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नैनीताल में शेरवुड काॅलेज का तीन दिवसीय 149वां वार्षिकोत्सव शुरु
Updated Mon, 04 Jun 2018 02:02 AM IST
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शेरवुड कॉलेज नैनीताल का समारोह
- फोटो : अमर उजाला
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नैनीताल। शेरवुड कॉलेज का तीन दिवसीय 149वें वार्षिकोत्सव समारोह रविवार से शुरू हो गया। पहले दिन स्केटिंग, तैराकी शो के अलावा स्कूली बच्चों की ओर से लगाई गई विभिन्न विषयों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। स्कूल के 1993 बैच के छात्रों ने स्कूल प्रबंधन को एक हाउस बेल (घंटी) भेंट की। विद्यालय के पूर्व छात्र रहे सिद्धोजीराव सिथोले (गुरुनाथ योगीराज), उनकी पत्नी शिवांगनी राव सिथोले मुख्य अतिथि रहीं।
उन्होंने कहा कि हमें शांत मन से अपना काम करना चाहिए, क्योंकि एकाग्रता ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि एक बार जब वह स्कूल में पढ़ रहे थे तो इसी दौरान नैनी झील में डूबे किसी व्यक्ति को खोजने के लिए स्कूल प्रबंधन ने उन्हें भेजा था। तब उन्होंने 35 से 40 मिनट तक पांच गोते लगाए थे, उन्हें डूबे व्यक्ति को खोजने में कामयाबी तो नहीं मिली बल्कि स्कूल प्रबंधन ने उन्हें ब्रेवरी पुरस्कार से जरूर नवाजा था। प्रधानाचार्य अमनदीप संधू समेत सभी अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर हेम चंद्र पांडे, बासु साह, अजय शर्मा, एसडी पाठक, पूनम स्वामी, एएस मेहरा, प्रदीप भट्ट, राजकुमार, अजय वक्ता आदि मौजूद थे। सोमवार को विभिन्न नाटकों का मंचन होगा, शाम सात बजे से नाइट पीटी, जिम्नास्टिक, टार्च लाइट का प्रदर्शन किया जाएगा।
149 वें वार्षिकोत्सव के पहले दिन स्केटिंग, तैराकी प्रतियोगिता और विभिन्न विषयों की प्रदर्शनी लगी
पूर्व छात्र रहे सिद्धोजीराव सिथोले (गुरुनाथ योगीराज) रहे मुख्य अतिथि
पहले दिन ही छा गए बच्चे
पहले दिन स्टेकिंग, तैराकी, विभिन्न कक्षाओं की ओर से बच्चों द्वारा आर्ट्स, क्राफ्ट, साइंस विषयों की प्रदर्शनी लगाई गई। बच्चों ने अतिथियों के सम्मान में प्ले गुलिवर नाटक का मंचन किया। उन्होंने देश के विभिन्न प्रांतों की लोक संस्कृति का प्रदर्शन किया। तैराकी शो के तहत कॉलेज फ्लैग, वाटर फ्लाई स्ट्रोक, बैक स्ट्रोक, फ्री स्टाइल, हैंड बैक ड्राइव, ब्रेस्ट स्ट्रोक, फ्यूजन गर्ल्स, ड्राइविंग डेमो, फ्री फाल, पैंथर क्रॉल, अंडर वाटर, होर्स मैन विंग, 50 मीटर अंडर शो प्रदर्शित किए गए।
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कौन हैं सिद्धोजीराव सिथोले
नैनीताल। 74 वर्षीय सिद्धोजीराव सिथोले मूलरूप से मध्य प्रदेश के ग्वालियर के रहने वाले हैं और सौर राजवंश के इक्षवाकू राम से हैं। इसके राजा और योगी क्रिया और राज योग के पवित्र विज्ञान के संरक्षक हैं। वह तीन साल की उम्र से ही वह घंटों ध्यान किया करते थे। शिव गोरक्षा बाबा जी के सानिध्य में उनका व्यक्तित्व निखरा। वह 1952 से 62 तक शेरवुड कॉलेज में पढ़े हैं। अपनी डॉक्यूमेंट्री विंग्स टू फ्रीडम में उन्होंने बताया है कि मानव शरीर में आत्मा का स्थान कहां है। 2007 में संयुक्त राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने मष्तिश्क के शून्य स्टेट (चरण) पर पहुंचने के बारे में बताया था। वह पत्नी शिवांगिनी के साथ पुणे के एक जंगल में स्थित आश्रम में रहते हैं।
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उन्होंने कहा कि हमें शांत मन से अपना काम करना चाहिए, क्योंकि एकाग्रता ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि एक बार जब वह स्कूल में पढ़ रहे थे तो इसी दौरान नैनी झील में डूबे किसी व्यक्ति को खोजने के लिए स्कूल प्रबंधन ने उन्हें भेजा था। तब उन्होंने 35 से 40 मिनट तक पांच गोते लगाए थे, उन्हें डूबे व्यक्ति को खोजने में कामयाबी तो नहीं मिली बल्कि स्कूल प्रबंधन ने उन्हें ब्रेवरी पुरस्कार से जरूर नवाजा था। प्रधानाचार्य अमनदीप संधू समेत सभी अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर हेम चंद्र पांडे, बासु साह, अजय शर्मा, एसडी पाठक, पूनम स्वामी, एएस मेहरा, प्रदीप भट्ट, राजकुमार, अजय वक्ता आदि मौजूद थे। सोमवार को विभिन्न नाटकों का मंचन होगा, शाम सात बजे से नाइट पीटी, जिम्नास्टिक, टार्च लाइट का प्रदर्शन किया जाएगा।
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149 वें वार्षिकोत्सव के पहले दिन स्केटिंग, तैराकी प्रतियोगिता और विभिन्न विषयों की प्रदर्शनी लगी
पूर्व छात्र रहे सिद्धोजीराव सिथोले (गुरुनाथ योगीराज) रहे मुख्य अतिथि
पहले दिन ही छा गए बच्चे
पहले दिन स्टेकिंग, तैराकी, विभिन्न कक्षाओं की ओर से बच्चों द्वारा आर्ट्स, क्राफ्ट, साइंस विषयों की प्रदर्शनी लगाई गई। बच्चों ने अतिथियों के सम्मान में प्ले गुलिवर नाटक का मंचन किया। उन्होंने देश के विभिन्न प्रांतों की लोक संस्कृति का प्रदर्शन किया। तैराकी शो के तहत कॉलेज फ्लैग, वाटर फ्लाई स्ट्रोक, बैक स्ट्रोक, फ्री स्टाइल, हैंड बैक ड्राइव, ब्रेस्ट स्ट्रोक, फ्यूजन गर्ल्स, ड्राइविंग डेमो, फ्री फाल, पैंथर क्रॉल, अंडर वाटर, होर्स मैन विंग, 50 मीटर अंडर शो प्रदर्शित किए गए।
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कौन हैं सिद्धोजीराव सिथोले
नैनीताल। 74 वर्षीय सिद्धोजीराव सिथोले मूलरूप से मध्य प्रदेश के ग्वालियर के रहने वाले हैं और सौर राजवंश के इक्षवाकू राम से हैं। इसके राजा और योगी क्रिया और राज योग के पवित्र विज्ञान के संरक्षक हैं। वह तीन साल की उम्र से ही वह घंटों ध्यान किया करते थे। शिव गोरक्षा बाबा जी के सानिध्य में उनका व्यक्तित्व निखरा। वह 1952 से 62 तक शेरवुड कॉलेज में पढ़े हैं। अपनी डॉक्यूमेंट्री विंग्स टू फ्रीडम में उन्होंने बताया है कि मानव शरीर में आत्मा का स्थान कहां है। 2007 में संयुक्त राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने मष्तिश्क के शून्य स्टेट (चरण) पर पहुंचने के बारे में बताया था। वह पत्नी शिवांगिनी के साथ पुणे के एक जंगल में स्थित आश्रम में रहते हैं।