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Kotdwar News: भजन-कीर्तन के साथ महिलाओं ने मनाई डोला एकादशी
Wed, 23 Sep 2026 05:38 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Wed, 23 Sep 2026 05:38 PM IST
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लैंसडौन। श्री सत्यनारायण मंदिर की गोपिका महिला समिति की पहल पर मंगलवार शाम डोला एकादशी धूमधाम से मनाई गई। महिलाओं ने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर धार्मिक अनुष्ठान किया। इसके बाद भजन-कीर्तन करते हुए झूले में विराजमान लड्डू गोपाल को नगर के प्रमुख मार्गों पर भ्रमण कराया गया।
गोपिका महिला समिति की वरिष्ठ सदस्य शीतल खंडेलवाल ने बताया कि डोला एकादशी को लेकर धार्मिक मान्यता है कि इस दिन माता यशोदा एक माह बाद पहली बार अपने लाडले श्रीकृष्ण को घर की दहलीज से बाहर लेकर आई थीं। उन्होंने बताया कि माता यशोदा ने घर से बाहर नन्हें बालक कृष्ण के कपड़े धोए थे। इसी मान्यता के तहत डोला एकादशी के दिन लड्डू गोपाल को घर से बाहर ले जाकर घुमाने की परंपरा है। उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार डोला एकादशी पर लड्डू गोपाल को बाहर घुमाने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। महिलाओं ने भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना के साथ पर्व मनाया। संवाद
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गोपिका महिला समिति की वरिष्ठ सदस्य शीतल खंडेलवाल ने बताया कि डोला एकादशी को लेकर धार्मिक मान्यता है कि इस दिन माता यशोदा एक माह बाद पहली बार अपने लाडले श्रीकृष्ण को घर की दहलीज से बाहर लेकर आई थीं। उन्होंने बताया कि माता यशोदा ने घर से बाहर नन्हें बालक कृष्ण के कपड़े धोए थे। इसी मान्यता के तहत डोला एकादशी के दिन लड्डू गोपाल को घर से बाहर ले जाकर घुमाने की परंपरा है। उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार डोला एकादशी पर लड्डू गोपाल को बाहर घुमाने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। महिलाओं ने भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना के साथ पर्व मनाया। संवाद
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