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एक अक्तूबर से शुरू होगा नदियों में खनन
Updated Thu, 31 Aug 2017 02:48 AM IST
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नैनीताल। जिलाधिकारी दीपेंद्र कुमार चौधरी ने कहा कि जिले की नदियों में पहली अक्तूबर से खनन कार्य शुरू करा दिया जाएगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह खनन शुरू कराने के लिए समय से सभी तैयारियां पूरी करा लें।
डीएम चौधरी यहां खनन समिति की बैठक ले रहे थे। उन्होंने वन निगम के अधिकारियों को नदियों में उप खनिजों की मात्रा का आंकलन करने के साथ ही शीघ्र सर्वे कर आंकलन व सीमांकन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों के साथ ही राजस्व, पुलिस, खान, वन विभाग, वन निगम और एआरटीओ की संयुक्त टीम बनाकर अवैध खनन रोका जाएगा।
डीएम ने वन निगम के अधिकारियों को नदियों के सभी खनन गेटों में कंप्यूटरीकृत धर्मकांटा, सीसीटीवी कैमरे व इंटरनेट सुविधा सुनिश्चित करने के साथ ही खनन गेटों की सड़कों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपखनिज के निकासी कार्य में लगे वाहनों में हाई-सिक्योरिटी नम्बर प्लेट, आरएफआईडी चिप अनिवार्य रूप से लगाई जाए। खनन वाहनों के साथ ही गौला नदी में पंजीकृत घोड़ा बुग्गी-घोड़ा खच्चरोें से उपखनिज की निकासी ई-रवन्ना द्वारा ही होगी।
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तय किया गया कि खनन में पंजीकृत वाहनों द्वारा माह में न्यूनतम बीस चक्कर लगाना अनिवार्य होगा जो पंजीकृत वाहन बीस चक्कर नहीं लगायेगा उस वाहन का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया जाएगा। उन्होंने एआरटीओ को खनन के लिए वाहनों का पंजीकरण एवं नवीनीकरण भी शुरू कराने के निर्देश दिए। बैठक में अपर जिलाधिकारी बीएल फिरमाल, संयुक्त मजिस्ट्रेट बंदना सिंह, उपजिलाधिकारी अशोक जोशी, परितोष वर्मा, उपनिदेश खान राजपाल लेघा, एआरटीओ गुरूदेव सिंह, पुलिस उपाधीक्षक विजय थापा, उप प्रभागीय वनाधिकारी दिनकर तिवारी, डीएस मर्तोलिया आदि मौजूद थे।
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डीएम चौधरी यहां खनन समिति की बैठक ले रहे थे। उन्होंने वन निगम के अधिकारियों को नदियों में उप खनिजों की मात्रा का आंकलन करने के साथ ही शीघ्र सर्वे कर आंकलन व सीमांकन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों के साथ ही राजस्व, पुलिस, खान, वन विभाग, वन निगम और एआरटीओ की संयुक्त टीम बनाकर अवैध खनन रोका जाएगा।
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डीएम ने वन निगम के अधिकारियों को नदियों के सभी खनन गेटों में कंप्यूटरीकृत धर्मकांटा, सीसीटीवी कैमरे व इंटरनेट सुविधा सुनिश्चित करने के साथ ही खनन गेटों की सड़कों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपखनिज के निकासी कार्य में लगे वाहनों में हाई-सिक्योरिटी नम्बर प्लेट, आरएफआईडी चिप अनिवार्य रूप से लगाई जाए। खनन वाहनों के साथ ही गौला नदी में पंजीकृत घोड़ा बुग्गी-घोड़ा खच्चरोें से उपखनिज की निकासी ई-रवन्ना द्वारा ही होगी।
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तय किया गया कि खनन में पंजीकृत वाहनों द्वारा माह में न्यूनतम बीस चक्कर लगाना अनिवार्य होगा जो पंजीकृत वाहन बीस चक्कर नहीं लगायेगा उस वाहन का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया जाएगा। उन्होंने एआरटीओ को खनन के लिए वाहनों का पंजीकरण एवं नवीनीकरण भी शुरू कराने के निर्देश दिए। बैठक में अपर जिलाधिकारी बीएल फिरमाल, संयुक्त मजिस्ट्रेट बंदना सिंह, उपजिलाधिकारी अशोक जोशी, परितोष वर्मा, उपनिदेश खान राजपाल लेघा, एआरटीओ गुरूदेव सिंह, पुलिस उपाधीक्षक विजय थापा, उप प्रभागीय वनाधिकारी दिनकर तिवारी, डीएस मर्तोलिया आदि मौजूद थे।