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किडनी कांड मामले में अरुण पांडेय और जगदीश को अंतरिम जमानत
Updated Thu, 26 Apr 2018 02:12 AM IST
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court Shimla
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नैनीताल। हाईकोर्ट ने मानव अंग प्रत्यारोपण के मामले में आरोपी अरुण पांडेय व जगदीश को एक माह के लिए अंतरिम जमानत दे दी है।
बुधवार को न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। 11 नवंबर 2017 को पुलिस को यह जानकारी मिली थी कि गंगोत्री चेरिटेबल अस्पताल डेंटल इंस्टीट्यूट परिसर लालतप्पड़ देहरादून में धोखाधड़ी से लोगों को बहला फुसलाकर उनकी किडनी का प्रत्यारोपण किया जा रहा है। पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
सुनवाई के दौरान निदेशक गंगोत्री ह्यूमन रिसोर्स अरुण पांडेय के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता का स्वास्थ्य ख़राब है और उसका इलाज होना है। उन्होंने इस संबंध मे मेडिकल रिपोर्ट पेश की। दूसरे आरोपी जगदीश के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया की याची के चाचा की मौत हो गई है और उसकी माता का इलाज करना है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने इलाज के लिए याचिकाकर्ताओं को एक माह के लिए अंतरिम जमानत दे दी।
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बुधवार को न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। 11 नवंबर 2017 को पुलिस को यह जानकारी मिली थी कि गंगोत्री चेरिटेबल अस्पताल डेंटल इंस्टीट्यूट परिसर लालतप्पड़ देहरादून में धोखाधड़ी से लोगों को बहला फुसलाकर उनकी किडनी का प्रत्यारोपण किया जा रहा है। पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
सुनवाई के दौरान निदेशक गंगोत्री ह्यूमन रिसोर्स अरुण पांडेय के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता का स्वास्थ्य ख़राब है और उसका इलाज होना है। उन्होंने इस संबंध मे मेडिकल रिपोर्ट पेश की। दूसरे आरोपी जगदीश के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया की याची के चाचा की मौत हो गई है और उसकी माता का इलाज करना है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने इलाज के लिए याचिकाकर्ताओं को एक माह के लिए अंतरिम जमानत दे दी।
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