{"_id":"5b89a01342c792464d1bc166","slug":"141535746067-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्रसंघ चुनाव में पर्यवेक्षण अधिकारियों की तैनाती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्रसंघ चुनाव में पर्यवेक्षण अधिकारियों की तैनाती
Updated Sat, 01 Sep 2018 01:57 AM IST
विज्ञापन
vote
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। डीएम विनोद कुमार सुमन ने छात्रसंघ चुनाव के लिए जिले के दस महाविद्यालयों में सरकारी अधिकारियों को पर्यवेक्षक बनाया है।
इसमें डीएसबी कैंपस नैनीताल में एसडीएम नैनीताल, एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी में नगर मजिस्ट्रेट, इंदिरा प्रियदर्शनी राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय, हल्द्वानी में एसडीएम कालाढूंगी, पीएनजीपी कॉलेज रामनगर में एसडीएम रामनगर, पूर्णानंद तिवारी राजकीय महाविद्यालय दोषापानी चौखुटा में परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अधिकारी, भीमताल, राजकीय महाविद्यालय कोटाबाग में मुख्य कृषि अधिकारी नैनीताल, राजकीय महाविद्यालय बेतालघाट में एसडीएम कोश्याकुटौली, लालबहादुर शास्त्री राजकीय महाविद्यालय हल्दूचौड़ में एसडीएम, हल्द्वानी, राजकीय महाविद्यालय पतलोट में एसडीएम धारी, राजकीय महाविद्यालय मालधनचौड़ में डीपीआरओ नैनीताल को पर्यवेक्षक तैनात किया गया है। इन पर्यवेक्षकों की तैनाती नामांकन से लेकर चुनाव परिणाम तक रहेगी। इन्हें चुनाव में गड़बड़ी होने की स्थिति में प्रशासनिक निर्णय लेते हुए चुनाव प्रक्रिया को निरस्त करने का अधिकार होगा।
विज्ञापन
इसमें डीएसबी कैंपस नैनीताल में एसडीएम नैनीताल, एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी में नगर मजिस्ट्रेट, इंदिरा प्रियदर्शनी राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय, हल्द्वानी में एसडीएम कालाढूंगी, पीएनजीपी कॉलेज रामनगर में एसडीएम रामनगर, पूर्णानंद तिवारी राजकीय महाविद्यालय दोषापानी चौखुटा में परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अधिकारी, भीमताल, राजकीय महाविद्यालय कोटाबाग में मुख्य कृषि अधिकारी नैनीताल, राजकीय महाविद्यालय बेतालघाट में एसडीएम कोश्याकुटौली, लालबहादुर शास्त्री राजकीय महाविद्यालय हल्दूचौड़ में एसडीएम, हल्द्वानी, राजकीय महाविद्यालय पतलोट में एसडीएम धारी, राजकीय महाविद्यालय मालधनचौड़ में डीपीआरओ नैनीताल को पर्यवेक्षक तैनात किया गया है। इन पर्यवेक्षकों की तैनाती नामांकन से लेकर चुनाव परिणाम तक रहेगी। इन्हें चुनाव में गड़बड़ी होने की स्थिति में प्रशासनिक निर्णय लेते हुए चुनाव प्रक्रिया को निरस्त करने का अधिकार होगा।