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रीयल एस्टेट रेग्युलेशन के तहत हो रजिस्ट्री
Updated Fri, 23 Feb 2018 12:20 AM IST
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सितारगंज। उपजिलाधिकारी विनोद कुमार ने सब रजिस्ट्रार कार्यालय व तहसील के स्टांप वेंडरों और अराजयनवीसों के काउंटरों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि रीयल एस्टेट रेग्यूलेशन के नियमों के तहत ही रजिस्ट्री का कार्य किया जाए।
बृहस्पतिवार को एसडीएम कुमार ने सब रजिस्ट्रार कार्यालय में वर्ष 2017-18 में की गई जमीनों की रजिस्ट्री की जानकारी ली। साथ ही विवाह पंजीकरण भी देखे। बताया कि हर माह चार से पांच ही विवाद पंजीकरण हो रहे हैं, जोकि कम हैं। विवाह पंजीकरण अनिवार्य हो गया है। इसलिए विवाह पंजीकरण के लिए जागरूक करने को प्रचार प्रसार भी किया जाए।
उन्होंने कहा कि रीयल एस्टेट रेगुलेशन एक्ट के तहत कौन बिल्डर है या नहीं, इसका पता जरूर करें। उसके बाद ही भूमि की रजिस्ट्री की कार्रवाई होनी चाहिए। तहसील में स्टांप वेंडरों को तय दरों पर ही नोटरी करने और निर्धारित मूल्य पर स्टांप बेचने के निर्देश दिए। कहा कि लाइसेंसधारक अरायजनवीस ही काम करेंगे। वहां तहसीलदार शेर सिंह ग्वाल आदि थे।
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बृहस्पतिवार को एसडीएम कुमार ने सब रजिस्ट्रार कार्यालय में वर्ष 2017-18 में की गई जमीनों की रजिस्ट्री की जानकारी ली। साथ ही विवाह पंजीकरण भी देखे। बताया कि हर माह चार से पांच ही विवाद पंजीकरण हो रहे हैं, जोकि कम हैं। विवाह पंजीकरण अनिवार्य हो गया है। इसलिए विवाह पंजीकरण के लिए जागरूक करने को प्रचार प्रसार भी किया जाए।
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उन्होंने कहा कि रीयल एस्टेट रेगुलेशन एक्ट के तहत कौन बिल्डर है या नहीं, इसका पता जरूर करें। उसके बाद ही भूमि की रजिस्ट्री की कार्रवाई होनी चाहिए। तहसील में स्टांप वेंडरों को तय दरों पर ही नोटरी करने और निर्धारित मूल्य पर स्टांप बेचने के निर्देश दिए। कहा कि लाइसेंसधारक अरायजनवीस ही काम करेंगे। वहां तहसीलदार शेर सिंह ग्वाल आदि थे।
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