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Kotdwar News: अवैध खनन पर शिकंजा कसने के लिए दो टीमें गठित, चिह्नित होंगे खननकारी

Tue, 23 Dec 2025 07:05 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार Updated Tue, 23 Dec 2025 07:05 PM IST
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Two teams have been formed to crack down on illegal mining; miners will be identified.
मालन नदी में मेडिकल कॉलेज की जमीन पर एक मजदूर की मौत के बाद जागा प्रशासन
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कोटद्वार। कोटद्वार भाबर के मालन क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज के लिए चयनित भूमि में अवैध खनन करते वक्त एक मजदूर की मौत के बाद पौड़ी जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। मंगलवार को एसडीएम चतर सिंह चौहान ने जिला खान अधिकारी अनिल मुयाल और राजस्व, खनन विभाग की टीम के साथ मालन क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण में मौके पर गड्ढे पाए गए। टीम ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन का सिलसिला जारी है। रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी को भेजी जा रही है।
एसडीएम ने बताया कि अवैध खनन पर पूरी तरह से शिंकजा कसा जाएगा। इसके लिए तहसीलदार और नायब तहसीलदार की अगुवाई में दो टीमें गठित कर दी गई है। प्रशासन और खनन विभाग की टीम ने मंगलवार को लछमपुर में मेडिकल कॉलेज की भूमि पर अवैध खनन के हालात देखे। इस स्थान के पास एक उपखनिज स्टॉक की जानकारी भी हासिल की।
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पूरे इलाके में अवैध खनन करने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अवैध खननकारियों का क्षेत्र में बड़ा नेटवर्क है। निरीक्षण के दौरान पूरे इलाके में फैले उनके मुखबिर अपने आकाओं को हर पल की रिपोर्ट अपडेट करते रहे।
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2017 से ही चल रहा मेडिकल कॉलेज की जमीन पर अवैध खनन
कलालघाटी क्षेत्र के लछमपुर में शासन-प्रशासन की ओर से करीब 200 बीघा जमीन मेडिकल कॉलेज के लिए चयनित की गई है। पूर्व में यह जमीन नदी श्रेणी की थी जिसे निर्माण के लिए परिवर्तित कराया गया था। 2016 में मेडिकल कॉलेज की बाउंड्री करवाते हुए कांग्रेस सरकार ने शिलान्यास भी करवाया। वर्तमान में हालात यह हैं कि खननकारी शिलान्यास का पत्थर तक ले गए। अवैध खनन से कई मीटर गहरे गड्ढे बने हुए हैं। उनमें दिनरात अवैध खनन चलता है। यहां से रेत बजरी और बोल्डर क्षेत्र में खुले उपखनिज के भंडारणों में भी जाता है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि लछमपुर में अवैध खनन का सिलसिला 2017 से ही शुरू हो गया था, जो बदस्तूर जारी है। अवैध खनन क्षेत्र में रोजगार का साधन बन चुका है।



सुखरो नदी में कार्रवाई करना पूर्व खान अधिकारी को पड़ा महंगा, अल्मोड़ा ट्रांसफर
कोटद्वार क्षेत्र की नदियों में वैध और अवैध दोनों तरह के खननकारियों की ऊंची पहुंच बताई जाती है। हाल में ही क्षेत्रवासियों की शिकायत पर सुखरो नदी में हुए अनियोजित खनन पर कार्रवाई करना तत्कालीन खान अधिकारी राहुल नेगी को महंगा पड़ गया। उन्हें पौड़ी से अल्मोड़ा जिले में भेज दिया गया है। उनकी जगह पर अनिल मुयाल को यहां तैनात किया गया है। लछमपुर मेडिकल कॉलेज के साथ ही मालन, खोह, सुखरो नदियों में हो रहे अवैध और अनियोजित खनन उनके लिए भी चुनौती बना रहेगा।
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