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सिडकुल के श्रमिकों ने खोला मोर्चा, धरना-प्रदर्शन
किशनपुर (कोटद्वार)
Updated Sat, 30 Jan 2016 06:17 PM IST
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भाबर के सिगड्डी ग्रोथ सेंटर सिडकुल में श्रमिकों ने कंपनी प्रबंधन द्वारा मनमानी और श्रमिकों पर हो रहे शोषण के खिलाफ कंपनी के गेट पर धरना प्रदर्शन कर विरोध जताया। उन्होंने शीघ्र मांगे पूरी नहीं होने पर आंदोलन को उग्र करने की चेतावनी दी।
शनिवार को सिगड्डी ग्रोथ सेंटर स्थित एक फैक्ट्री के श्रमिकों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर मनमानी करने और श्रम कानूनों के अनुरूप वेतन न देने का आरोप लगाते हुए जमकर प्रदर्शन किया। श्रमिकों ने बताया कि कंपनी प्रबंधन उनसे कंपनी से निकाल देने का दबाव बनाकर जबरन बारह घंटे काम करवा रहा है। यही नहीं कंपनी ओवर टाइम तो करा रही है, लेकिन उन्हें अतिरिक्त वेतन भी नहीं दिया जा रहा हैै। कहा कि बारह घंटे काम करवाने के बाद भी उन्हें मात्र 4500 रुपये वेतन दिया जाता है जो कि सिडकुल के निर्धारित न्यूनतम वेतन से भी कहीं ज्यादा कम है। श्रमिकों द्वारा ओवर टाइम न करने और वेतन बढ़ाने की बात कहने पर फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा उन्हें कंपनी से निकाल देने की धमकी दी जाती है। श्रमिकों को पेस्लिप नहीं दी जाती है और साथ ही पीएफ और ईएसआई की सुविधा से भी वंचित रखा गया है। 28 जनवरी को सिडकुल में हुई महापंचायत में एसडीएम जीआर बिनवाल और सिडकुल के क्षेत्रीय प्रबंधक केएन नौटियाल ने सभी फैक्ट्री स्वामियों से सिडकुल के मानकों के अनुरूप कार्य करने की हिदायत दी गई थी। लेकिन धरातल पर इसका कोई असर दिखता नजर नहीं आ रहा है। श्रमिकों ने शीघ्र मांगों का निराकरण होने पर आंदोलन उग्र करने की चेतावनी दी है।
इस अवसर पर संदीप सिंह, प्रताप सिंह, राजीव, सुमित, प्रदीप सिंह, नागेंद्र, नितेश सिंह, दीप चंद्र, दिनेश नेगी, सुमित केष्टवाल, सत्यप्रकाश आदि मौजूद थे।
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शनिवार को सिगड्डी ग्रोथ सेंटर स्थित एक फैक्ट्री के श्रमिकों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर मनमानी करने और श्रम कानूनों के अनुरूप वेतन न देने का आरोप लगाते हुए जमकर प्रदर्शन किया। श्रमिकों ने बताया कि कंपनी प्रबंधन उनसे कंपनी से निकाल देने का दबाव बनाकर जबरन बारह घंटे काम करवा रहा है। यही नहीं कंपनी ओवर टाइम तो करा रही है, लेकिन उन्हें अतिरिक्त वेतन भी नहीं दिया जा रहा हैै। कहा कि बारह घंटे काम करवाने के बाद भी उन्हें मात्र 4500 रुपये वेतन दिया जाता है जो कि सिडकुल के निर्धारित न्यूनतम वेतन से भी कहीं ज्यादा कम है। श्रमिकों द्वारा ओवर टाइम न करने और वेतन बढ़ाने की बात कहने पर फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा उन्हें कंपनी से निकाल देने की धमकी दी जाती है। श्रमिकों को पेस्लिप नहीं दी जाती है और साथ ही पीएफ और ईएसआई की सुविधा से भी वंचित रखा गया है। 28 जनवरी को सिडकुल में हुई महापंचायत में एसडीएम जीआर बिनवाल और सिडकुल के क्षेत्रीय प्रबंधक केएन नौटियाल ने सभी फैक्ट्री स्वामियों से सिडकुल के मानकों के अनुरूप कार्य करने की हिदायत दी गई थी। लेकिन धरातल पर इसका कोई असर दिखता नजर नहीं आ रहा है। श्रमिकों ने शीघ्र मांगों का निराकरण होने पर आंदोलन उग्र करने की चेतावनी दी है।
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इस अवसर पर संदीप सिंह, प्रताप सिंह, राजीव, सुमित, प्रदीप सिंह, नागेंद्र, नितेश सिंह, दीप चंद्र, दिनेश नेगी, सुमित केष्टवाल, सत्यप्रकाश आदि मौजूद थे।
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