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बाजार भाव पर ही देंगे अपनी भूमि
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Mon, 17 Oct 2016 10:33 PM IST
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रेलवे लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण किए जाने से पूर्व डुंगरीपंथ गांव में आयोजित जन सुनवाई शिविर में ग्रामीणों ने बाजार भाव पर ही अपनी भूमि दिए जाने की बात कही। ग्रामीणों ने सर्किल रेट से चार गुना अधिक कीमत पर भूमि देने से भी साफ इंकार किया।
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सोमवार को डुंगरीपंथ गांव में जन सुनवाई शिविर आयोजित किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने सर्किल रेट पर भूमि अधिग्रहण किए जाने का जमकर विरोध किया। ग्राम प्रधान त्रिभुवन राणा ने बताया कि सर्किल रेट 11 हजार है। जबकि आठ वर्ष पूर्व विद्युत परियोजना कंपनी ने ग्रामीणों की भूमि को ढाई लाख रुपये के हिसाब से अधिग्रहित किया था।
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ऐसे में अब ग्रामीण सर्किल रेट से चार गुना अधिक कीमत मिलने पर भी अपनी भूमि देने को तैयार नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासनिक व रेलवे विभाग के अधिकारियों के समक्ष भवन के बदले भवन व भूमि के बदले भूमि दिए जाने की मांग की।
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शिविर में एसडीएम मायादत्त जोशी, डीजीएम रेलवे पीपी बडोगा, राजमोहन चमोली, नवीन प्रकाश नौटियाल आदि मौजूद थे। उधर, कीर्तिनगर के नैथाणा में आयोजित शिविर में ग्रामीणों ने कहा कि यहां की कृषि भूमि काफी उपजाऊ है।
पांच सौ से हजार रुपये तक प्रतिदिन सब्जी का व्यवसाय करते हैं। ऐसे में ग्रामीण सर्किल रेट पर अपनी भूमि नहीं दे सकते। वहीं भूगर्भ वैज्ञानिक विजय डंगवाल ने कहा कि पहाड़ के सौंर्दय व खेती को ध्यान में रखते हुए आधुनिक तकनीकी पर रेलवे लाइन निर्मित की जाएगी। इस अवसर पर एडीएम डा. शिव कुमार बरनवाल, ओपी मालगुड़ी, तहसीलदार शंकर लाल चौरसिया, प्रजापति शाह आदि मौजूद थे।