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जमरानी की पर्यानरणीय कलीयरेंस भी मिली
Updated Sat, 28 Apr 2018 02:33 AM IST
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narmada dam
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हल्द्वानी। जमरानी बांध परियोजना परियोजना पर केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने मानव वन्यजीव संघर्ष की स्थिति संबंधी आपत्ति का भी निस्तारण कर दिया है। अब बांध परियोजना की मंजूरी में कोई अड़चन नहीं रह गई है। एडवाइजरी कमेटी की बैठक में बांध परियोजना केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट पर ही अंतिम मोहर लगनी है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जमरानी बांध परियोजना को अब जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी। इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने पर भी सहमति बन गई है।
सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता एलके शर्मा ने बताया कि जमरानी बांध परियोजना को लेकर वर्तमान में दो बड़ी आपत्तियां लगी थीं। इनमें उत्तर प्रदेश के साथ जल बंटवारा और मानव वन्यजीव संघर्ष की स्थिति संबंधी आपत्तियां थीं। उत्तर प्रदेश के साथ नवंबर में जल बंटवारे पर सहमति हो गई थी। मानव वन्यजीव संघर्ष की स्थिति प्रस्ताव 15 अप्रैल 2013 से केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय में लंबित था। एक साल पहले केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने मानव वन्यजीव संघर्ष की स्थिति को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। इस रिपोर्ट पर 25 अप्रैल को प्रमुख सचिव सिंचाई आनंद वर्धन की केंद्रीय केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने इस आपत्ति का निस्तारण करते हुए अनापत्ति दे दी है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की अनापत्ति संबंधी पत्र 26 अप्रैल को मुख्य अभियंता सिंचाई (उत्तर) के कार्यालय को प्राप्त हो गया है। मुख्य अभियंता एलके शर्मा ने बताया कि जमरानी बांध परियोजना को लेकर यह अंतिम आपत्ति थी। इस आपत्ति का निराकरण होने के बाद अब बांध परियोजना को मंजूरी का रास्ता साफ हो गया है। अब एडवाइजरी कमेटी को केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट पर अंतिम मोहर लगानी है।
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सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता एलके शर्मा ने बताया कि जमरानी बांध परियोजना को लेकर वर्तमान में दो बड़ी आपत्तियां लगी थीं। इनमें उत्तर प्रदेश के साथ जल बंटवारा और मानव वन्यजीव संघर्ष की स्थिति संबंधी आपत्तियां थीं। उत्तर प्रदेश के साथ नवंबर में जल बंटवारे पर सहमति हो गई थी। मानव वन्यजीव संघर्ष की स्थिति प्रस्ताव 15 अप्रैल 2013 से केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय में लंबित था। एक साल पहले केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने मानव वन्यजीव संघर्ष की स्थिति को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। इस रिपोर्ट पर 25 अप्रैल को प्रमुख सचिव सिंचाई आनंद वर्धन की केंद्रीय केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने इस आपत्ति का निस्तारण करते हुए अनापत्ति दे दी है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की अनापत्ति संबंधी पत्र 26 अप्रैल को मुख्य अभियंता सिंचाई (उत्तर) के कार्यालय को प्राप्त हो गया है। मुख्य अभियंता एलके शर्मा ने बताया कि जमरानी बांध परियोजना को लेकर यह अंतिम आपत्ति थी। इस आपत्ति का निराकरण होने के बाद अब बांध परियोजना को मंजूरी का रास्ता साफ हो गया है। अब एडवाइजरी कमेटी को केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट पर अंतिम मोहर लगानी है।
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