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पानी नहीं मिलेगा तो लगान भी नहीं देंगे
Updated Thu, 29 Jun 2017 11:04 PM IST
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गरुड़ (बागेश्वर)। बारिश के बाद भी बडे़त-नौघर नहर पानी में पानी नहीं आ रहा है। काश्तकार जल पंपों से धान की रोपाई करने को मजबूर है। नौघर के परेशान किसानों ने कहा कि जब सिंचाई के लिए पानी ही नहीं मिल रहा है तो वे सिंचाई लगान भी नहीं देंगे।
नौघर गांव के प्रधान शंकर सिंह नेगी और काश्तकारों ने बताया कि उन्होंने कई सिंचाई विभाग से नहर को दुरुस्त कराने की मांग की है, लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। काश्तकार धान की रोपाई के लिए जल पंपों का सहारा लेने को मजबूर है। बड़ेत, बडे़त-नौघर नहर सिंचाई उप खंड बैजनाथ की सबसे बड़ी नहर है। नहर का पानी अभी नौघर गांव नहीं पहुंचा है।
नौघर के प्रधान नेगी ने बताया कि सिंचाई विभाग की अनदेखी के चलते काश्तकार कई सालों से जल पंपों से नदी से पानी लेने को मजबूर है। नौघर के काश्तकारों ने इस बार लगान नहीं देने का निर्णय लिया है। उधर, बिमोला के प्रधान हरी राम का कहना है कि उन्होंने भी सिंचाई विभाग के आला अधिकारियों से कई बार बड़ेत नहर की दशा सुधारने की मांग की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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नौघर गांव के प्रधान शंकर सिंह नेगी और काश्तकारों ने बताया कि उन्होंने कई सिंचाई विभाग से नहर को दुरुस्त कराने की मांग की है, लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। काश्तकार धान की रोपाई के लिए जल पंपों का सहारा लेने को मजबूर है। बड़ेत, बडे़त-नौघर नहर सिंचाई उप खंड बैजनाथ की सबसे बड़ी नहर है। नहर का पानी अभी नौघर गांव नहीं पहुंचा है।
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नौघर के प्रधान नेगी ने बताया कि सिंचाई विभाग की अनदेखी के चलते काश्तकार कई सालों से जल पंपों से नदी से पानी लेने को मजबूर है। नौघर के काश्तकारों ने इस बार लगान नहीं देने का निर्णय लिया है। उधर, बिमोला के प्रधान हरी राम का कहना है कि उन्होंने भी सिंचाई विभाग के आला अधिकारियों से कई बार बड़ेत नहर की दशा सुधारने की मांग की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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