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टीके से हुई बच्ची की संदिग्ध मौत की जांच शुरू
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कोटद्वार के राजकीय चिकित्सालय लालपानी का निरीक्षण करते चिकित्सा अधिकारी।
- फोटो : KOTDWAR
सनेह क्षेत्र के राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय (एसएडी) में टीका लगाने के बाद नाथूपुर गांव की डेढ़ माह की बच्ची की मौत के मामले में कोटद्वार पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच शुरू कर दी है।
शनिवार को जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. जीएस तानियाल के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम कोटद्वार के राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय (एसएडी) लालपानी पहुंची। उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण करते हुए वैक्सीन के कोल्ड चेन मेंटीनेंस सिस्टम की जांच की। टीका लगाने वाले स्वास्थ्य कर्मियों से बच्चे को लगाए गए टीके की जानकारी हासिल की।
परिजनों ने डॉक्टरों की टीम को बताया कि 11 अगस्त को वे अपनी डेढ़ महीने की बच्ची को लेकर राजकीय अस्पताल लालपानी में जीवन रक्षक टीका लगाने के लिए गई। वहां पर स्वास्थ्य कर्मियों ने उसके पैरों पर दो और हाथ पर एक टीका लगाया। इसके बाद वह बच्ची को लेकर घर आ गए। रात को दूध पिलाने के बाद उन्होंने बच्ची को सुला दिया। अगले दिन सुबह बच्ची नीली पड़ी हुई मिली। अस्पताल ले जाने पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सीएमओ पौड़ी डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि डेढ़ माह की बच्ची की मौत के मामले में शनिवार को डॉक्टरों की टीम ने जांच शुरू कर दी है। टीम की ओर से प्रस्तुत की गई रिपोर्ट को उच्चाधिकारियों को भेज दिया जाएगा।
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शनिवार को जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. जीएस तानियाल के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम कोटद्वार के राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय (एसएडी) लालपानी पहुंची। उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण करते हुए वैक्सीन के कोल्ड चेन मेंटीनेंस सिस्टम की जांच की। टीका लगाने वाले स्वास्थ्य कर्मियों से बच्चे को लगाए गए टीके की जानकारी हासिल की।
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परिजनों ने डॉक्टरों की टीम को बताया कि 11 अगस्त को वे अपनी डेढ़ महीने की बच्ची को लेकर राजकीय अस्पताल लालपानी में जीवन रक्षक टीका लगाने के लिए गई। वहां पर स्वास्थ्य कर्मियों ने उसके पैरों पर दो और हाथ पर एक टीका लगाया। इसके बाद वह बच्ची को लेकर घर आ गए। रात को दूध पिलाने के बाद उन्होंने बच्ची को सुला दिया। अगले दिन सुबह बच्ची नीली पड़ी हुई मिली। अस्पताल ले जाने पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सीएमओ पौड़ी डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि डेढ़ माह की बच्ची की मौत के मामले में शनिवार को डॉक्टरों की टीम ने जांच शुरू कर दी है। टीम की ओर से प्रस्तुत की गई रिपोर्ट को उच्चाधिकारियों को भेज दिया जाएगा।
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