नेहरू युवा केंद्र पौड़ी की दुगड्डा इकाई की ओर से आयोजित युवा मंडल सम्मेलन में युवाओं में भटकाव के कारणों और उनके समाधान पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति, नकारात्मकता, गलत जीवन शैली पर चिंता जताई। कहा कि अच्छे संस्कारों के अभाव और समाज के प्रभाव से किशोरावस्था से ही उनकी दिशा भटक रही है, जिसे समझकर उसमें सुधार के प्रयास होने चाहिए।
भाबर के हल्दूखाता स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में आयोजित युवा सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व प्रधानाचार्य जनार्दन बुड़ाकोटि ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताई। कहा कि गलत जीवन शैली से युवाओं का भविष्य चौपट हो रहा है। अभिभावकों को इस ओर अधिक ध्यान देना होगा। कहा कि युवाओं में भटकाव के कई कारण हैं। चारित्रिक और नैतिक शिक्षा का अभाव इनमें प्रमुख है। कहा कि आज संयुक्त परिवार नहीं रह गए है, इसके भी साइड इफेक्ट देखने को मिल रहे हैं। सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी डॉ शक्तिशैल कपरवाण ने युवाओं से आह्वान किया कि वे विपरीत परिस्थितियों को भी सकारात्मक बनाने का दम रखें। कामयाब लोगों की ही जीवन पढ़े। खुली आंखों से सपने देखें और इन सपनों को साकार करने के लिए पूरी ताकत लगाएं। नेहरू युवा केंद्र की स्वयं सेवी प्रणिता बमराड़ा और प्रियंका देवी ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के प्रारंभ में भारत स्वाभिमान ट्रस्ट की कार्यकर्ता इंदु नौटियाल की अगुवाई में योग प्रशिक्षक भावना नेगी और प्रियंका कंडवाल ने स्वस्थ रहने के लिए जीवन में योग को अपनाने पर जोर दिया और कई योग, प्राणायाम करके दिखाए। इस अवसर पर युवाओं को स्वच्छता अभियान, जल और पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई। संचालन डॉ राजेंद्र बमराड़ा ने किया।