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चीनी मिल बंदी को लेकर धरना दे रहे किसान जाएंगे हाईकोर्ट
Updated Sun, 17 Dec 2017 12:41 AM IST
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सितारगंज चीनी मिल को पीपीपी मोड पर देने के लिए उसे तत्काल प्रभाव से बंद करने के विरोध में धरना दे रहे किसान अब हाइकोर्ट की शरण लेंगे। सीटू जिलाध्यक्ष ने कहा कि सीएम के सितारगंज दौरे पर किसानों को बड़ी उम्मीदें थी, लेकिन सीएम अपने फैसले पर अडिग दिखाई और उन्होंने गन्ना कृषकों की कोई सुध नहीं ली।
नगर की सहकारी गन्ना विकास समिति में लघु एवं सीमांत किसान संघर्ष समिति व सेंट्रल इंडियन ट्रेड यूनियन के तत्वावधान में चल रहा किसानों का धरना शनिवार को स्थगित हो गया। किसानों ने कहा कि क्षेत्र में गन्ने की पैदावार बेहतर हुई है। सरकार ने तत्काल प्रभाव से चीनी मिल को बंद कर यहां के किसानों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। कहा कि किसान पिछले छह दिनों से बेमियादी धरना दे रहे थे, जिन्हें सीएम के सितारगंज आगमन पर काफी उम्मीदें थीं। कहा कि इस मामले को लेकर मंगलवार को किसान हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। धरने पर जीके मंडल, सत्यनारायण, तुलसी राम, शिवशंकर यादव, सतवंत सिंह, सलीम रिजवी, लखविंदर सिंह, बलविंदर सिंह परदेशी, सनातन राय आदि थे।
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नगर की सहकारी गन्ना विकास समिति में लघु एवं सीमांत किसान संघर्ष समिति व सेंट्रल इंडियन ट्रेड यूनियन के तत्वावधान में चल रहा किसानों का धरना शनिवार को स्थगित हो गया। किसानों ने कहा कि क्षेत्र में गन्ने की पैदावार बेहतर हुई है। सरकार ने तत्काल प्रभाव से चीनी मिल को बंद कर यहां के किसानों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। कहा कि किसान पिछले छह दिनों से बेमियादी धरना दे रहे थे, जिन्हें सीएम के सितारगंज आगमन पर काफी उम्मीदें थीं। कहा कि इस मामले को लेकर मंगलवार को किसान हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। धरने पर जीके मंडल, सत्यनारायण, तुलसी राम, शिवशंकर यादव, सतवंत सिंह, सलीम रिजवी, लखविंदर सिंह, बलविंदर सिंह परदेशी, सनातन राय आदि थे।
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