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बाघ और तेंदुओं को बचाने के लिए अब कुतों को लगेंगे टीके
Updated Sat, 06 Oct 2018 02:06 AM IST
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हल्द्वानी। गुजरात सरसिया में गंभीर बीमारी से 33 शेरों की मौत के बाद वन विभाग भी हरकत में आ गया है। वन विभाग नंधौर और पवलगढ़ सेंचुरी के आसपास के गांवों में कुत्तों का वैक्सीनेशन करेगा। कुत्तों में विभाग की ओर से कैनाइन डिस्टेम्पर की वैक्सीन लगाई जाएगी।
शुक्रवार को वन विभाग के अधिकारियों की बैठक एफटीआई में हुई। बैठक में गुजरात में शेरों की मौत के बाद नंधौर और पवलगढ़ सेंचुरी से लगते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के कुत्ताें में कैनाइन डिस्टेम्पर की वैक्सीन लगाई जाने का निर्णय लिया। तराई पूर्वी वन प्रभाग के डीएफओ नितिशमणि त्रिपाठी ने बताया कि गुजरात में शेरों की मौत कुत्तों में पाए जाने वाले कैनाइन डिस्टेम्पर वायरस से हुई है। यहां के बाघ और तेंदुए में ये रोग फैलने से बचाने के लिए कुत्तों में कैनाइन डिस्टेम्पर की वैक्सीन लगाई जाएगी।
डेंगू और मलेरिया से बचाएगी होम्योपैथिक दवा
हल्द्वानी। वन विभाग ने अपने कर्मचारियों को डेंगू और मलेरिया से बचाने के लिए होम्योपैथिक दवा बनाई है। शुक्रवार को ये दवा वन कर्मचारियों को वितरित की गई। पूर्वी तराई वन प्रभाग के डीएफओ नितिशमणि त्रिपाठी ने बताया कि वन विभाग ने ये दवा हल्द्वानी के होम्योपैथिक डाक्टर से बनाई है। इसके सेवन से डेंगू और मलेरिया नहीं होता है।
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जंगलों में होगी ट्रैक्टरों से गश्त
हल्द्वानी। डब्लूडब्लूएफ ने तीन वन प्रभाग को तीन ट्रैक्टर दिए हैं। अब इन ट्रैक्टरों से ऐसे क्षेत्रों में की जाएगी, जहां जीप सहित अन्य वाहन नहीं पहुंचते हैं। शुक्रवार को डब्लूडब्लूएफ ने तराई पश्चिमी, तराई पूर्वी और हल्द्वानी वन प्रभाग को तीन ट्रैक्टर दिए। इस दौरान वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त पराग मधुकर धकाते, डीएफओ तराई केंद्रीय कल्याणी, डीएफओ तराई पूर्वी नितिशमणी त्रिपाठी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
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शुक्रवार को वन विभाग के अधिकारियों की बैठक एफटीआई में हुई। बैठक में गुजरात में शेरों की मौत के बाद नंधौर और पवलगढ़ सेंचुरी से लगते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के कुत्ताें में कैनाइन डिस्टेम्पर की वैक्सीन लगाई जाने का निर्णय लिया। तराई पूर्वी वन प्रभाग के डीएफओ नितिशमणि त्रिपाठी ने बताया कि गुजरात में शेरों की मौत कुत्तों में पाए जाने वाले कैनाइन डिस्टेम्पर वायरस से हुई है। यहां के बाघ और तेंदुए में ये रोग फैलने से बचाने के लिए कुत्तों में कैनाइन डिस्टेम्पर की वैक्सीन लगाई जाएगी।
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डेंगू और मलेरिया से बचाएगी होम्योपैथिक दवा
हल्द्वानी। वन विभाग ने अपने कर्मचारियों को डेंगू और मलेरिया से बचाने के लिए होम्योपैथिक दवा बनाई है। शुक्रवार को ये दवा वन कर्मचारियों को वितरित की गई। पूर्वी तराई वन प्रभाग के डीएफओ नितिशमणि त्रिपाठी ने बताया कि वन विभाग ने ये दवा हल्द्वानी के होम्योपैथिक डाक्टर से बनाई है। इसके सेवन से डेंगू और मलेरिया नहीं होता है।
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जंगलों में होगी ट्रैक्टरों से गश्त
हल्द्वानी। डब्लूडब्लूएफ ने तीन वन प्रभाग को तीन ट्रैक्टर दिए हैं। अब इन ट्रैक्टरों से ऐसे क्षेत्रों में की जाएगी, जहां जीप सहित अन्य वाहन नहीं पहुंचते हैं। शुक्रवार को डब्लूडब्लूएफ ने तराई पश्चिमी, तराई पूर्वी और हल्द्वानी वन प्रभाग को तीन ट्रैक्टर दिए। इस दौरान वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त पराग मधुकर धकाते, डीएफओ तराई केंद्रीय कल्याणी, डीएफओ तराई पूर्वी नितिशमणी त्रिपाठी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।