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अकेले महिला की नहीं हो रही सुनवाई : कुसुम
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कोतवाली में पीड़ित महिलाओं की शिकायतें दर्ज न होने की शिकायत पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने यहां का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। कहा कि जो महिला भीड़ लेकर कोतवाली पहुंचती है उसकी शिकायत दर्ज होती है जबकि अकेले आने वाली महिलाओं की नहीं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को कार्यप्रणाली सुधारने, महिलाओं के साथ मधुर व्यवहार करने और शिकायतें दर्ज करने के निर्देश दिए। कहा कि क्षेत्र में महिला उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए कोटद्वार में महिला थाना खोला जाएगा। इसके लिए डीजीपी वार्ता कर उन्हें पत्र सौंपा जाएगा।
शुक्रवार को महिला आयोग की अध्यक्ष कोतवाली पहुंचीं। कोतवाली में महिला डेस्क पर कोई महिला कर्मी तैनात नहीं दिखी। उन्होंने खाली पड़ी महिला डेस्क के रजिस्टर की जांच की तो पता चला कि पीड़ित महिलाओं की शिकायतें बहुत कम दर्ज हैं। महिला आयोग के अध्यक्ष के कोतवाली पहुंचते ही पुलिस अधिकारी और महिला कर्मी भी मौके पर पहुंची। उन्होंने पुलिस अधिकारी से महिला डेस्क में किसी के नहीं बैठने का कारण पूछा। कहा कि पुलिस की गलत कार्यप्रणाली के कारण पीड़ित महिलाओं को इन्साफ नहीं मिल पा रहा है। पहाड़ की भोली भाली महिलाएं खाकी वर्दी को देखकर घबराती हैं ऊपर से पुलिस कर्मियों की कड़क भाषा के कारण वे अपनी व्यथा नहीं सुना पाती हैं।
कोतवाली में जो महिला अपने साथ भीड़ लेकर कोतवाली पहुंचती है उसकी सुनवाई होती है लेकिन अकेले आने वाली महिला की कोई सुनवाई नहीं करता है। इसके बाद महिलाएं महिला आयोग में शिकायत करती हैं और उनके कहने के बाद शिकायत को दर्ज कराया जाता है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को महिलाओं के साथ मधुर व्यवहार करने और कोतवाली में पहुंचने वाली सभी पीड़ित महिलाओं की शिकायत दर्ज कर उस पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान कृषि विकास मंडी समिति के अध्यक्ष सुमन कोटनाला, भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र रावत, पार्षद गायत्री भट्ट, नीरूबाला खंतवाल, सुभाष पांडे, क्षेत्र पंचायत सदस्य सुनीता कोटनाला, मंजू जखमोला और अनीता आर्य आदि मौजूद थे।
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शुक्रवार को महिला आयोग की अध्यक्ष कोतवाली पहुंचीं। कोतवाली में महिला डेस्क पर कोई महिला कर्मी तैनात नहीं दिखी। उन्होंने खाली पड़ी महिला डेस्क के रजिस्टर की जांच की तो पता चला कि पीड़ित महिलाओं की शिकायतें बहुत कम दर्ज हैं। महिला आयोग के अध्यक्ष के कोतवाली पहुंचते ही पुलिस अधिकारी और महिला कर्मी भी मौके पर पहुंची। उन्होंने पुलिस अधिकारी से महिला डेस्क में किसी के नहीं बैठने का कारण पूछा। कहा कि पुलिस की गलत कार्यप्रणाली के कारण पीड़ित महिलाओं को इन्साफ नहीं मिल पा रहा है। पहाड़ की भोली भाली महिलाएं खाकी वर्दी को देखकर घबराती हैं ऊपर से पुलिस कर्मियों की कड़क भाषा के कारण वे अपनी व्यथा नहीं सुना पाती हैं।
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कोतवाली में जो महिला अपने साथ भीड़ लेकर कोतवाली पहुंचती है उसकी सुनवाई होती है लेकिन अकेले आने वाली महिला की कोई सुनवाई नहीं करता है। इसके बाद महिलाएं महिला आयोग में शिकायत करती हैं और उनके कहने के बाद शिकायत को दर्ज कराया जाता है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को महिलाओं के साथ मधुर व्यवहार करने और कोतवाली में पहुंचने वाली सभी पीड़ित महिलाओं की शिकायत दर्ज कर उस पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान कृषि विकास मंडी समिति के अध्यक्ष सुमन कोटनाला, भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र रावत, पार्षद गायत्री भट्ट, नीरूबाला खंतवाल, सुभाष पांडे, क्षेत्र पंचायत सदस्य सुनीता कोटनाला, मंजू जखमोला और अनीता आर्य आदि मौजूद थे।
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