फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   Husband and mother-in-law acquitted in domestic violence and dowry harassment case

Kotdwar News: चेक बाउंस होने पर अपील खारिज, एक साल तीन महीने की सजा बरकरार

Fri, 23 Oct 2026 05:14 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार Updated Fri, 23 Oct 2026 05:14 PM IST
विज्ञापन
Husband and mother-in-law acquitted in domestic violence and dowry harassment case
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कोटद्वार। बैंक ऋण की गारंटी देने के लिए जारी चेक बाउंस होने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनी शुक्ला की अदालत ने आरोपी बीरेंद्र चंद्र की अपील खारिज कर दी है। अदालत ने निचली अदालत की ओर से सुनाई गई एक साल तीन महीने के साधारण कारावास और 9.20 लाख रुपये अर्थदंड की सजा को बरकरार रखा है। अर्थदंड में से 9.15 लाख रुपये बैंक को प्रतिकर के रूप में और 5,000 रुपये राजकीय खाते में जमा होंगे।
एसबीआई की रतनपुर (कुंभीचौड़) शाखा से आरोपी की पत्नी ने 8.99 लाख रुपये का ऋण लिया था। ऋण की किस्तें और ब्याज चुकाने के लिए आरोपी ने 31 जनवरी 2018 को 8,23,814.30 रुपये का चेक दिया था जो 1 फरवरी 2018 को पर्याप्त धनराशि न होने के कारण बाउंस हो गया था। कानूनी नोटिस के बावजूद भुगतान न होने पर बैंक ने अदालत में परिवाद दायर किया था। सुनवाई के दौरान आरोपी ने खाली चेक के दुरुपयोग की दलील दी थी जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। निचली अदालत ने 14 जनवरी 2026 को आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। अब निचली अदालत ने आरोपी की सजा बरकरार रखी और अपील खारिज कर दी।
विज्ञापन


घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न के मामले में पति और सास बरी
अदालत में बयानों से मुकरीं वादिनी और उसकी मां
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रज्ञा तिवारी की अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में किया दोषमुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटद्वार। घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न के एक मामले में वादिनी और उसकी मां अदालत में अपने बयानों से मुकर गईं। पति सौरभ कुमार और उसकी मां बृजबाला सहित ससुराल वालों पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगे थे। वादिनी शिवानी ने पहले शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न, दहेज की मांग और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रज्ञा तिवारी की अदालत ने दहेज उत्पीड़न, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पति सौरभ और सास बृजवाला को दोषमुक्त कर दिया है। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। सुनवाई के दौरान वादिनी शिवानी की मां सुमन और पिता मोहर सिंह ने भी अपने बयानों में आरोपों का समर्थन नहीं किया।
अभियोजन के अनुसार, वादिनी शिवानी का विवाह 26 फरवरी 2020 को बिजनौर जिले के नजीबाबाद निवासी सौरभ कुमार के साथ हुआ था। आरोप था कि शादी में उसके पिता ने पांच लाख रुपये नकद और करीब 15 लाख रुपये अन्य खर्च किए थे। इसके बावजूद ससुराल पक्ष उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करता था। उसने पति और ससुराल के अन्य सदस्यों पर मारपीट, अभद्र व्यवहार और धमकी देने के आरोप भी लगाए थे। इस मामले में 26 मार्च 2022 को कोटद्वार कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

अदालत में शिवानी ने कहा कि उसने क्रोध और आक्रोश में पहले के सभी बयान दिए थे। उसने ससुराल वालों द्वारा मारपीट, गाली-गलौज या दहेज की मांग से इन्कार किया। वादिनी शिवानी ने बताया कि उसका और उसके पति का सहमति से तलाक का मामला परिवार न्यायालय कोटद्वार में चल रहा है। उनका आपसी समझौता हो गया है और वह मुकदमा आगे नहीं बढ़ाना चाहती। अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का मूल्यांकन करने के बाद माना कि अभियोजन आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। इसी आधार पर पति सौरभ को मारपीट, क्रूरता, जानबूझकर अपमान करने और आपराधिक धमकी देने के आरोपों से, जबकि सास बृजवाला को क्रूरता और अपमान करने के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed