पानी के लिए सिताबपुर मल्ला की महिलाओं का प्रदर्शन
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जंगलों में भीषण आग और गरम हवाओं के थपेड़ों के इस मौसम में पेयजल स्रोत सूखने लगे हैं। इससे मैदान से पहाड़ तक पानी के लिए हाहाकार मचा है। गढ़वाल के प्रवेश द्वार कोटद्वार शहर और ग्रामीण अंचल में कई स्थानों पर पानी की किल्लत से लोग हलाकान हैं। कई दिनों से पेयजल किल्लत से जूझ रहे सिताबपुर मल्ला के ग्रामीणों ने सोमवार को जल संस्थान कार्यालय में प्रदर्शन कर अधिशासी अभियंता का घेराव किया। ईई ने एई और जेई को ग्रामीणों संग भेजकर पेयजल किल्लत के कारणों को दूर करने के निर्देश दिए। सिताबपुर मल्ला के ग्रामीणों ने उन्हें पदमपुर सुखरौ के नवनिर्मित नलकूप से जलापूर्ति करने की मत्नांग की।
दुगड्डा, यमकेश्वर, द्वारीखाल, रिखणीखाल क्षेत्र के कई गांवों के जलस्रोत सूखने से लोग पानी के लिए भटक रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पहाड़ के रोडहेड तक पानी के टैंकर भेजकर पानी बंटवाया जा रहा है। सोमवार को सिताबपुर की ग्राम प्रधान मीनाक्षी देवी और बीडीसी मेंबर मंजू जखमोला की अगुवाई में महिलाओं ने पहले तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। महिलाओं ने एसडीएम जीआर बिनवाल को पेयजल किल्लत से अवगत कराया। कहा कि पानी की इतनी दिक्कत हो गई है कि महिलाओं को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। तहसील के बाद महिलाएं जलसंस्थान कार्यालय में धमक गई। जहां उन्होंने ईई ओमप्रकाश बहुगुणा का घेराव किया। कहा कि ग्रामीणों को पेयजल किल्लत से निजात दिलवाएं।
अपने खर्च पर मंगवाना पड़ रहा है टैंकर
महिलाओं ने बताया कि सिताबपुर मल्ला में सिद्धबली बैंकटहॉल से दूध की डेयरी तक सैकड़ों परिवार रहते हें। कई दिनों से पानी नहीं आ रहा है। मजबूरी में लोग अपने खर्चे पर टैंकर मंगवाकर काम चला रहे हैं। कहा कि पदमपुर सुखरौ के नवनिर्मित नलकूप से आठ इंच की पाइप लाइन जल निगम ने पदमपुर चौक तक ही बनाकर छोड़ दी है, जिसे मानपुर तिराहे तक जोड़ा जाना था। ईई ने ग्रामीणों की समस्या का समाधान करने के लिए जल निगम के अधिकारियों से वार्ता करने का भरोसा दिलाया।
प्रदर्शन में संगीता रावत, चंद्रदीप रावत, मनोज रावत, रजनी रावत, लक्ष्मी देवी, मधुबाला, पुष्पा नेगी, शकुंतला देवी, उर्मिला देवी, जगदेश्वरी, रोशनी, भागीरथी, लीला देवी, आरती बिष्ट, इंदू बिष्ट, सुनीता पंत समेत कई लोग शामिल थे।
पहाड़ के दर्जनों गांवों में पेयजल संकट, टैंक भिजवाए
कोटद्वार। जल संस्थान कोटद्वार से जुड़े दुगड्डा, यमकेश्वर, रिखणीखाल, नैनीडांडा, द्वारीखाल और जयहरीखाल के दर्जनों गांवों में भीषण गर्मी के चलते पेयजल किल्लत पैदा हो गई है। अधिकारियों की मानें तो इन गांवों में जिला कंट्रोल रूम से प्राप्त सूचना के आधार टैंकर भिजवाएं जा रहे हैं। यमकेश्वर में स्थानीय टैंकर किराए पर लिए गए हैं। कोटद्वार से पांच टैंकर भेजे गए हैं। दुगड्डा ब्लाक के गूम, दिऊला, नैनीडांडा के हल्दूखाल, रिखणीखाल के बूंगातल्ला देवियोंखाल बाजार, भैड़गांव, सिमली, पोखरी, यमकेश्वर के परिंदा योजना से जुड़े भड़ेत गांव, फल्दाकोट, के पोखरखाल, बिथ्याणी, दमराड़ा, मुजरा, चुंडई के ग्रामीण पेयजल किल्लत से हलाकान हैं। अधिशासी अभियंता ओपी बहुगुणा ने बताया कि इन गांवों में रोडहेड तक टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है।