फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   लड़ने वालों से दूर रहे पढ़ने वाले

लड़ने वालों से दूर रहे पढ़ने वाले

Wed, 11 Oct 2017 01:59 AM IST
Updated Wed, 11 Oct 2017 01:59 AM IST
विज्ञापन
लड़ने वालों से दूर रहे पढ़ने वाले
हल्द्वानी। पढ़ने वाले चुनाव लड़ने और लड़ाने वालों से अभी भी दूरी बनाए हुए हैं। एमबीपीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव में पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष 11 प्रतिशत कम मतदान हुआ। इस वजह से यह साफ हो गया कि अभी भी कॉलेज के 65 फीसदी से अधिक विद्यार्थी लोकतंत्र के इस अनुष्ठान में अपनी आहूति डालने को तैयार नहीं हैं। कॉलेज के कुल 12,293 में से सिर्फ 4,270 विद्यार्थियों ने ही मतदान किया। इनमें नए यानि पहले साल के विद्यार्थियों को छोड़ दिया जाए तो पुराने छात्रों का रुझान न के बराबर है।
विज्ञापन

करीब एक महीने पहले से चुनाव को लेकर न सिर्फ कॉलेज बल्कि हल्द्वानी और आसपास के इलाकों तक चुनाव का बिगुल फूंका गया। विद्यार्थियों को रिझाने की भरसक कोशिशें हुईं। उन्हें घरों से लाने ले जाने की व्यवस्था भी उम्मीदवारों ने की। उम्मीदवारों ने रातों को जागकर वो सब प्रयास किए जिससे उन्हें अधिक से अधिक वोट मिलें। ठीक है कि इस चुनाव में एक की जीत हुई और दूसरा हारा, लेकिन छात्र राजनीति को मजबूती कतई नहीं मिल रही है। छात्रसंघ चुनाव में जैसा पहले होता रहा है वैसा हंगामा, मारपीट, खूनखराबा जैसा माहौल तो नहीं था, लेकिन चुनाव की पहले की छवि पढ़ने वाले बच्चों को मतदान करने के लिए कॉलेज तक नहीं खींच पाई। हालांकि कई वर्षों के बाद ऐसा नजारा देखने को मिला कि जब बिना मारपीट और खूनखराबे के मतदान हुआ होगा। इस बार छात्रसंघ चुनाव में कम मतदान होने का कारण भी चुनाव में हर बार मारपीट, हंगामा और खून खराबा होने की पुरानी घटनाएं ही रहा, इसी कारण पहले मतदान कर चुके पुराने छात्र-छात्राओं में इस बार मतदान करने में अधिक रुचि नहीं रही। छात्र राजनीति करने वाले अगर चाहते हैं कि कालेजों में लोकतंत्र सबल हो तो उन्हें विद्यार्थियों के बीच से भय समाप्त करना होगा। ‘बड़े’ नेताओं को भी कुछ ऐसा करना होगा जिससे कि छात्रनेताओं की कार्यप्रणाली सुधरें और विद्यार्थियों का उन पर विश्वास बढ़ सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed