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रोप-वे से मनसा देवी जाना हुआ पहले से महंगा
अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Mon, 16 Sep 2013 08:57 PM IST
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हरिद्वार में अब श्रद्धालुओं को झूले (रोप-वे) से मनसादेवी की सैर महंगी पड़ेगी। अब प्रति यात्री 58 रुपए चुकाने होंगे जबकि अभी तक 48 रुपए देने पड़ रहे थे।
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दरअसल, झूला संचालित करने वाली ऊषा ब्रेको कंपनी ने निगम के साथ चल रहे विवाद का फैसला अपने पक्ष में आते ही झूले के किराये में 10 रुपए बढ़ोतरी कर दी है। यही नहीं, कंपनी को प्रति दो वर्ष में 22 फीसदी तक किराया बढ़ाने की छूट भी दी गई है। लीज की अवधि भी 10 साल तक बढ़ा दी गई है।
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आर्बिट्रेशन ने तर्क स्वीकार नहीं किए
रोपवे कंपनी की याचिका पर हाईकोर्ट ने 20 अगस्त 2010 को नगरपालिका (नगर निगम) के बीच किराया वृद्धि के विवाद के निस्तारण के लिए सेवानिवृत न्यायमूर्ति वीके गुप्ता, ओपी गर्ग तथा बीसी कांडपाल का आर्बिट्रेशन (पंचाट) गठित किया था। तीन साल की लंबी अवधि के बाद फैसला रोवपे कंपनी उषा बेक्रो के पक्ष में आया। नगर निगम के पैराकार दमदार साबित नहीं हुए।
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आर्बिट्रेशन ने नगरपालिका के 1997 के प्रस्ताव को भी सही ठहराया है। इस प्रस्ताव में तत्कालीन बोर्ड ने चीला, पौड़ी गढ़वाल में बैठक कर कंपनी को किराया बढ़ाने की छूट दे दी थी। उषा बेक्रो कंपनी के प्रबंधक कैप्टन तरुण ने बताया कि आर्बिट्रेशन का फैसला 14 सितंबर को मिला है। इसके बाद कंपनी ने सोमवार को रोपवे के किराए में 10 रुपए की बढ़ोतरी की है।
52 लाख खर्च, नतीजा आम श्रद्धालु पर बोझ
नगर निगम के आर्बिट्रेशन की फीस तथा अन्य खर्चों पर 52 लाख 50 हजार रुपए पर खर्च हुए हैं। 40 लाख का बकाया लीज रेंट लेने के चक्कर में 52 लाख 50 हजार रुपए खर्च हुए हैं। लेकिन उसके हाथ कुछ नहीं लगा है। नगरपालिका के समय बिना अनुमति के किराया वृद्धि के विरुद्ध उषा ब्रेको पर 123 करोड़ रुपए बकाये निकाले गए थे।
नगर निगम लीज रेंट के 40 लाख रुपए के बकाया पर 48 लाख रुपए पहले ही खर्च कर चुका था, जिसकी जानकारी उसके लोक सूचना अधिकारी ने अमर उजाला का दी थी। अब 4 लाख 50 हजार रुपए आर्बिट्रेशन में 14 सितंबर को दिए गए हैं। इस प्रकार 40 लाख की वसूली पर 52 लाख 50 हजार खर्च हुए हैं। 125 करोड़ के बकाया का अधिकारी जिक्र भी नहीं कर रहे हैं।
आर्बिट्रेशन का फैसला आ गया है। पार्षदों से विचार विमर्श कर इस पर आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा। अभी पूरा जजमेंट पढ़ा भी नहीं गया है, लेकिन सरसरी तौर पर फैसला नगर निगम के खिलाफ ही है।
-मनोज गर्ग, नगर प्रमुख