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गुरुकुल कांगड़ी के कुलपति पर अयोग्य होने का आरोप
Updated Sat, 14 Oct 2017 01:51 AM IST
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नैनीताल। उच्च न्यायालय ने गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कुलपति की ओर से विश्वविद्यालय में प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर पद पर नियुक्ति किए जाने के मामले में साक्षात्कार प्रक्रिया जारी रखने के निर्देश देते हुए नियुक्ति देने पर रोक लगा दी है।
न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी एवं न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार डा. दीनानाथ शर्मा ने उच्च न्यायालय मेें याचिका दायर कर कहा था कि गुरुकुल कांगड़ी विवि के कुलपति सुरेंद्र कुमार ने अपने फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज लगाए हैं। याचिका में कहा कि इनकी नियुक्ति को चुनौती देने वाली जनहित याचिका उच्च न्यायालय में लंबित है। याचिका में कहा था कि विवि के अयोग्य कुलपति विश्वविद्यालय में नियुक्ति करने के पात्र नहीं हैं। अयोग्य अधिकारी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर पद पर नियुक्ति कर रहे हैं। खंडपीठ ने साक्षात्कार प्रक्रिया जारी रखने के निर्देश देते हुए नियुक्ति देने पर रोक लगा दी है।
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न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी एवं न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार डा. दीनानाथ शर्मा ने उच्च न्यायालय मेें याचिका दायर कर कहा था कि गुरुकुल कांगड़ी विवि के कुलपति सुरेंद्र कुमार ने अपने फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज लगाए हैं। याचिका में कहा कि इनकी नियुक्ति को चुनौती देने वाली जनहित याचिका उच्च न्यायालय में लंबित है। याचिका में कहा था कि विवि के अयोग्य कुलपति विश्वविद्यालय में नियुक्ति करने के पात्र नहीं हैं। अयोग्य अधिकारी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर पद पर नियुक्ति कर रहे हैं। खंडपीठ ने साक्षात्कार प्रक्रिया जारी रखने के निर्देश देते हुए नियुक्ति देने पर रोक लगा दी है।
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