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तेंदुए के भय से ग्रामीणों ने दहशत में गुजरी रात
Updated Sun, 13 May 2018 12:33 AM IST
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बाजपुर। गांव भूड़ी बन्नाखेड़ा में बच्चे के साथ तेंदुआ दिखाई देने से ग्रामीणों ने दहशत में रात गुजारी। ग्रामीणों ने ट्रैक्टरों की लाइट जलाकर पहरा भी दिया। क्षेत्र में लगातार तेंदुए की दस्तक से महिलाएं जंगल से चारा लाने से कतरा रही हैं। वही गांव सहित नजदीक विद्यालयों में शनिवार को बच्चों की संख्या भी कम रही।
इधर, शनिवार देर रात भी गांव के रिंकू और हरपाल के घर के पीछे झाड़ियों में तेंदुआ दुबका हुआ था। शोर होने पर ग्रामीण लाठी डंडे लेकर बाहर निकले। तो तेंदुआ जंगल में निकल गया। सूचना पर वन दरोगा बन्नाखेड़ा पुष्पेंद्र मौके पर पहुंचे और कांबिंग की।
बता दें कि शुक्रवार को गांव भूड़ी बन्नाखेड़ा में तेंदुए ने हमला कर कुंती देवी, लक्ष्मण सिंह, आनंद सिंह और मनोहर को भी जख्मी कर दिया। जंगलात टीम ने मशक्कत के बाद बेहोश कर तेंदुए को पकड़कर घने जंगल में छोड़ा था। शुक्रवार को देर शाम साढ़े आठ बजे बच्चे के साथ मादा तेंदुआ फिर दिखाई देने से ग्रामीण भयभीत हो गए। देर रात ग्रामीणों ने ट्रैक्टरों की लाइटें जलाकर खेतों में गश्त की। किसान जीत सिंह ने बताया कि तेंदुए को लेकर ग्रामीण दहशतजदा हैं। फसलों की सिंचाई करने तक नहीं जा रहे हैं।
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उन्होंने वन विभाग से रात्रि गश्त और ट्रैप कैमरे लगाने की मांग की है। इधर, प्रधान हीरा सिंह ने बताया कि तेंदुए के हमले से घायल कुंती देवी हल्द्वानी अस्पताल से इलाज के बाद घर आ गई है। महिला बहुत दहशत में है। एसडीओ कलम सिंह बिष्ट ने बताया कि गांव में तेंदुए के होने की कोई पुष्ट नहीं हुई। शुक्रवार को तेंदुए के हमले से ग्रामीण दहशत में है। फिर भी क्षेत्र में जंगलात कर्मचारी नजर रखे हुए हैं।
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इधर, शनिवार देर रात भी गांव के रिंकू और हरपाल के घर के पीछे झाड़ियों में तेंदुआ दुबका हुआ था। शोर होने पर ग्रामीण लाठी डंडे लेकर बाहर निकले। तो तेंदुआ जंगल में निकल गया। सूचना पर वन दरोगा बन्नाखेड़ा पुष्पेंद्र मौके पर पहुंचे और कांबिंग की।
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बता दें कि शुक्रवार को गांव भूड़ी बन्नाखेड़ा में तेंदुए ने हमला कर कुंती देवी, लक्ष्मण सिंह, आनंद सिंह और मनोहर को भी जख्मी कर दिया। जंगलात टीम ने मशक्कत के बाद बेहोश कर तेंदुए को पकड़कर घने जंगल में छोड़ा था। शुक्रवार को देर शाम साढ़े आठ बजे बच्चे के साथ मादा तेंदुआ फिर दिखाई देने से ग्रामीण भयभीत हो गए। देर रात ग्रामीणों ने ट्रैक्टरों की लाइटें जलाकर खेतों में गश्त की। किसान जीत सिंह ने बताया कि तेंदुए को लेकर ग्रामीण दहशतजदा हैं। फसलों की सिंचाई करने तक नहीं जा रहे हैं।
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उन्होंने वन विभाग से रात्रि गश्त और ट्रैप कैमरे लगाने की मांग की है। इधर, प्रधान हीरा सिंह ने बताया कि तेंदुए के हमले से घायल कुंती देवी हल्द्वानी अस्पताल से इलाज के बाद घर आ गई है। महिला बहुत दहशत में है। एसडीओ कलम सिंह बिष्ट ने बताया कि गांव में तेंदुए के होने की कोई पुष्ट नहीं हुई। शुक्रवार को तेंदुए के हमले से ग्रामीण दहशत में है। फिर भी क्षेत्र में जंगलात कर्मचारी नजर रखे हुए हैं।