{"_id":"59a72bb64f1c1b42738b47b7","slug":"121504127926-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएम ने शहरी विकास सचिव से मांगा बजट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीएम ने शहरी विकास सचिव से मांगा बजट
Updated Thu, 31 Aug 2017 02:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। कालाढूंगी रोड पर कपिलाज रेस्टोरेंट के पास जलभराव से निजात की एक उम्मीद जगी है। जिलाधिकारी ने शहरी विकास सचिव को पत्र लिख कर जल निकासी योजना के लिए 22.90 लाख रुपये का बजट देने की मांग की है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही बजट आवंटित हो सकता है।
मुखानी निवासी हेमचंद्र कपिल ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि कालाढूंगी रोड पर कपिलाजल रेस्टोरेंट के पास बरसात में जलभराव हो जाता है। इससे दुकानदारों और स्थानीय लोगों को परेशानी होती है। उनका कहना है कि जलभराव से महज 70-80 हजार में निजात मिल सकती है जबकि सिंचाई विभाग ने पूर्व में छह लाख, लोनिवि ने करोड़ों का प्रस्ताव बनाया है। इस पर उच्च न्यायालय ने जिला प्रशासन को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इधर डीएम के निर्देशानुसार सिंचाई विभाग ने जल निकासी के लिए करीब 22 लाख का प्रस्ताव बनाया था। अब यह इलाका विनियमित क्षेत्र का है इसलिए विकास निधि से इसका काम नहीं किया जा सकता है। उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार जल निकासी की समस्या से निजात के लिए शहरी विकास सचिव को पत्र लिखकर विकास निधि से धनराशि देने की मांग की है। पत्र में इंदिरा नगर नाले के पुनर्निर्माण के लिए भी 22.04 लाख रुपये देने के लिए कहा गया है ताकि क्षेत्रवासियों को इन समस्या से निजात मिल सके। डीएम दीपेंद्र चौधरी ने बताया कि शहरी विकास से बजट देने की मांग की है जल्द ही बजट मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा।
विज्ञापन
मुखानी निवासी हेमचंद्र कपिल ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि कालाढूंगी रोड पर कपिलाजल रेस्टोरेंट के पास बरसात में जलभराव हो जाता है। इससे दुकानदारों और स्थानीय लोगों को परेशानी होती है। उनका कहना है कि जलभराव से महज 70-80 हजार में निजात मिल सकती है जबकि सिंचाई विभाग ने पूर्व में छह लाख, लोनिवि ने करोड़ों का प्रस्ताव बनाया है। इस पर उच्च न्यायालय ने जिला प्रशासन को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इधर डीएम के निर्देशानुसार सिंचाई विभाग ने जल निकासी के लिए करीब 22 लाख का प्रस्ताव बनाया था। अब यह इलाका विनियमित क्षेत्र का है इसलिए विकास निधि से इसका काम नहीं किया जा सकता है। उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार जल निकासी की समस्या से निजात के लिए शहरी विकास सचिव को पत्र लिखकर विकास निधि से धनराशि देने की मांग की है। पत्र में इंदिरा नगर नाले के पुनर्निर्माण के लिए भी 22.04 लाख रुपये देने के लिए कहा गया है ताकि क्षेत्रवासियों को इन समस्या से निजात मिल सके। डीएम दीपेंद्र चौधरी ने बताया कि शहरी विकास से बजट देने की मांग की है जल्द ही बजट मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा।
विज्ञापन