{"_id":"dc3fab9a9a41125500d47b79d4087ad8","slug":"without-ameen-no-muavja-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना अमीन संचालित हो रहे कई विभाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना अमीन संचालित हो रहे कई विभाग
पौड़ी
Updated Sun, 21 Feb 2016 11:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गढ़वाल में लोनिवि के पौड़ी परिक्षेत्र में अमीनाें की कमी होने से लोगों को सड़क निर्माण में लगने वाली जमीन का मुआवजा मिलने में दिक्कत आ रही है। सड़कों के निर्माण में भी रोड़ा आ रहा है।
उल्लेखनीय है कि शासन से कोई नयी सड़क स्वीकृत होने पर उसके पहले चरण में किए जाने वाले जमीन का मुआवजा निर्धारण और मुआवजा वितरण कार्य अमीन करते हैं। अमीन के बिना ये कार्य नहीं हो पाते हैं। जमीन संबंधी सर्वे का कार्य भी अमीन की भूमिका में होता है। उत्तराखंड में वर्तमान में लोक निर्माण विभाग अमीनों की कमी से जूझ रहा है। विभाग के कई डिवीजन बिना अमीनों के संचालित हो रहे हैं तो कई डिविजनों में एक-एक ही अमीन तैनात हैं।
अमीनों की यह कमी सड़कों के निर्माण के साथ किसानों पर भी भारी पड़ रही है। किसानों को सड़कों के निर्माण में लगने वाली उनकी जमीन का मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। उन्हें अपने मुआवजे के लिए भटकना पड़ रहा है। गढ़वाल मंडल में अकेले लोनिवि के पौड़ी परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पौड़ी, चमोली और रुद्रप्रयाग समेत तीन जिलों में 258 सड़कों के निर्माण में लगी जमीन का लोगों को मुआवजा नहीं बंट पाया है।
विज्ञापन
13 पद हैं खाली
लोक निर्माण विभाग के अनुसार, पौड़ी परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पौड़ी जिले में अमीनों के 13 पदों में से तीन पद खाली हैं। यहां तैनात 10 अमीनों में दो राष्ट्रीय राजमार्ग के डिविजन में संबद्ध हैं। इसके कारण दुगड्डा को छोड़कर विभाग के अन्य सभी प्रखंड एक-एक अमीन के भरोसे पर हैं। चमोली जिले में अमीनों के स्वीकृत दस पदों में छह पद रिक्त पड़े हैं। चमोली में पोखरी और गैरसैण डिवीजनों में एक भी अमीन नहीं है।
कोट
- पौड़ी जिले में अमीनों की कमी के कारण ज्यादातर डिवीजनों में एक-एक ही अमीन हैं। इससे सड़कों के निर्माण में लगनी वाली जमीन के मुआवजे का निर्धारण, वितरण दोनों कामों में दिक्कतें आ रही हैं।
- मुलायम सिंह, अधीक्षण अभियंता लोनिवि पौड़ी
- चमोली जिले में दो पोखरी और गैरसैंण डिवीजन में एक भी अमीन नहीं है। इनमें स्वीकृत नयी सड़कों के निर्माण में लगने वाली लोगों की जमीन के मुआवजे के निर्धारण और वितरण के लिए दूसरे डिवीजनों से अमीन भेजने पड़ते हैं। इससे दूसरे डिवीजनों में कार्य प्रभावित होता है।
- जीसी विश्वकर्मा, अधीक्षण अभियंता लोनिवि चमोली
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि शासन से कोई नयी सड़क स्वीकृत होने पर उसके पहले चरण में किए जाने वाले जमीन का मुआवजा निर्धारण और मुआवजा वितरण कार्य अमीन करते हैं। अमीन के बिना ये कार्य नहीं हो पाते हैं। जमीन संबंधी सर्वे का कार्य भी अमीन की भूमिका में होता है। उत्तराखंड में वर्तमान में लोक निर्माण विभाग अमीनों की कमी से जूझ रहा है। विभाग के कई डिवीजन बिना अमीनों के संचालित हो रहे हैं तो कई डिविजनों में एक-एक ही अमीन तैनात हैं।
विज्ञापन
अमीनों की यह कमी सड़कों के निर्माण के साथ किसानों पर भी भारी पड़ रही है। किसानों को सड़कों के निर्माण में लगने वाली उनकी जमीन का मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। उन्हें अपने मुआवजे के लिए भटकना पड़ रहा है। गढ़वाल मंडल में अकेले लोनिवि के पौड़ी परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पौड़ी, चमोली और रुद्रप्रयाग समेत तीन जिलों में 258 सड़कों के निर्माण में लगी जमीन का लोगों को मुआवजा नहीं बंट पाया है।
विज्ञापन
13 पद हैं खाली
लोक निर्माण विभाग के अनुसार, पौड़ी परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पौड़ी जिले में अमीनों के 13 पदों में से तीन पद खाली हैं। यहां तैनात 10 अमीनों में दो राष्ट्रीय राजमार्ग के डिविजन में संबद्ध हैं। इसके कारण दुगड्डा को छोड़कर विभाग के अन्य सभी प्रखंड एक-एक अमीन के भरोसे पर हैं। चमोली जिले में अमीनों के स्वीकृत दस पदों में छह पद रिक्त पड़े हैं। चमोली में पोखरी और गैरसैण डिवीजनों में एक भी अमीन नहीं है।
कोट
- पौड़ी जिले में अमीनों की कमी के कारण ज्यादातर डिवीजनों में एक-एक ही अमीन हैं। इससे सड़कों के निर्माण में लगनी वाली जमीन के मुआवजे का निर्धारण, वितरण दोनों कामों में दिक्कतें आ रही हैं।
- मुलायम सिंह, अधीक्षण अभियंता लोनिवि पौड़ी
- चमोली जिले में दो पोखरी और गैरसैंण डिवीजन में एक भी अमीन नहीं है। इनमें स्वीकृत नयी सड़कों के निर्माण में लगने वाली लोगों की जमीन के मुआवजे के निर्धारण और वितरण के लिए दूसरे डिवीजनों से अमीन भेजने पड़ते हैं। इससे दूसरे डिवीजनों में कार्य प्रभावित होता है।
- जीसी विश्वकर्मा, अधीक्षण अभियंता लोनिवि चमोली