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Nainital News: 15 किलो पिरूल सेेे बनेगी 10 किलोवाट बिजली

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 15 Oct 2023 02:53 AM IST
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10 kilowatt electricity will be generated from 15 kilos of pine wood.
- डिबेर के वैज्ञानिकों ने बनाई विद्युत उत्पादन मशीन
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दिनेश पांडे
हल्दूचौड़। डीआरडीओ के अधीन रक्षा जैव ऊर्जा अनुसंधान संस्थान (डिबेर) में पिरूल (चीड़ के सूखे पत्ते) से बिजली उत्पादन की मशीन ईजाद की गई है। इस मशीन के जरिये 15 किलो पिरूल से 10 किलोवाट बिजली बनाई जा सकेगी। मेले में पहुंची इस मशीन के अलावा विशेष प्रकार के पौधे भी आए हैं।


बरेली रोड पर गोरापड़ाव स्थित डिबेर में शनिवार से तीन दिवसीय किसान-जवान-विज्ञान मेला शुरू हुआ। डीआरडीओ के केंद्र प्रमुख देवकांत पहाड़ सिंह ने बताया कि डिबेर के वैज्ञानिकों ने पीरूल से विद्युत उत्पादन की मशीन बनाई है। इस मशीन से 15 किलो पिरूल से दस किलोवाट बिजली पैदा होगी। यह मशीन पर्वतीय क्षेत्रों में आसानी से स्थापित की जा सकेगी। इससे न सिर्फ ज्वलनशील पिरूल से निजात मिल जाएगी, बल्कि स्थानीय लोगों की भी आर्थिकी सुधरेगी। साथ ही पहाड़ी जिलों से पलायन भी रुकेगा। संस्थान की हीरक जयंती के उपलक्ष्य पर तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया जा रहा है। इसमें क्षेत्रीय किसानों को कई सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। मेले में करीब 100 स्टॉल लगाए गए हैं जिसमें विभिन्न प्रकार के उपकरण भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। संवाद
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वनाग्नि की बड़ी वजह पिरूल
हल्दूचौड़। उत्तराखंड में हर साल जंगलों में आग लगती है। वनाग्नि की ज्यादातर घटनाएं चीड़ के जंगलों में होती है। इस वर्ष प्रदेश के जंगलों में आग की 773 घटनाएं हुई। इसमें 933 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में वन संपदा प्रभावित हुई थी। पिथौरागढ़ समेत अन्य वन प्रभाग संवेदनशील रहे हैं। पिरूल से निपटने के लिए कई बार प्रयास किए गए थे लेकिन यह बहुत कारगर साबित नहीं हो सके।
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डिबेर की ये भी उपलब्धियां
=::
चार किलोवाट बिजली उत्पादन के साथ बायोगैस संयंत्र एलएसी के पास हाइब्रिड ऊर्जा प्रणाली तैनात की गई।
=:: पोखरण फायरिंग रेंज में स्मार्ट हाइब्रिड ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली का उपयोगकर्ता सहायता प्राप्त तकनीकी परीक्षण पूरा हो गया।
=:: 7 जिलों के किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज और अंकुरण के लिए समर्थन बढ़ाना।

=:: बेरीनाग चाय को उद्यमिता विकास सहायता दी।

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गोरापड़ाव स्थित डिबेर में किसान जवान विज्ञान मेला शुरू

हल्दूचौड़। डीआरडीओ के रक्षा जैव ऊर्जा अनुसंधान संस्थान (डिबेर) में शनिवार से रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) की हीरक जयंती पर तीन दिनी किसान जवान विज्ञान मेला शुरू हुआ। मेले में कृषि उपकरणों के साथ तमाम स्टॉल लगाए हैं।



बरेली रोड पर गोरापड़ाव स्थित डिबेर में शुरू हुए किसान जवान विज्ञान मेले में जिलेभर से किसान और अन्य लोग पहुंचे। किसानों से मेले से कृषि उत्पादों और उपकरणों के बारे जानकारी ली और जरूरत के अनुसार सामान की खरीद की। मेले में 56 स्टॉल, महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा तैयार हस्तशिल्प समेत अन्य उत्पाद और झूले लगाए गए हैं। रिवाइव सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड के कुणाल मेहता एवं श्रवण कुमार ने सूर्य की किरणों एवं रात में हवा से बिजली निर्माण को लेकर ग्रीन एनर्जी सिस्टम की जानकारी दी। मेले में डिबेर की ओर से विकसित उपकरण भी रखे गए हैं जिनसे पहाड़ में खेती-किसानी आसान होगी। नवीनतम तकनीक और उन्नत बीजों से खेती के कारण किसानों की आय भी बढ़ेगी।


इस पौधे में 190 से अधिक पोषक तत्व

मेले में विजेश प्राइवेट लिमिटेड नोएडा की ओर से हिमालयी क्षेत्र में पाई जाने वाला औषधीय पौधा सी बकथॉर्न यानी हिप्पोफे रमनोइड्स को प्रदर्शनी में रखा गया है। इस पौधे में 190 से अधिक पोषक तत्व रहते हैं। इसमें विटामिन ए, सी, बी 1, बी 2, बी 6 के अलावा ओमेगा 3, ओमेगा 6, ओमेगा 7, ओमेगा 9, विटामिन ए और विटामिन डी, कैल्शियम, आयरन, प्रोटीन होता है। यह पौधा प्राकृतिक स्रोतों में पैदा होता है।




आज रक्षा राज्य मंत्री करेंगे उद्घाटन

हल्दूचौड़। तीन दिन मेले में रविवार को दूसरे दिन रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए कलाकारों की ओर से रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी जाएगी। डीआरडीओ के केंद्र प्रमुख देवकांत पहाड़ सिंह ने बताया कि किसान जवान विज्ञान मेले में किसानों को हल्दी की उन्नत किस्म, फूल गोभी, पत्ता गोभी, ब्रोकली, प्याज, शिमला, मिर्च समेत अन्य पौधों का निशुल्क वितरण किया जाएगा।
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