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Kotdwar News: बांज के पेड़ों के अवैध कटान के मामले में कार्रवाई न होने पर भड़के ग्रामीण
Sat, 27 Dec 2025 04:43 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sat, 27 Dec 2025 04:43 PM IST
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ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग को दी आंदोलन की चेतावनी
जयहरीखाल–गुमखाल मार्ग पर काटे गए थे बांज के पेड़
जयहरीखाल। क्षेत्र में बांज के कई हरे-भरे पेड़ों के अवैध कटान के मामले में तीन हफ्ते बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इससे ग्रामीणों में फिर से रोष है। ग्रामीणों ने कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
जयहरीखाल–गुमखाल मार्ग पर पेड़ों के अवैध कटान के खिलाफ आक्रोशित ग्रामीणों ने रातभर धरना दिया था। एसडीएम ने 10 दिन के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया था लेकिन कार्रवाई तो दूर प्रशासन अब तक अवैध कटान करने वालों की पहचान तक नहीं कर सका है। ग्रामीणों का कहना है कि बांज जैसे वृक्ष पहाड़ी क्षेत्रों में जल संरक्षण, मिट्टी संरक्षण और पारिस्थितिकी संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में पेड़ों के अवैध कटान की घटनाएं बढ़ती जा रही है लेकिन प्रशासन इस ओर गंभीर नहीं दिख रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से संयुक्त रूप से निष्पक्ष जांच कर उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम 1976 एवं भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत कार्रवाई की मांग करते हुए स्पष्ट किया कि मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा। ग्रामीण तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर नाराजगी जताई है। ज्ञापन सौंपने वालों में ग्रामीण रजनी देवी, रेखा देवी, दीपक बौंठियाल, विनोद सिंह शामिल रहे। वहीं, एसडीएम शालिनी मौर्य ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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जारी
प्रकाश असवाल
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जयहरीखाल–गुमखाल मार्ग पर काटे गए थे बांज के पेड़
जयहरीखाल। क्षेत्र में बांज के कई हरे-भरे पेड़ों के अवैध कटान के मामले में तीन हफ्ते बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इससे ग्रामीणों में फिर से रोष है। ग्रामीणों ने कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
जयहरीखाल–गुमखाल मार्ग पर पेड़ों के अवैध कटान के खिलाफ आक्रोशित ग्रामीणों ने रातभर धरना दिया था। एसडीएम ने 10 दिन के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया था लेकिन कार्रवाई तो दूर प्रशासन अब तक अवैध कटान करने वालों की पहचान तक नहीं कर सका है। ग्रामीणों का कहना है कि बांज जैसे वृक्ष पहाड़ी क्षेत्रों में जल संरक्षण, मिट्टी संरक्षण और पारिस्थितिकी संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
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महिलाओं ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में पेड़ों के अवैध कटान की घटनाएं बढ़ती जा रही है लेकिन प्रशासन इस ओर गंभीर नहीं दिख रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से संयुक्त रूप से निष्पक्ष जांच कर उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम 1976 एवं भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत कार्रवाई की मांग करते हुए स्पष्ट किया कि मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा। ग्रामीण तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर नाराजगी जताई है। ज्ञापन सौंपने वालों में ग्रामीण रजनी देवी, रेखा देवी, दीपक बौंठियाल, विनोद सिंह शामिल रहे। वहीं, एसडीएम शालिनी मौर्य ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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जारी
प्रकाश असवाल