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ऊर्जा प्रदेश में खरीदकर दे रहे बिजली
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बिजली चोरी
- फोटो : सांकेतिक चित्र
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हल्द्वानी। सर्दियों के साथ ही बिजली उत्पादन गिरना शुरू हो गया है। नाम के ऊर्जा प्रदेश में खरीदकर बिजली जनता को दी जा रही है। ऊर्जा निगम प्रतिमाह दो से चार करोड़ की बिजली खरीद रहा है।
राज्य में प्रतिदिन लगभग 38.3 से लेकर 38.5 मिलियन यूनिट बिजली की डिमांड है। जबकि 14 इकाईयों से महज 13.7 मिलियन यूनिट का उत्पादन हो रहा है। 11.3 मिलियन यूनिट बिजली सेंट्रल सेक्टर से मिल रही है। जबकि 6.4 मिलियन यूनिट बिजली बैंकिंग की मिल रही है। पॉवर कारपोरेशन 7.1 मिलियन यूनिट बिजली प्रतिदिन खरीद रहा है। ग्रिड पर बिजली की कीमत अलग-अलग होती है। पीक आवर्स पर बिजली खरीदने पर सबसे महंगी पड़ती है। कॉरपोरेशन चार से आठ रुपये प्रति यूनिट की हिसाब से बिजली खरीद रहा है। एक माह में बिजली के लिए दो से चार करोड़ रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए कोई नई इकाई नहीं लगाई गई। अधिशासी अभियंता एपी सिंह ने बताया कि बिजली की कमी खरीदकर पूरी की जा रही है। कहा कि नया पॉवर प्रोजेक्ट लगाने में कई तकनीकी दिक्कतें आती हैं। इनको दूर करने के बाद ही नई इकाई लग सकती है।
प्रतिदिन सात मिलियन यूनिट बिजली खरीद रहा ऊर्जा निगम
चार रुपये प्रति यूनिट से लेकर आठ रुपये प्रति यूनिट तक खरीदी जा रही बिजली
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राज्य में प्रतिदिन लगभग 38.3 से लेकर 38.5 मिलियन यूनिट बिजली की डिमांड है। जबकि 14 इकाईयों से महज 13.7 मिलियन यूनिट का उत्पादन हो रहा है। 11.3 मिलियन यूनिट बिजली सेंट्रल सेक्टर से मिल रही है। जबकि 6.4 मिलियन यूनिट बिजली बैंकिंग की मिल रही है। पॉवर कारपोरेशन 7.1 मिलियन यूनिट बिजली प्रतिदिन खरीद रहा है। ग्रिड पर बिजली की कीमत अलग-अलग होती है। पीक आवर्स पर बिजली खरीदने पर सबसे महंगी पड़ती है। कॉरपोरेशन चार से आठ रुपये प्रति यूनिट की हिसाब से बिजली खरीद रहा है। एक माह में बिजली के लिए दो से चार करोड़ रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए कोई नई इकाई नहीं लगाई गई। अधिशासी अभियंता एपी सिंह ने बताया कि बिजली की कमी खरीदकर पूरी की जा रही है। कहा कि नया पॉवर प्रोजेक्ट लगाने में कई तकनीकी दिक्कतें आती हैं। इनको दूर करने के बाद ही नई इकाई लग सकती है।
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प्रतिदिन सात मिलियन यूनिट बिजली खरीद रहा ऊर्जा निगम
चार रुपये प्रति यूनिट से लेकर आठ रुपये प्रति यूनिट तक खरीदी जा रही बिजली