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Kotdwar News: ग्रास्टनगंज में पार्क के निर्माण में फंसा जमीन का पेच, पहले भूमि की श्रेणी होगी परिवर्तित
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कोटद्वार। मरीन ड्राइव की तर्ज पर खोह नदी के तट पर ग्रास्टनगंज में प्रस्तावित पार्क निर्माण के प्रस्ताव पर भूमि की श्रेणी का पेच फंस गया है। दरअसल, यह भूमि राजस्व अभिलेखों में नदी बहाव क्षेत्र की भूमि के रूप में दर्ज है। भूमि की श्रेणी परिवर्तित होने के बाद ही यहां पार्क के निर्माण को स्वीकृति मिल सकेगी। नगर निगम की ओर से पार्क के निर्माण के लिए 214.54 लाख का प्रस्ताव तैयार कर शहरी विकास निदेशालय को पूर्व में ही भेजा जा चुका है।नगर व आसपास के क्षेत्र में गिनाने व कहने के लिए तो कई पार्क हैं, लेकिन इन पार्कों में टहलने के लिए कोई अच्छी व्यवस्था नहीं है। शहर के भीतर अच्छे पार्क के अभाव में लोगों को टहलने के लिए पौड़ी नेशनल हाईवे और रामड़ी पुलिंडा मार्ग पर जाना पड़ता है। इन मार्गों पर हाथी की आवाजाही के कारण खतरा बना रहता है।
क्षेत्रवासी लंबे समय से नगर में टहलने के लिए पार्क के निर्माण की मांग कर रहे हैं। क्षेत्रवासियों की मांग पर नगर निगम प्रशासन ने मरीन ड्राइव की तर्ज पर ग्रास्टनगंज स्थित दशहरा मैदान के पास खोह नदी में पार्क निर्माण के लिए 700 वर्ग मीटर भूमि चयनित कर इसके लिए 214.54 लाख का प्रस्ताव तैयार कर तकनीकी एप्रूवल कमेटी (टीएसी) के लिए निदेशालय शहरी विकास विभाग को दिसंबर, 2023 में भेजा था। निदेशालय से तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी है और अब इसे वित्तीय स्वीकृति के लिए इसे शासन को भेजा जाना है। पार्क निर्माण की वित्तीय स्वीकृति से पहले चयनित भूमि की श्रेणी को लेकर पेंच फंस गया है। राजस्व अभिलेख में यह भूमि श्रेणी 6क नदी बहाव क्षेत्र की भूमि के रूप में दर्ज हैं। पार्क के निर्माण से पहले भूमि की श्रेणी परिवर्तित करनी जरूरी है। तभी शासन से इसके लिए वित्तीय स्वीकृति मिल पाएगी।
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पार्क में जुटाई जानी हैं ये सुविधाएं
ग्रास्टनगज दशहरा मैदान से लगी 700 वर्ग मीटर भूमि में मरीन ड्राइव की तर्ज पर बनने वाले पार्क में दो तरफ से प्रवेश द्वार बनने हैं। पार्क के बीचोंबीच देश के प्रथम सीडीएस विपिन रावत का स्मारक बनेगा। साथ ही पार्क में टहलने के लिए 120 मीटर का टाइल्स युक्त वाकिंग ट्रेक, गार्ड रूम, पार्क का सौंदर्यीकरण और लोगों के बैठने के लिए व्यवस्था होगी। पार्क में ध्वज के लिए फाउंडेशन का निर्माण, रेलिंग युक्त चहारदीवारी और रिटेनिंग वॉल का निर्माण भी किया जाना है।
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शासन स्तर से ही भूमि की श्रेणी परिवर्तित करने के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेजा जाना है। बैठक में इस संबंध में शहरी विकास सचिव को अवगत करा दिया गया है। आगे की कार्रवाई शासन स्तर पर ही होनी है।
- वैभव गुप्ता, नगर आयुक्त कोटद्वार।
क्षेत्रवासी लंबे समय से नगर में टहलने के लिए पार्क के निर्माण की मांग कर रहे हैं। क्षेत्रवासियों की मांग पर नगर निगम प्रशासन ने मरीन ड्राइव की तर्ज पर ग्रास्टनगंज स्थित दशहरा मैदान के पास खोह नदी में पार्क निर्माण के लिए 700 वर्ग मीटर भूमि चयनित कर इसके लिए 214.54 लाख का प्रस्ताव तैयार कर तकनीकी एप्रूवल कमेटी (टीएसी) के लिए निदेशालय शहरी विकास विभाग को दिसंबर, 2023 में भेजा था। निदेशालय से तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी है और अब इसे वित्तीय स्वीकृति के लिए इसे शासन को भेजा जाना है। पार्क निर्माण की वित्तीय स्वीकृति से पहले चयनित भूमि की श्रेणी को लेकर पेंच फंस गया है। राजस्व अभिलेख में यह भूमि श्रेणी 6क नदी बहाव क्षेत्र की भूमि के रूप में दर्ज हैं। पार्क के निर्माण से पहले भूमि की श्रेणी परिवर्तित करनी जरूरी है। तभी शासन से इसके लिए वित्तीय स्वीकृति मिल पाएगी।
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पार्क में जुटाई जानी हैं ये सुविधाएं
ग्रास्टनगज दशहरा मैदान से लगी 700 वर्ग मीटर भूमि में मरीन ड्राइव की तर्ज पर बनने वाले पार्क में दो तरफ से प्रवेश द्वार बनने हैं। पार्क के बीचोंबीच देश के प्रथम सीडीएस विपिन रावत का स्मारक बनेगा। साथ ही पार्क में टहलने के लिए 120 मीटर का टाइल्स युक्त वाकिंग ट्रेक, गार्ड रूम, पार्क का सौंदर्यीकरण और लोगों के बैठने के लिए व्यवस्था होगी। पार्क में ध्वज के लिए फाउंडेशन का निर्माण, रेलिंग युक्त चहारदीवारी और रिटेनिंग वॉल का निर्माण भी किया जाना है।
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शासन स्तर से ही भूमि की श्रेणी परिवर्तित करने के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेजा जाना है। बैठक में इस संबंध में शहरी विकास सचिव को अवगत करा दिया गया है। आगे की कार्रवाई शासन स्तर पर ही होनी है।
- वैभव गुप्ता, नगर आयुक्त कोटद्वार।