{"_id":"694d2814a3bd30df500ff726","slug":"they-paid-homage-to-the-sacrifice-of-the-four-sahibzadas-by-raising-slogans-kotdwar-news-c-49-1-kdr1001-120663-2025-12-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kotdwar News: जयघोष कर चार साहिबजादों के बलिदान को किया नमन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kotdwar News: जयघोष कर चार साहिबजादों के बलिदान को किया नमन
Thu, 25 Dec 2025 05:33 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Thu, 25 Dec 2025 05:33 PM IST
विज्ञापन
कोटद्वार। वीर बाल दिवस की पूर्व संध्या पर जय देवभूमि फाउंडेशन की ओर से नगर में मार्च निकाला गया। स्कूली बच्चों ने जयघोष करते हुए साहिबजादों की शहादत को नमन किया।
हेमनदास सरस्वती शिशु मंदिर प्रांगण में सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब, दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह साहिब, उनके साहिबजादों बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह, माता गुजरी का पुण्य स्मरण कर बृहस्पतिवार सुबह मार्च की शुरुआत हुई। प्रधानाचार्य प्रदीप नौटियाल एवं जय देवभूमि फाउंडेशन के अध्यक्ष शिवानंद लखेड़ा की देखरेख में शुरू हुए मार्च में स्कूली बच्चों ने बैंड की धुन पर परेड की। गुरुद्वारा श्री गुरु नानक सिंह सभा के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी आकाशदीप सिंह ने बताया कि महायोद्धा, सरबंसदानी, परोपकारी, संत-सिपाही दसवें गुरु ने महज नौ वर्ष की आयु में अपने पिता श्री गुरु तेग बहादुर का बलिदान दिया। कार्यक्रम में ज्ञानी आकाशदीप सिंह, भाई शूरवीर सिंह और दलजीत सिंह को सम्मानित किया गया। इस मौके पर प्रशांत कुकरेती, सतीश देवरानी, सुधांशु नौटियाल मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
हेमनदास सरस्वती शिशु मंदिर प्रांगण में सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब, दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह साहिब, उनके साहिबजादों बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह, माता गुजरी का पुण्य स्मरण कर बृहस्पतिवार सुबह मार्च की शुरुआत हुई। प्रधानाचार्य प्रदीप नौटियाल एवं जय देवभूमि फाउंडेशन के अध्यक्ष शिवानंद लखेड़ा की देखरेख में शुरू हुए मार्च में स्कूली बच्चों ने बैंड की धुन पर परेड की। गुरुद्वारा श्री गुरु नानक सिंह सभा के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी आकाशदीप सिंह ने बताया कि महायोद्धा, सरबंसदानी, परोपकारी, संत-सिपाही दसवें गुरु ने महज नौ वर्ष की आयु में अपने पिता श्री गुरु तेग बहादुर का बलिदान दिया। कार्यक्रम में ज्ञानी आकाशदीप सिंह, भाई शूरवीर सिंह और दलजीत सिंह को सम्मानित किया गया। इस मौके पर प्रशांत कुकरेती, सतीश देवरानी, सुधांशु नौटियाल मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन