{"_id":"5b04827f4f1c1be2408b729a","slug":"111527022207-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"टेंडर के खेल में भी खेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टेंडर के खेल में भी खेल
Updated Wed, 23 May 2018 02:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में टेंडर निकालने में भी खेल किया गया। शर्त रखी गई कि पौने तीन लाख रुपये के बैग खरीदने के लिए प्रतिवर्ष एक करोड़ का टर्नओवर वाला व्यक्ति ही टेंडर डाल सकता है। अपनों को फायदा पहुंचाने के लिए एक बार फिर टेंडर की शर्त ऐसी रखी गई है जबकि एमएसबीवाई के लिए दवा खरीद के टेंडर भी निकाल दिए गए हैं।
सुशीला तिवारी अस्पताल में बिना टेंडर और महंगे दामों पर खरीदे जा रहे ब्लड बैग की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद राजकीय मेडिकल कालेज प्रशासन हरकत में आया और ब्लड बैग के लिए टेंडर निकाल दिए हैं। मगर टेंडर में शर्त रखी गई है कि वहीं व्यक्ति टेंडर डालेगा जिसका टर्नओवर वर्ष में एक करोड़ का होगा। ऐसे में हल्द्वानी के एक ही व्यक्ति को इसका लाभ मिलेगा। सवाल यह उठता है कि एक वर्ष में तीन हजार ब्लड बैग खरीदे जा रहे थे और कीमत महज दो लाख 76 हजार रुपये थी तो टर्नओवर एक करोड़ की शर्त क्यों रखी गई।
आखिर टेंडर कराने के खेल में किसका दिमाग काम कर रहा है और कौन किसको फायदा पहुंचाना चाहता है। इसके अलावा दवा आपूर्ति करने वाली एक फर्म का टेंडर भी डेढ़ वर्ष पहले समाप्त हो चुका है बावजूद इसके तीन-तीन माह का एक्सटेंशन दिया जा रहा है। आखिर किस डॉक्टर के दबाव में एक्सटेंशन मिल रहा है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत दवा खरीद के लिए टेंडर निकाल दिए गए हैं। अधिक छूट देने वाले को इसमें वरीयता देने की बात है।
विज्ञापन
राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने कहा कि अब सिंगल लाक के ब्लड बैग न खरीदकर साधारण बैग खरीदेे जाएंगे। साथ ही किस फर्म को एक्सटेंशन मिल रहा है इसकी जांच कराई जाएगी। एमसीबीवाई में अधिक छूट देने वाले को ही दवा का टेंडर दिया जाएगा। एमएसबीवाई के तहत वर्ष में एक करोड़ की दवा खरीद होती है।
खपत तीन लाख बैग की, मांगा एक करोड़ का टर्नओवर
सुशीला तिवारी अस्पताल में टेंडर में एक और खेल
विज्ञापन
सुशीला तिवारी अस्पताल में बिना टेंडर और महंगे दामों पर खरीदे जा रहे ब्लड बैग की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद राजकीय मेडिकल कालेज प्रशासन हरकत में आया और ब्लड बैग के लिए टेंडर निकाल दिए हैं। मगर टेंडर में शर्त रखी गई है कि वहीं व्यक्ति टेंडर डालेगा जिसका टर्नओवर वर्ष में एक करोड़ का होगा। ऐसे में हल्द्वानी के एक ही व्यक्ति को इसका लाभ मिलेगा। सवाल यह उठता है कि एक वर्ष में तीन हजार ब्लड बैग खरीदे जा रहे थे और कीमत महज दो लाख 76 हजार रुपये थी तो टर्नओवर एक करोड़ की शर्त क्यों रखी गई।
विज्ञापन
आखिर टेंडर कराने के खेल में किसका दिमाग काम कर रहा है और कौन किसको फायदा पहुंचाना चाहता है। इसके अलावा दवा आपूर्ति करने वाली एक फर्म का टेंडर भी डेढ़ वर्ष पहले समाप्त हो चुका है बावजूद इसके तीन-तीन माह का एक्सटेंशन दिया जा रहा है। आखिर किस डॉक्टर के दबाव में एक्सटेंशन मिल रहा है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत दवा खरीद के लिए टेंडर निकाल दिए गए हैं। अधिक छूट देने वाले को इसमें वरीयता देने की बात है।
विज्ञापन
राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने कहा कि अब सिंगल लाक के ब्लड बैग न खरीदकर साधारण बैग खरीदेे जाएंगे। साथ ही किस फर्म को एक्सटेंशन मिल रहा है इसकी जांच कराई जाएगी। एमसीबीवाई में अधिक छूट देने वाले को ही दवा का टेंडर दिया जाएगा। एमएसबीवाई के तहत वर्ष में एक करोड़ की दवा खरीद होती है।
खपत तीन लाख बैग की, मांगा एक करोड़ का टर्नओवर
सुशीला तिवारी अस्पताल में टेंडर में एक और खेल