिक्रमण किया गया है। अतिक्रमणकारियों द्वारा इन तालाबों में मकान, पट्टा, खेती की जा रही है।
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13 जून को हाईकोर्ट के राज्य में स्थित तालाबों से छह महीने के भीतर अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। हाईकोर्ट के निर्णय से तहसील क्षेत्र के अतिक्रमित 108 तालाबों के खाली होने की उम्मीद बन गई है।
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अतिक्रमण की जद में नगर के पुराने वार्ड संख्या आठ में तालाब होना दर्शाया गया है। इस तालाब में आबादी के साथ-साथ लीज पट्टे भी स्वीकृत हैं। नगर से लगे उमरुखुर्द में आठ तालाबों पर अतिक्रमण कर मकान बनाए गए हैं। इसी तरह झनकट में तीन, दियां गांव में छह तालाब हैं। कोई ऐसी ग्राम सभा नहीं हैं जहां अतिक्रमण कर तालाब न पाटे गए हों।
ग्राम प्रधानों को इन तालाबों का प्रस्ताव देकर सफाई कार्य कराने को कहा गया, लेकिन रसूखदारों के अतिक्रमण होने के कारण इन तालाबों से न तो अतिक्रमण हट पा रहा है और न केंद्र सरकार की योजना पर ही काम हो रहा है। -एचसी जोशी, खंड विकास अधिकारी, खटीमा।जदूर