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यूपी-उत्तराखंड बार्डर रहा पांच घंटा जाम, गढ़वाल के यात्री रहे हलकान
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
कोटद्वार। उत्तराखंड के कोटद्वार से ओवरलोड ट्रक और खनन सामग्री के डंपरों में हो रही ओवरलोडिंग के विरोध में यूपी के ट्रांसपोर्टरों ने शनिवार को यूके-उत्तराखंड बॉर्डर पांच घंटे तक जाम कर दिया। एआरटीओ कोटद्वार की ओर से ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के बाद ही यूपी के ट्रांसपोर्टरों ने अपने वाहन सड़क से हटाए। इन पांच घंटों में गढ़वाल की ओर आने वाली और यहां से मैदानी रूट पर जाने वाली सवारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शादी बरात और पर्व त्योहारों के लिए गढ़वाल आने वाली सवारियों को अपने सामान के साथ नजीबाबाद रोड के सुखरो पुल से शहर तक करीब पांच किमी पैदल दूरी नापनी पड़ी।
कोटद्वार में भंडारण के रवन्नों पर चल रहे अवैध खनन के खेल से उपजे विवाद की चपेट में अब आम जनता भी पिसने लगी है। ओवरलोडिंग के खिलाफ यूपी के ट्रक और डंपर वालों ने उत्तराखंड के ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ आंदोलन छेड़ रखा है। यूपी के ट्रांसपोर्टर गत 26 सितंबर को यूपी-उत्तराखंड बॉर्डर पर चक्का जाम और आंदोलन कर ओवरलोडिंग का विरोध कर चुके हैं। पौड़ी जिला प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से इस दिशा में कार्रवाई न होने से भड़के यूपी के बिल्डिंग मैटेरियल ट्रांसपोर्ट महासंघ से जुड़े लोग शनिवार सुबह अपने ट्रक और डंपर लेकर यूके-उत्तराखंड बॉर्डर पर आ धमके। उन्होंने अपने ट्रक यूपी की सीमा में बीच सड़क पर खड़े कर दिए। देखते ही देखते कौड़िया चेक पोस्ट से सुखरो पुल तक नेशनल हाईवे जाम हो गया। पुलिस ने मामले की जानकारी एसडीएम योगेश मेहरा को दी। एसडीएम ने एआरटीओ आरएस कटारिया को ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। परिवहन विभाग की टीम ने ओवरलोडिंग ट्रकों के पांच-पांच सौ रुपये के चालान काटकर खानापूर्ति की। तब जाकर यूपी के ट्रांसपोर्टरों ने सड़क से अपने वाहन हटाने शुरू किए। सुबह सात बजे से लगा जाम पूरे पांच घंटे बाद खुल सका। इसका खामियाजा गढ़वाल के यात्रियों को भुगतना पड़ा। एसएसआई प्रदीप नेगी की अगुवाई में पहुंची पुलिस फोर्स को जाम खुलवाकर यातायात व्यवस्था सुचारु करने में पसीने छूट गए।
कोटद्वार में कतई ओवरलोडिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ओवरलोडेड ट्रक और डंपरों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश परिवहन विभाग को दिए गए हैं। भविष्य में जाम लगाने का प्रयास करने वालों पर सख्ती की जाएगी। इसके लिए यूपी के बिजनौर पुलिस-प्रशासन से भी बात की जा रही है।
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-योगेश मेहरा, एसडीएम कोटद्वार
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कोटद्वार में भंडारण के रवन्नों पर चल रहे अवैध खनन के खेल से उपजे विवाद की चपेट में अब आम जनता भी पिसने लगी है। ओवरलोडिंग के खिलाफ यूपी के ट्रक और डंपर वालों ने उत्तराखंड के ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ आंदोलन छेड़ रखा है। यूपी के ट्रांसपोर्टर गत 26 सितंबर को यूपी-उत्तराखंड बॉर्डर पर चक्का जाम और आंदोलन कर ओवरलोडिंग का विरोध कर चुके हैं। पौड़ी जिला प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से इस दिशा में कार्रवाई न होने से भड़के यूपी के बिल्डिंग मैटेरियल ट्रांसपोर्ट महासंघ से जुड़े लोग शनिवार सुबह अपने ट्रक और डंपर लेकर यूके-उत्तराखंड बॉर्डर पर आ धमके। उन्होंने अपने ट्रक यूपी की सीमा में बीच सड़क पर खड़े कर दिए। देखते ही देखते कौड़िया चेक पोस्ट से सुखरो पुल तक नेशनल हाईवे जाम हो गया। पुलिस ने मामले की जानकारी एसडीएम योगेश मेहरा को दी। एसडीएम ने एआरटीओ आरएस कटारिया को ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। परिवहन विभाग की टीम ने ओवरलोडिंग ट्रकों के पांच-पांच सौ रुपये के चालान काटकर खानापूर्ति की। तब जाकर यूपी के ट्रांसपोर्टरों ने सड़क से अपने वाहन हटाने शुरू किए। सुबह सात बजे से लगा जाम पूरे पांच घंटे बाद खुल सका। इसका खामियाजा गढ़वाल के यात्रियों को भुगतना पड़ा। एसएसआई प्रदीप नेगी की अगुवाई में पहुंची पुलिस फोर्स को जाम खुलवाकर यातायात व्यवस्था सुचारु करने में पसीने छूट गए।
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कोटद्वार में कतई ओवरलोडिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ओवरलोडेड ट्रक और डंपरों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश परिवहन विभाग को दिए गए हैं। भविष्य में जाम लगाने का प्रयास करने वालों पर सख्ती की जाएगी। इसके लिए यूपी के बिजनौर पुलिस-प्रशासन से भी बात की जा रही है।
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-योगेश मेहरा, एसडीएम कोटद्वार