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फिर जलसंस्थान दफ्तर धमकीं महिलाएं
Updated Tue, 24 Jul 2018 02:16 AM IST
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हल्द्वानी। पेयजल किल्लत से परेशान जगदंबा नगर और भोटिया पड़ाव क्षेत्र की महिलाओं ने जलसंस्थान दफ्तर में प्रदर्शन किया। महिलाओं ने कहा कि जलसंस्थान की लाइनों से प्राइवेट प्लंबर छेड़छाड़ कर उनकी पेयजल सप्लाई बाधित कर रहे हैं। प्रदर्शन करने वालों में पूर्व सभासद जयश्री तिवारी, कांग्रेस नेत्री दया सनवाल, आनंदी शर्मा, भगवती जोशी, देवकी धपोला आदि थे।
पेयजल बिल जमा कराने में छूटे पसीने
हल्द्वानी। जलसंस्थान की पेयजल बिल वसूली की लचर व्यवस्था का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। सोमवार को पेयजल बिल जमा कराने आए लोगों के घंटों लाइन में खड़े रहने से पसीने छूट गए। बिल जमा कराने के लिए विभाग द्वारा नगर के उपभोक्ताओं के लिए मात्र एक काउंटर की व्यवस्था की गई थी। रजत कुमार, नरेश चंद्र और देवेंद्र सिंह ने कहा कि दो घंटे से लाइन में खड़े हैं लेकिन नंबर ही नहीं आ रहा।
दो महीने से नहीं टपकी पानी की बूंद
हल्द्वानी। तल्ली हल्द्वानी क्षेत्र के डी क्लास, खन्ना फार्म के लोगों को रोजाना निजी टैंकरों से पेयजल खरीदना पड़ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जोशी ने बताया कि जलसंस्थान के अधिकारियों ने लाइन का निरीक्षण किया लेकिन पेयजल समस्या का समाधान नहीं किया गया है। जलसंस्थान के सहायक अभियंता एलएम पांडे का कहना है कि टेल एंड की लाइन होने से पानी नहीं पहुंच रहा है। नहर कवरिंग में नई लाइन बिछाने का प्रावधान है। फिलहाल टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की जा रही है।
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पेयजल लाइन से निकली पेड़ की जड़
हल्द्वानी। गोलचा कंपाउंड इलाके में कई दिनों से पेयजल समस्या बनी हुई थी। सोमवार को जलसंस्थान के कर्मचारियों ने लाइन का निरीक्षण किया तो पेयजल लाइन से करीब पांच फिट मोटी पेड़ की जड़ निकली। जलसंस्थान के अवर अभियंता एमसी सती ने बताया कि वर्षों पुरानी पेयजल लाइनें जीर्णशीर्ण हो चुकी हैं। लाइनों के लीकेज होने से उनके अंदर जड़ें पनप गई हैं।
पीपल पोखरा का नलकूप भी ड्राई
हल्द्वानी। पीपल पोखरा का नलकूप भी ड्राई घोषित कर दिया गया है। इससे पहले तीन नलकूप ड्राई घोषित किए जा चुके हैं। भूगर्भ शास्त्री नलकूपों के ड्राई होने की वजह जंगलों का अंधाधुंध कटान, परंपरागत जलस्रोतों का रखरखाव नहीं होना और कंक्रीट के जंगल में तब्दील होती आबादी को बताते हैं। सिंचाई और जलसंस्थान के अधिकारियों के मुताबिक पानी निश्चित गहराई से नीचे चले जाने के कारण नलकूपों ने पानी छोड़ना बंद कर दिया है। इसके अलावा पनियाली और शीतलाहाट के जलस्रोत भी सूखने लगे हैं। शीतलाहाट पेयजल स्रोत का डिस्चार्ज आठ हजार एलपीएम था जो घटकर 400 एलपीएम रह गया है। कुमाऊं विश्वविद्यालय डीएसबी परिसर के भू विज्ञानी चारु चंद्र पंत बताते हैं कि भाबर की जमीन पथरीली है। यहां पानी का जमाव नहीं हो पाता है। मामूली बारिश में यहां पानी का ठहराव नहीं होता है। उन्होंने बताया कि भूजल स्तर बढ़ाने के लिए चाल खाल विकसित करने होंगे और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को प्रभावी ढंग से लागू करना होगा।
ग्रामीणों ने विरोध, प्रदर्शन किया
रामनगर (नैनीताल)। चिल्किया और कानिया क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल संकट गहरा गया है। इससे परेशान ग्रामीणों ने सोमवार को जल संस्थान, सिंचाई विभाग कार्यालय पर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने पेयजलापूर्ति बहाली की मांग की।
चिल्किया के ग्रामीणों ने जल संस्थान कार्यालय में जोरदार नारेबाजी की। बसंती राणा ने कहा कि एक सप्ताह से गांव में पेयजल आपूर्ति ठप है, जिसे जल्द सुचारु किया जाए। उनके साथ सावित्री पांडे, गीता रावत, हेमा गोस्वामी, सुनीता, पार्वती देवी, यशोदा भट्ट आदि थे। वहीं दूसरी ओर ग्राम कानिया, धनपुर घासी, बासीटीला, मोतीपुर, सेमलखलिया, उम्मेदपुर के ग्रामीण सोमवार को सिंचाई विभाग कार्यालय पर पहुंचे। ग्रामीणों ने सिंचाई के आपूर्ति बहाल करने की मांग की। इस दौरान बसंती देवी, बलजीत सिंह, कुबेर सिंह, आनंद सिंह, सोहन सिंह, जोगा सिंह, जसपाल सिंह आदि थे।
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पेयजल बिल जमा कराने में छूटे पसीने
हल्द्वानी। जलसंस्थान की पेयजल बिल वसूली की लचर व्यवस्था का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। सोमवार को पेयजल बिल जमा कराने आए लोगों के घंटों लाइन में खड़े रहने से पसीने छूट गए। बिल जमा कराने के लिए विभाग द्वारा नगर के उपभोक्ताओं के लिए मात्र एक काउंटर की व्यवस्था की गई थी। रजत कुमार, नरेश चंद्र और देवेंद्र सिंह ने कहा कि दो घंटे से लाइन में खड़े हैं लेकिन नंबर ही नहीं आ रहा।
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दो महीने से नहीं टपकी पानी की बूंद
हल्द्वानी। तल्ली हल्द्वानी क्षेत्र के डी क्लास, खन्ना फार्म के लोगों को रोजाना निजी टैंकरों से पेयजल खरीदना पड़ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जोशी ने बताया कि जलसंस्थान के अधिकारियों ने लाइन का निरीक्षण किया लेकिन पेयजल समस्या का समाधान नहीं किया गया है। जलसंस्थान के सहायक अभियंता एलएम पांडे का कहना है कि टेल एंड की लाइन होने से पानी नहीं पहुंच रहा है। नहर कवरिंग में नई लाइन बिछाने का प्रावधान है। फिलहाल टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की जा रही है।
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पेयजल लाइन से निकली पेड़ की जड़
हल्द्वानी। गोलचा कंपाउंड इलाके में कई दिनों से पेयजल समस्या बनी हुई थी। सोमवार को जलसंस्थान के कर्मचारियों ने लाइन का निरीक्षण किया तो पेयजल लाइन से करीब पांच फिट मोटी पेड़ की जड़ निकली। जलसंस्थान के अवर अभियंता एमसी सती ने बताया कि वर्षों पुरानी पेयजल लाइनें जीर्णशीर्ण हो चुकी हैं। लाइनों के लीकेज होने से उनके अंदर जड़ें पनप गई हैं।
पीपल पोखरा का नलकूप भी ड्राई
हल्द्वानी। पीपल पोखरा का नलकूप भी ड्राई घोषित कर दिया गया है। इससे पहले तीन नलकूप ड्राई घोषित किए जा चुके हैं। भूगर्भ शास्त्री नलकूपों के ड्राई होने की वजह जंगलों का अंधाधुंध कटान, परंपरागत जलस्रोतों का रखरखाव नहीं होना और कंक्रीट के जंगल में तब्दील होती आबादी को बताते हैं। सिंचाई और जलसंस्थान के अधिकारियों के मुताबिक पानी निश्चित गहराई से नीचे चले जाने के कारण नलकूपों ने पानी छोड़ना बंद कर दिया है। इसके अलावा पनियाली और शीतलाहाट के जलस्रोत भी सूखने लगे हैं। शीतलाहाट पेयजल स्रोत का डिस्चार्ज आठ हजार एलपीएम था जो घटकर 400 एलपीएम रह गया है। कुमाऊं विश्वविद्यालय डीएसबी परिसर के भू विज्ञानी चारु चंद्र पंत बताते हैं कि भाबर की जमीन पथरीली है। यहां पानी का जमाव नहीं हो पाता है। मामूली बारिश में यहां पानी का ठहराव नहीं होता है। उन्होंने बताया कि भूजल स्तर बढ़ाने के लिए चाल खाल विकसित करने होंगे और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को प्रभावी ढंग से लागू करना होगा।
ग्रामीणों ने विरोध, प्रदर्शन किया
रामनगर (नैनीताल)। चिल्किया और कानिया क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल संकट गहरा गया है। इससे परेशान ग्रामीणों ने सोमवार को जल संस्थान, सिंचाई विभाग कार्यालय पर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने पेयजलापूर्ति बहाली की मांग की।
चिल्किया के ग्रामीणों ने जल संस्थान कार्यालय में जोरदार नारेबाजी की। बसंती राणा ने कहा कि एक सप्ताह से गांव में पेयजल आपूर्ति ठप है, जिसे जल्द सुचारु किया जाए। उनके साथ सावित्री पांडे, गीता रावत, हेमा गोस्वामी, सुनीता, पार्वती देवी, यशोदा भट्ट आदि थे। वहीं दूसरी ओर ग्राम कानिया, धनपुर घासी, बासीटीला, मोतीपुर, सेमलखलिया, उम्मेदपुर के ग्रामीण सोमवार को सिंचाई विभाग कार्यालय पर पहुंचे। ग्रामीणों ने सिंचाई के आपूर्ति बहाल करने की मांग की। इस दौरान बसंती देवी, बलजीत सिंह, कुबेर सिंह, आनंद सिंह, सोहन सिंह, जोगा सिंह, जसपाल सिंह आदि थे।