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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   Winter of rain has increased concerns

सर्दियों की कम बारिश ने बढ़ाई चिंता

Wed, 10 Feb 2016 08:04 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला कोटद्वार
ब्यूरो/ अमर उजाला कोटद्वार Updated Wed, 10 Feb 2016 08:04 PM IST
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श्रीनगर। इस बार सर्दियों में हुई कम बारिश व बर्फबारी ने ग्लेशियर, कृषि एवं वानिकी पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित किया है। इसका असर नदियों में पानी की मात्रा पर भी दिखाई देगा, वहीं जंगलों में भी नमी कम हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, जंगलों में नमी/आर्दता  जितनी कम होगी, वनाग्नि का खतरा उतना ही बढ़ेगा।
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साल 2015 का दिसंबर माह और साल 2016 का जनवरी माह लगभग सूखा ही गुजर गया। फरवरी में भी अब तक एक ही दिन बारिश हुई। बर्फबारी भी कम हुई। हिमालयी क्षेत्र के पर्यावरण और वनाग्नि से पड़ने वाले प्रभावों पर लगभग तीन दशक से  शोध कर रहे जीबी पंत हिमालय पर्यावरण एवं विकास संस्थान श्रीनगर इकाई के वैज्ञानिक प्रभारी डा. रमेश मैखुरी इस पर चिंता जताते हैं।
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वह बताते हैं कि सदयों में बारिश कम होने से पूरे पारिस्थितिकी तंत्र पर असर दिखाई दे रहा है। कम बारिश से चुनौतियां बढ़ गई हैं। वनाग्नि से निपटने की चुनौती सामने है। आग लगने पर उसे रिस्टोर करने में 20-25 साल लग जाते हैं। उन्होंने बताया कि जंगल कार्बन सोखते हैं। वहीं जंगलों की आग वातावरण में कार्बन डाई ऑक्साइड फैलाती है, जो जलवायु परिवर्तन का मुख्य कारक हैं।
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