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गरीबों को 11 जुलाई को होगा सौ आवासों का आवंटन
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लालकुआं में इन मकानों का होगा आवंटन।
- फोटो : LALKUAN
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लालकुआं। नगर पंचायत की ओर से गरीबों के लिए बनाए गए करीब एक सौ आवासों का आवंटन 11 जुलाई को किया जाएगा। नगर पंचायत अध्यक्ष लालचंद सिंह कहा कि आवासों का आवंटन विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट करेंगे।
वर्ष 2010 में पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह बिष्ट के प्रयासों से आईएचएसडीपी के तहत नगर पंचायत क्षेत्र में सौ गरीब लोगों को निशुल्क आवास आवंटन की योजना के तहत शिलान्यास किया गया था। इंटीग्रेटेड हाउसिंग स्लम डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत बनाए गए इन आवासों को मलिन बस्ती में रह रहे लोगों को आवंटित किया जाना था। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन रुड़की ने आवास बनाने का जिम्मा लिया। बाद में शासन ने आवास आवंटन प्रक्रिया पर रोक लगा दी।
25 दिसंबर 2010 को शुरू की गई एकीकृत आवास एवं मलिन बस्ती कार्यक्रम योजना को बदलकर इसे न्यूनतम किराए पर लागू करने का आदेश 27 फरवरी 2021 को जारी किया गया था। आवास के लिए चयन प्रक्रिया के दौरान 14 लोग अपात्र घोषित हो गए। नगर पंचायत ने दोबारा सौ लाभार्थियों की सूची तैयार की। अब आंशिक संशोधन के साथ निशुल्क आवास की जगह लाभार्थी को 500 रुपये प्रति माह की दर से किराया देना होगा। बिजली और पानी के बिल का भी भुगतान लाभार्थी को करना होगा।
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नगर पंचायत अध्यक्ष लालचंद सिंह और अधिशासी अधिकारी पूजा सिंह का कहना है कि यह प्रक्रिया आवासों के रखरखाव के लिए की जा रही है। नगर पंचायत अध्यक्ष लालचंद सिंह का कहना है कि 11 जुलाई को गरीबों को आवास आवंटित कर दिए जाएंगे। 2010 से शुरू की गई यह योजना 12 साल के लंबे अंतराल के बाद धरातल पर उतरती नजर आ रही है।
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वर्ष 2010 में पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह बिष्ट के प्रयासों से आईएचएसडीपी के तहत नगर पंचायत क्षेत्र में सौ गरीब लोगों को निशुल्क आवास आवंटन की योजना के तहत शिलान्यास किया गया था। इंटीग्रेटेड हाउसिंग स्लम डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत बनाए गए इन आवासों को मलिन बस्ती में रह रहे लोगों को आवंटित किया जाना था। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन रुड़की ने आवास बनाने का जिम्मा लिया। बाद में शासन ने आवास आवंटन प्रक्रिया पर रोक लगा दी।
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25 दिसंबर 2010 को शुरू की गई एकीकृत आवास एवं मलिन बस्ती कार्यक्रम योजना को बदलकर इसे न्यूनतम किराए पर लागू करने का आदेश 27 फरवरी 2021 को जारी किया गया था। आवास के लिए चयन प्रक्रिया के दौरान 14 लोग अपात्र घोषित हो गए। नगर पंचायत ने दोबारा सौ लाभार्थियों की सूची तैयार की। अब आंशिक संशोधन के साथ निशुल्क आवास की जगह लाभार्थी को 500 रुपये प्रति माह की दर से किराया देना होगा। बिजली और पानी के बिल का भी भुगतान लाभार्थी को करना होगा।
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नगर पंचायत अध्यक्ष लालचंद सिंह और अधिशासी अधिकारी पूजा सिंह का कहना है कि यह प्रक्रिया आवासों के रखरखाव के लिए की जा रही है। नगर पंचायत अध्यक्ष लालचंद सिंह का कहना है कि 11 जुलाई को गरीबों को आवास आवंटित कर दिए जाएंगे। 2010 से शुरू की गई यह योजना 12 साल के लंबे अंतराल के बाद धरातल पर उतरती नजर आ रही है।