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रामनगर की अर्चना जोशी की नेट में 28वीं रैंक
Updated Mon, 04 Dec 2017 01:58 AM IST
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रामनगर (नैनीताल)। ग्राम चोरपानी निवासी अर्चना जोशी ने अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित सीबीएसई नेट में 28वीं रैंक प्राप्त कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया। अर्चना अभी जीबी पंत विश्वविद्यालय पंतनगर में पीएचडी (विज्ञान वर्ग) की छात्रा हैं। अर्चना की प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर में हुई। जीजीआईसी से इंटर करने के बाद पीएनजीपीजी कॉलेज से रसायन विज्ञान में एमएससी की। अर्चना के पिता एनके जोशी एडवोकेट, माता सुमन जोशी ग्रहणी हैं। अर्चना के दादा रामदत्त जोशी पूर्व विधायक थे। यहां का सरकारी अस्पताल उनके नाम पर है। अर्चना ने जिला स्तरीय विज्ञान प्रतियोगिता में प्रथम, राज्यस्तरीय विज्ञान प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त किया था। अर्चना की इस उपलब्धि पर परिजनों समेत गुरुजनोें ने भी खुशी व्यक्त की है। उनके घर में बधाई देने वालों का तांता लग गया।
फोटो संख्या 03 आरएनआरपी 11
सिविल सर्विसेज में जाना चाहती हैं अर्चना
रामनगर (नैनीताल)। अधिकतर अभिभावक अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा के लिए महंगे कोचिंग में भेजने को मजबूर हैं। पलायन का भी यही बड़ा कारण है। इसके लिए वह बच्चों को घरेलू काम से दूर रखकर उन्हें सिर्फ पढ़ाई पर ही ध्यान देने को कहते हैं लेकिन चोरपानी निवासी पूर्व विधायक स्वर्गीय रामदत्त जोशी की पोती अर्चना ने ऐसे अभिभावकों को आइना दिखाया है। मां सुमन जोशी ने बताया कि अर्चना ने हमेशा सादगी में रहकर हर कक्षा में टॉप किया। अर्चना घास, चारा काटने से लेकर गाय, बछियों की देखभाल भी करती हैं। घर के काम की व्यस्तता के बावजूद अर्चना पढ़ाई पर भी विशेष ध्यान देती हैं। अर्चना ने कभी कोचिंग में नहीं पढ़ा क्योंकि वह किसी पर बोझ नहीं बनना चाहती। अपनी पढ़ाई का खर्चा खुद उठाने के लिए वह गांव के बच्चों को भी पढ़ाती हैं। दो साल पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में सहायक वैज्ञानिक के पद पर उनका चयन हो गया था, लेकिन स्वास्थ्य कारणों के चलते वह नहीं जा सकी। अब वह सिविल सर्विसेज में जाकर जनसेवा करना चाहती हैं। अपने परिजनों से प्रेरणा लेकर वह इनका नाम रोशन करना चाहती हैं। अन्य विद्यार्थियों को संदेश देते हुए बताया कि मेहनत, लगन से हर काम आसान हो जाता है लेकिन आज के युवा फैशन पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। इस कारण वह पढ़ाई को भी गंभीरता से नहीं रहे हैं, जो गलत है। पढ़ाई कहीं भी रहकर की जा जाती है, बशर्ते जितनी देर भी पढ़ें ध्यानपूर्वक पढ़ें।
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फोटो संख्या 03 आरएनआरपी 11
सिविल सर्विसेज में जाना चाहती हैं अर्चना
रामनगर (नैनीताल)। अधिकतर अभिभावक अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा के लिए महंगे कोचिंग में भेजने को मजबूर हैं। पलायन का भी यही बड़ा कारण है। इसके लिए वह बच्चों को घरेलू काम से दूर रखकर उन्हें सिर्फ पढ़ाई पर ही ध्यान देने को कहते हैं लेकिन चोरपानी निवासी पूर्व विधायक स्वर्गीय रामदत्त जोशी की पोती अर्चना ने ऐसे अभिभावकों को आइना दिखाया है। मां सुमन जोशी ने बताया कि अर्चना ने हमेशा सादगी में रहकर हर कक्षा में टॉप किया। अर्चना घास, चारा काटने से लेकर गाय, बछियों की देखभाल भी करती हैं। घर के काम की व्यस्तता के बावजूद अर्चना पढ़ाई पर भी विशेष ध्यान देती हैं। अर्चना ने कभी कोचिंग में नहीं पढ़ा क्योंकि वह किसी पर बोझ नहीं बनना चाहती। अपनी पढ़ाई का खर्चा खुद उठाने के लिए वह गांव के बच्चों को भी पढ़ाती हैं। दो साल पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में सहायक वैज्ञानिक के पद पर उनका चयन हो गया था, लेकिन स्वास्थ्य कारणों के चलते वह नहीं जा सकी। अब वह सिविल सर्विसेज में जाकर जनसेवा करना चाहती हैं। अपने परिजनों से प्रेरणा लेकर वह इनका नाम रोशन करना चाहती हैं। अन्य विद्यार्थियों को संदेश देते हुए बताया कि मेहनत, लगन से हर काम आसान हो जाता है लेकिन आज के युवा फैशन पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। इस कारण वह पढ़ाई को भी गंभीरता से नहीं रहे हैं, जो गलत है। पढ़ाई कहीं भी रहकर की जा जाती है, बशर्ते जितनी देर भी पढ़ें ध्यानपूर्वक पढ़ें।
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