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गौला पार आईएसबीटी
Updated Fri, 23 Feb 2018 02:12 AM IST
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हल्द्वानी। अंतरराज्यीय बस अड्डे को लेकर लोनिवि, परिवहन, पुलिस और प्रशासन ने प्रदेश सरकार की पसंद को ही अपनी पसंद भी बना लिया है। विभागों ने तकनीकी मुआयने में अंतरराज्यीय बस अड्डे के लिए तीनपानी मुक्त विश्वविद्यालय के समीप की वन भूमि को मुफीद बताया है। यह रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। अब देहरादून में इसी रिपोर्ट के आधार पर शासन की ओर से भी प्रस्तावित बस अड्डे की भूमि पर मुहर लगने की संभावना है।
परिवहन विभाग के प्रबंध निदेशक बृजेश कुमार संत की अध्यक्षता में गठित दल को पिछले सप्ताह बस अड्डे के लिए भूमि चयन का जिम्मा सौंपा गया था। पिछले हफ्ते आए दल ने वानिकी प्रशिक्षण अकादमी की 12.5 एकड़, तीन पानी बरेली रोड मुक्त विवि के समीप 25 एकड़ और नोवा स्टील फैक्ट्री की 27 एकड़ जमीन देखी थी। जांच दल ने परिवहन, लोनिवि, पुलिस, प्रशासन को अपने अपने विभागों के मद्देनजर तकनीकी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे। सभी विभागों ने तीनों स्थानों का तकनीकी मुआयना कर लिया है। सभी स्थानों की कनेक्टिविटी, कानून व्यवस्था, सुविधाएं मुहैया कराने की रिपोर्ट बनाई गई है। सूत्रों की माने तों इन सभी रिपोर्टों में तीनपानी मुक्त विवि की जमीन को सबसे मुफीद बताया गया है। रिपोर्ट में सड़कों के जाल, कानून व्यवस्था, हाईवे से जुड़ाव, वाहनों की उपलब्धता वगैरह में सबसे उत्तम तीन पानी को बताया गया है। सभी विभागों ने पहली पसंद बताते हुए रिपोर्ट तैयार की है। यह रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। फिर बैठक की औपचारिकता पूरी करने के बाद शासन तीन पानी में बस अड्डा बनाने की घोषणा कर सकता है।
अंतरराज्यीय बस अड्डे के लिए तकनीकी जांच दल ने तीन पानी पर लगाई मुहर
विभागों ने रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी
विधायकों और पदाधिकारियों की बचाई लाज
हल्द्वानी। भाजपा जिला समिति ने ट्रांसपोर्ट नगर में कार्यक्रम कर तीन पानी मुक्त विवि की जमीन का चयन करने को लेकर मिठाई बांटी थी। इसमें भाजपा के सभी विधायक, जिला पदाधिकारी भी मौजूद थे। बाद में इसकी तकनीकी कमियों को लेकर मीडिया में काफी किरकिरी हुई थी। इधर रिपोर्ट में तीन पानी पसंद बनने से इनकी भी लाज बच जाएगी।
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यक्ष प्रश्न अभी भी है खड़ा
हल्द्वानी। बेशक, सभी विभागों ने रिपोर्ट में तीन पानी मुक्त विवि की वन भूमि को मुफीद बताया है लेकिन यहां खैर का जंगल है। खैर के काटने पर प्रतिबंध है ऐसे में यक्ष प्रश्न यह खड़ा है कि विलुप्त होने की कगार पर पहुंच चुके वनस्पति को काटने की अनुमति कैसे मिलेगी।
कैसे करे बिल का आगणन, हो रही माथापच्ची
हल्द्वानी। नागार्जुन ने गौला पार आईएसबीटी में भूमि के समतलीकरण आदि के 2.5 करोड़ के बिल बनाए हैं। एमडी संत ने इनकी जांच के निर्देश दिए थे। अब सवाल यह है कि एक साल पूर्व हुए समतलीकरण, मिट्टी भरान की माप जोख कैसे की जाए इसको लेकर अफसर माथा पच्ची कर रहे हैं। दरअसल, एक-डेढ़ साल पूर्व कांग्रेस सरकार में नागार्जुन को ठेका दिया था तब वन भूमि में कितने वृक्ष हैं, कितने गड्ढे हैं इनकी लंबाई, चौड़ाई, गहराई, टीले वगैरह की कोई रिपोर्ट नहीं है। जब रिपोर्ट नहीं है तो नागार्जुन ने कितना काम किया है इसका आकलन करना बेहद मुश्किल है। अब अफसर माथा पच्ची कर रहे है कि किस तरह से बिल की माप जोख की जाए। सूत्रों की मानें तो काम देख कर 40 लाख रुपये का भुगतान होने की संभावना है।
न ड्राइंग अनुमन्य, न करार ही हुआ
हल्द्वानी। नागार्जुन की अंतरराज्यीय बस अड्डे को लेकर ड्राइंग ही स्वीकृत नहीं हुई है। न ही कोई करार हुआ है। अब सवाल यह है कि जब डिजाइन ही स्वीकृत नहीं हुआ तो काम किस आधार पर किया गया।
7.5 करोड़ मिले है मोबलाइजेशन के
हल्द्वानी। सूत्रों की नागार्जुन कंपनी को मोबलाइजेशन के 7.5 करोड़ एडवांस दिए गए थे। ये किस आधार पर और कैसे दिए गए इस पर भी जांच चल रही है।
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परिवहन विभाग के प्रबंध निदेशक बृजेश कुमार संत की अध्यक्षता में गठित दल को पिछले सप्ताह बस अड्डे के लिए भूमि चयन का जिम्मा सौंपा गया था। पिछले हफ्ते आए दल ने वानिकी प्रशिक्षण अकादमी की 12.5 एकड़, तीन पानी बरेली रोड मुक्त विवि के समीप 25 एकड़ और नोवा स्टील फैक्ट्री की 27 एकड़ जमीन देखी थी। जांच दल ने परिवहन, लोनिवि, पुलिस, प्रशासन को अपने अपने विभागों के मद्देनजर तकनीकी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे। सभी विभागों ने तीनों स्थानों का तकनीकी मुआयना कर लिया है। सभी स्थानों की कनेक्टिविटी, कानून व्यवस्था, सुविधाएं मुहैया कराने की रिपोर्ट बनाई गई है। सूत्रों की माने तों इन सभी रिपोर्टों में तीनपानी मुक्त विवि की जमीन को सबसे मुफीद बताया गया है। रिपोर्ट में सड़कों के जाल, कानून व्यवस्था, हाईवे से जुड़ाव, वाहनों की उपलब्धता वगैरह में सबसे उत्तम तीन पानी को बताया गया है। सभी विभागों ने पहली पसंद बताते हुए रिपोर्ट तैयार की है। यह रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। फिर बैठक की औपचारिकता पूरी करने के बाद शासन तीन पानी में बस अड्डा बनाने की घोषणा कर सकता है।
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अंतरराज्यीय बस अड्डे के लिए तकनीकी जांच दल ने तीन पानी पर लगाई मुहर
विभागों ने रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी
विधायकों और पदाधिकारियों की बचाई लाज
हल्द्वानी। भाजपा जिला समिति ने ट्रांसपोर्ट नगर में कार्यक्रम कर तीन पानी मुक्त विवि की जमीन का चयन करने को लेकर मिठाई बांटी थी। इसमें भाजपा के सभी विधायक, जिला पदाधिकारी भी मौजूद थे। बाद में इसकी तकनीकी कमियों को लेकर मीडिया में काफी किरकिरी हुई थी। इधर रिपोर्ट में तीन पानी पसंद बनने से इनकी भी लाज बच जाएगी।
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यक्ष प्रश्न अभी भी है खड़ा
हल्द्वानी। बेशक, सभी विभागों ने रिपोर्ट में तीन पानी मुक्त विवि की वन भूमि को मुफीद बताया है लेकिन यहां खैर का जंगल है। खैर के काटने पर प्रतिबंध है ऐसे में यक्ष प्रश्न यह खड़ा है कि विलुप्त होने की कगार पर पहुंच चुके वनस्पति को काटने की अनुमति कैसे मिलेगी।
कैसे करे बिल का आगणन, हो रही माथापच्ची
हल्द्वानी। नागार्जुन ने गौला पार आईएसबीटी में भूमि के समतलीकरण आदि के 2.5 करोड़ के बिल बनाए हैं। एमडी संत ने इनकी जांच के निर्देश दिए थे। अब सवाल यह है कि एक साल पूर्व हुए समतलीकरण, मिट्टी भरान की माप जोख कैसे की जाए इसको लेकर अफसर माथा पच्ची कर रहे हैं। दरअसल, एक-डेढ़ साल पूर्व कांग्रेस सरकार में नागार्जुन को ठेका दिया था तब वन भूमि में कितने वृक्ष हैं, कितने गड्ढे हैं इनकी लंबाई, चौड़ाई, गहराई, टीले वगैरह की कोई रिपोर्ट नहीं है। जब रिपोर्ट नहीं है तो नागार्जुन ने कितना काम किया है इसका आकलन करना बेहद मुश्किल है। अब अफसर माथा पच्ची कर रहे है कि किस तरह से बिल की माप जोख की जाए। सूत्रों की मानें तो काम देख कर 40 लाख रुपये का भुगतान होने की संभावना है।
न ड्राइंग अनुमन्य, न करार ही हुआ
हल्द्वानी। नागार्जुन की अंतरराज्यीय बस अड्डे को लेकर ड्राइंग ही स्वीकृत नहीं हुई है। न ही कोई करार हुआ है। अब सवाल यह है कि जब डिजाइन ही स्वीकृत नहीं हुआ तो काम किस आधार पर किया गया।
7.5 करोड़ मिले है मोबलाइजेशन के
हल्द्वानी। सूत्रों की नागार्जुन कंपनी को मोबलाइजेशन के 7.5 करोड़ एडवांस दिए गए थे। ये किस आधार पर और कैसे दिए गए इस पर भी जांच चल रही है।