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14 श्रमिक सुविधा केंद्र बंद करने के आदेश, नए श्रमिकों के पंजीकरण होंगे, नवीनीकरण पर रोक
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प्रतीकात्मक फोटो।
हल्द्वानी। उत्तराखंड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में नए श्रमिकों के पंजीकरण होंगे, लेकिन नवीनीकरण पर फिलहाल रोक है। बोर्ड की सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त होने के बाद यह प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। मंगलवार को श्रमायुक्त कार्यालय में सचिव एवं श्रमायुक्त दीप्ति सिंह ने बोर्ड से संबंधित कामों को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक कर दिशा-निर्देश दिए। राज्य में बोर्ड द्वारा संचालित 14 श्रमिक सुविधा केंद्रों को बंद करने के आदेश देर शाम जारी कर दिए गए।
कर्मकार कल्याण बोर्ड की सचिव एवं श्रमायुक्त दीप्ति सिंह ने बताया कि भारत सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक बोर्ड में पंजीकृत श्रमिकों को लाभ देने की योजनाएं कार्यान्वित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि अभी केवल श्रमिकों के पंजीकरण सीएससी के माध्यम से करने की व्यवस्था लागू है, लेकिन नवीनीकरण नहीं हो रहे हैं। नवीनीकरण कुछ समय बाद शुरू होंगे। प्रदेश में साढ़े तीन लाख श्रमिक पंजीकृत हैं, इसकी जांच कैसे कराई जाए इस पर विचार किया जा रहा है। सचिव ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 14 श्रमिक सुविधा केंद्र संचालित हो रहे थे, जिन्हें तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। इनमें नैनीताल जिले के भी तीन श्रमिक सुविधा केंद्र शामिल हैं।
कर्मकार कल्याण बोर्ड का दफ्तर में हल्द्वानी में ही रखा जाए
हल्द्वानी। भवन निर्माण कर्मकार श्रमिक यूनियन के कुमाऊं मंडल अध्यक्ष हंस पांडे के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल मंगलवार को बोर्ड सचिव एवं श्रमायुक्त दीप्ति सिंह से मिला तथा बोर्ड का दफ्तर पूर्व की भांति हल्द्वानी में रखने की मांग की। यूनियन अध्यक्ष पांडे ने कहा कि श्रमिकों की सुविधा को देखते हुए दफ्तर देहरादून में न रखा जाए। यूनियन के प्रतिनिधियों ने बोर्ड सचिव बनाने पर श्रमायुक्त का स्वागत भी किया।
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कर्मचारियों को हटाने से कामकाज होगा प्रभावित
हल्द्वानी। उपश्रमायुक्त कार्यालय में भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड का दफ्तर भी संचालित होता है। इस कार्यालय में जिले में पंजीकृत 40 हजार श्रमिकों से संबंधित श्रमिकों के कार्य निपटाए जाते हैं। यहां कार्यालय में दो उपनल और एक कर्मचारी पीआरडी से तैनात है। सेवा समाप्त करने के आदेश से कर्मचारियों में मायूसी है। कर्मचारियों के हटने के बाद कार्यालय का कामकाज कैसे होगा, अभी कुछ तय नहीं हुआ है।
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कर्मकार कल्याण बोर्ड की सचिव एवं श्रमायुक्त दीप्ति सिंह ने बताया कि भारत सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक बोर्ड में पंजीकृत श्रमिकों को लाभ देने की योजनाएं कार्यान्वित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि अभी केवल श्रमिकों के पंजीकरण सीएससी के माध्यम से करने की व्यवस्था लागू है, लेकिन नवीनीकरण नहीं हो रहे हैं। नवीनीकरण कुछ समय बाद शुरू होंगे। प्रदेश में साढ़े तीन लाख श्रमिक पंजीकृत हैं, इसकी जांच कैसे कराई जाए इस पर विचार किया जा रहा है। सचिव ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 14 श्रमिक सुविधा केंद्र संचालित हो रहे थे, जिन्हें तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। इनमें नैनीताल जिले के भी तीन श्रमिक सुविधा केंद्र शामिल हैं।
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कर्मकार कल्याण बोर्ड का दफ्तर में हल्द्वानी में ही रखा जाए
हल्द्वानी। भवन निर्माण कर्मकार श्रमिक यूनियन के कुमाऊं मंडल अध्यक्ष हंस पांडे के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल मंगलवार को बोर्ड सचिव एवं श्रमायुक्त दीप्ति सिंह से मिला तथा बोर्ड का दफ्तर पूर्व की भांति हल्द्वानी में रखने की मांग की। यूनियन अध्यक्ष पांडे ने कहा कि श्रमिकों की सुविधा को देखते हुए दफ्तर देहरादून में न रखा जाए। यूनियन के प्रतिनिधियों ने बोर्ड सचिव बनाने पर श्रमायुक्त का स्वागत भी किया।
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कर्मचारियों को हटाने से कामकाज होगा प्रभावित
हल्द्वानी। उपश्रमायुक्त कार्यालय में भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड का दफ्तर भी संचालित होता है। इस कार्यालय में जिले में पंजीकृत 40 हजार श्रमिकों से संबंधित श्रमिकों के कार्य निपटाए जाते हैं। यहां कार्यालय में दो उपनल और एक कर्मचारी पीआरडी से तैनात है। सेवा समाप्त करने के आदेश से कर्मचारियों में मायूसी है। कर्मचारियों के हटने के बाद कार्यालय का कामकाज कैसे होगा, अभी कुछ तय नहीं हुआ है।