{"_id":"58629ba24f1c1b8940eec87f","slug":"tiger-hill-from-the-injured-baby-elephant-fell-died","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाघ के हमले में घायल हाथी का बच्चा पहाड़ी से गिरा, मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाघ के हमले में घायल हाथी का बच्चा पहाड़ी से गिरा, मौत
ब्यूरो/अमर उजाला काोटद्वार
Updated Tue, 27 Dec 2016 10:19 PM IST
विज्ञापन
हाथ्ाी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोटद्वार। लैंसडौन वन प्रभाग के कोटद्वार रेंज में एक हाथी के बच्चे पर बाघ ने हमला कर दिया। घायल अवस्था में शिशु हाथी के पहाड़ी से गिरने से मौत हो गई। एक दिन बाद वन कर्मियों ने शिशु हाथी का पोस्टमार्टम कराकर शव को दफना दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार 26 दिसंबर को कोटद्वार रेंज के लालपानी बीट की कक्ष संख्या एक पर गश्त के दौरान ग्रामीणों ने वन कर्मियों को हाथी के बच्चे के गिरे होने की सूचना दी। वन कर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन हाथी के बच्चे के करीब कई हाथियों को देखकर वन कर्मी शिशु हाथी के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। वन कर्मियों ने कई बार हवाई फायरिंग भी की, लेकिन हाथी बच्चे के पास से नहीं हिले। इसके एक दिन बाद मंगलवार को सुबह फिर वन कर्मी लालपानी बीट के कक्ष संख्या एक में पहुंचे। उन्होंने झाड़ियों के बीच हाथी के बच्चे को मृत अवस्था में पाया।
कोटद्वार के एसडीओ जीसी बेलवाल ने बताया कि शिशु हाथी करीब डेढ़ वर्ष का था। उसके पांव और शरीर पर टाइगर ने वार किया था। शिशु हाथी चल नहीं पा रहा था और पहाड़ी से गिरने की वजह से उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
मिली जानकारी के अनुसार 26 दिसंबर को कोटद्वार रेंज के लालपानी बीट की कक्ष संख्या एक पर गश्त के दौरान ग्रामीणों ने वन कर्मियों को हाथी के बच्चे के गिरे होने की सूचना दी। वन कर्मी मौके पर पहुंचे, लेकिन हाथी के बच्चे के करीब कई हाथियों को देखकर वन कर्मी शिशु हाथी के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। वन कर्मियों ने कई बार हवाई फायरिंग भी की, लेकिन हाथी बच्चे के पास से नहीं हिले। इसके एक दिन बाद मंगलवार को सुबह फिर वन कर्मी लालपानी बीट के कक्ष संख्या एक में पहुंचे। उन्होंने झाड़ियों के बीच हाथी के बच्चे को मृत अवस्था में पाया।
विज्ञापन
कोटद्वार के एसडीओ जीसी बेलवाल ने बताया कि शिशु हाथी करीब डेढ़ वर्ष का था। उसके पांव और शरीर पर टाइगर ने वार किया था। शिशु हाथी चल नहीं पा रहा था और पहाड़ी से गिरने की वजह से उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन