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Kotdwar News: तैड़िया गांव के विस्थापन को ग्रामीणों ने दी सशर्त मंजूरी
Sun, 20 Sep 2026 05:16 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sun, 20 Sep 2026 05:16 PM IST
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कोटद्वार। कार्बेट नेशनल पार्क के कालागढ़ टाइगर रिजर्व लैंसडौन की मैदावन रेंज के कंपार्टमेंट-32 कोर जोन में बसे तैड़िया गांव के ग्रामीणों ने विस्थापन प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है। व्यापार मंडल सभागार में हुई बैठक में ग्रामीणों ने शासन और वन विभाग से एनटीसीए की गाइडलाइन के विकल्प-2 के तहत मूलभूत सुविधाओं से युक्त विस्थापन प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।
रिखणीखाल ब्लॉक की ग्राम पंचायत कांडा का राजस्व गांव तैड़िया कार्बेट पार्क क्षेत्र में स्थित है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2000 से 2016 तक चली विस्थापन प्रक्रिया शासन स्तर पर लंबित रह गई। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने गांव पहुंचकर अस्थायी विकास कार्यों के साथ विस्थापन को लेकर प्रस्ताव मांगा। बैठक में ग्रामीणों ने शर्तों के साथ विस्थापन पर सहमति दी।
ग्राम प्रधान बिनीता ध्यानी ने कहा कि कठोर वन कानूनों के कारण गांव में विकास कार्य सीमित हैं। ग्रामीण हर छोटे-बड़े काम के लिए विभागीय अनुमति पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि विस्थापन पर सहमति के साथ विभागीय सहयोग से गांव में विकास की संभावनाएं तलाशने का प्रयास भी जारी रहेगा।
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बैठक में विस्थापन प्रक्रिया के लिए कोर कमेटी गठित की गई। बिनीता ध्यानी को अध्यक्ष, राधावल्लभ को सचिव, धर्मानंद ध्यानी को कोषाध्यक्ष और शक्तिधर प्रसाद को उपाध्यक्ष बनाया गया। सुषमा ध्यानी जखमोला को महिला उपाध्यक्ष, डॉ. अंबिका प्रसाद को मीडिया प्रभारी और भगवती प्रसाद को संयोजक की जिम्मेदारी दी गई। गुणानंद संरक्षक और अशोक कुमार आय-व्यय निरीक्षक नियुक्त हुए।
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रिखणीखाल ब्लॉक की ग्राम पंचायत कांडा का राजस्व गांव तैड़िया कार्बेट पार्क क्षेत्र में स्थित है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2000 से 2016 तक चली विस्थापन प्रक्रिया शासन स्तर पर लंबित रह गई। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने गांव पहुंचकर अस्थायी विकास कार्यों के साथ विस्थापन को लेकर प्रस्ताव मांगा। बैठक में ग्रामीणों ने शर्तों के साथ विस्थापन पर सहमति दी।
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ग्राम प्रधान बिनीता ध्यानी ने कहा कि कठोर वन कानूनों के कारण गांव में विकास कार्य सीमित हैं। ग्रामीण हर छोटे-बड़े काम के लिए विभागीय अनुमति पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि विस्थापन पर सहमति के साथ विभागीय सहयोग से गांव में विकास की संभावनाएं तलाशने का प्रयास भी जारी रहेगा।
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बैठक में विस्थापन प्रक्रिया के लिए कोर कमेटी गठित की गई। बिनीता ध्यानी को अध्यक्ष, राधावल्लभ को सचिव, धर्मानंद ध्यानी को कोषाध्यक्ष और शक्तिधर प्रसाद को उपाध्यक्ष बनाया गया। सुषमा ध्यानी जखमोला को महिला उपाध्यक्ष, डॉ. अंबिका प्रसाद को मीडिया प्रभारी और भगवती प्रसाद को संयोजक की जिम्मेदारी दी गई। गुणानंद संरक्षक और अशोक कुमार आय-व्यय निरीक्षक नियुक्त हुए।