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Kotdwar News: गुमखाल-सतपुली हाईवे चौड़ीकरण से बढ़ा खतरा
Mon, 08 Jun 2026 07:49 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Mon, 08 Jun 2026 07:49 PM IST
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पहाड़ी पर अटका मलबा और बोल्डर दे रहे बड़े हादसे को न्योता
वैकल्पिक मार्ग सतपुली-रैतपुर मार्ग पर मंडरा रहा खतरा, मलबा हटाने की मांग
सतपुली। गुमखाल-सतपुली के बीच पौड़ी नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण कार्य के दौरान पहाड़ी पर अटका मलबा और बोल्डर हल्की बारिश में भी गिर रहा है। इससे वैकल्पिक मार्ग सतपुली-रैतपुर मोटर मार्ग पर दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने निर्माण एजेंसी से तत्काल सुरक्षा उपाय करने और पहाड़ी पर अटके मलबे को हटाने की मांग की है।
सतपुली मल्ली से गुमखाल के बीच हाईवे चौड़ीकरण कार्य के चलते कटिंग के दौरान निकाला गया मलबा हाईवे से नीचे फेंका गया है। मलबा सतपुली-रैतपुर मार्ग के ऊपर पहाड़ी में अटका हुआ है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि मलबा निस्तारण के लिए डंपिंग जोन चिह्नित होने के बावजूद मलबा निर्धारित स्थानों पर नहीं डाला जा रहा है। कुल्हाड़ गांव से सतपुली मल्ली के बीच हाईवे के लगभग 1.5 किलोमीटर नीचे स्थित सतपुली-रैतपुर मोटर मार्ग से रैतपुर और जयहरीखाल क्षेत्र के लोग आवागमन करते हैं।
वर्तमान में हाईवे चौड़ीकरण कार्य के कारण कोटद्वार, लैंसडौन और रिखणीखाल क्षेत्र से जिला मुख्यालय जाने वाले कई वाहन भी इसी वैकल्पिक मार्ग का उपयोग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि दिसंबर में भी पहाड़ी से गिरा एक बोल्डर रैतपुर मार्ग से गुजर रहे वाहन पर आ गिरा था, जिससे चालक की मौत हो गई थी। घटना में तीन ग्रामीण बाल-बाल बच गए थे। इसके बावजूद अब तक प्रभावी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं।
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मार्ग से भिताड़ा तल्ला, भिताड़ा मल्ला, रैतपुर, कालोंजल, रणकोट, गढ़कोट समेत एक दर्जन से अधिक गांवों के छात्र-छात्राएं, व्यापारी और ग्रामीण प्रतिदिन सतपुली आते-जाते हैं। ऐसे में पहाड़ी पर अटका मलबा और बोल्डर किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। जिला पंचायत सदस्य पूनम नेगी, क्षेत्र पंचायत सदस्य सुनीता देवी, मनीष रौतेला, मदन पंवार और विक्रम सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से कार्यदायी संस्था को आवश्यक एहतियात बरतने और पहाड़ी पर अटके मलबे व बोल्डरों को तत्काल हटाने के निर्देश देने की मांग की है।
सतपुली-रैतपुर मोटर मार्ग पर पहाड़ी पर फंसे मलबे व बोल्डर हटाने के लिए जिला प्रशासन से रात आठ से सुबह 6 बजे तक सड़क पर आवाजाही बंद करने की अनुमति मांगी गई है। अभी जिला प्रशासन से अनुमति नहीं मिली है। अनुमति मिलते ही मलबा व बोल्डर हटाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
- आशीष कुमार सैनी, जेई एनएच खंड लोनिवि धुमाकोट।
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वैकल्पिक मार्ग सतपुली-रैतपुर मार्ग पर मंडरा रहा खतरा, मलबा हटाने की मांग
सतपुली। गुमखाल-सतपुली के बीच पौड़ी नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण कार्य के दौरान पहाड़ी पर अटका मलबा और बोल्डर हल्की बारिश में भी गिर रहा है। इससे वैकल्पिक मार्ग सतपुली-रैतपुर मोटर मार्ग पर दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने निर्माण एजेंसी से तत्काल सुरक्षा उपाय करने और पहाड़ी पर अटके मलबे को हटाने की मांग की है।
सतपुली मल्ली से गुमखाल के बीच हाईवे चौड़ीकरण कार्य के चलते कटिंग के दौरान निकाला गया मलबा हाईवे से नीचे फेंका गया है। मलबा सतपुली-रैतपुर मार्ग के ऊपर पहाड़ी में अटका हुआ है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि मलबा निस्तारण के लिए डंपिंग जोन चिह्नित होने के बावजूद मलबा निर्धारित स्थानों पर नहीं डाला जा रहा है। कुल्हाड़ गांव से सतपुली मल्ली के बीच हाईवे के लगभग 1.5 किलोमीटर नीचे स्थित सतपुली-रैतपुर मोटर मार्ग से रैतपुर और जयहरीखाल क्षेत्र के लोग आवागमन करते हैं।
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वर्तमान में हाईवे चौड़ीकरण कार्य के कारण कोटद्वार, लैंसडौन और रिखणीखाल क्षेत्र से जिला मुख्यालय जाने वाले कई वाहन भी इसी वैकल्पिक मार्ग का उपयोग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि दिसंबर में भी पहाड़ी से गिरा एक बोल्डर रैतपुर मार्ग से गुजर रहे वाहन पर आ गिरा था, जिससे चालक की मौत हो गई थी। घटना में तीन ग्रामीण बाल-बाल बच गए थे। इसके बावजूद अब तक प्रभावी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं।
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मार्ग से भिताड़ा तल्ला, भिताड़ा मल्ला, रैतपुर, कालोंजल, रणकोट, गढ़कोट समेत एक दर्जन से अधिक गांवों के छात्र-छात्राएं, व्यापारी और ग्रामीण प्रतिदिन सतपुली आते-जाते हैं। ऐसे में पहाड़ी पर अटका मलबा और बोल्डर किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। जिला पंचायत सदस्य पूनम नेगी, क्षेत्र पंचायत सदस्य सुनीता देवी, मनीष रौतेला, मदन पंवार और विक्रम सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से कार्यदायी संस्था को आवश्यक एहतियात बरतने और पहाड़ी पर अटके मलबे व बोल्डरों को तत्काल हटाने के निर्देश देने की मांग की है।
सतपुली-रैतपुर मोटर मार्ग पर पहाड़ी पर फंसे मलबे व बोल्डर हटाने के लिए जिला प्रशासन से रात आठ से सुबह 6 बजे तक सड़क पर आवाजाही बंद करने की अनुमति मांगी गई है। अभी जिला प्रशासन से अनुमति नहीं मिली है। अनुमति मिलते ही मलबा व बोल्डर हटाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
- आशीष कुमार सैनी, जेई एनएच खंड लोनिवि धुमाकोट।