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हड़ताली कर्मियों ने रविवार को भी तहसील पर दिया धरना
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जनरल ओबीसी इंपलाइज एसोसिएशन के बैनर तले विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारियों ने सातवें दिन रविवार को भी कार्य बहिष्कार कर तहसील में धरना दिया। महिला दिवस पर संगठन की ओर से महिला कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। हड़ताली कर्मचारियों ने इससे पूर्व लैंसडौन के विधायक दिलीप रावत के कुंभीचौड़ स्थित आवास पहुंचकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। विधायक ने मुख्यमंत्री से लिखित रूप में कर्मचारियों की मांग पर उचित कार्रवाई कर शासनादेश जारी करने करने का अनुरोध किया है।
एसोसिएशन से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी कोटद्वार तहसील में एकत्र हुए। यहां उन्होंने पदोन्नति में आरक्षण के विरोध में प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना दिया। इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि आरक्षण व्यवस्था समाज के लिए अभिशाप है। इस व्यवस्था से सरकारी नौकरियों में योग्य युवा लगातार पिछड़ रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने गत सात फरवरी को दिए गए अपने निर्णय में स्पष्ट किया है कि आरक्षण मौलिक अधिकार नहीं है। इसके बावजूद सरकार बिना आरक्षण के पदोन्नति को बहाल करने में आनाकानी कर रही है। वक्ताओं ने पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था को समाप्त कर अविलंब सामान्य वर्ग के कर्मचारियों की पदोन्नति के शासनादेश जारी करने की मांग की। सभा में महिला दिवस पर मातृशक्ति का मार्ल्यापण कर उन्हें पेन व डायरी देकर सम्मानित किया गया। इससे पूर्व हड़ताली कर्मचारी सुबह लैंसडौन के विधायक दिलीप रावत के कुंभीचौड़ स्थित आवास पहुंचे और उन्हें ज्ञापन सौपकर कर्मचारियों की भावनाओं से अवगत कराया। विधायक दिलीप रावत ने उनकी मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने और कार्रवाई का भरोसा दिया।
धरना प्रदर्शन करने वालों में पौड़ी जिला संयोजक सीताराम पोखरियाल, कोटद्वार शाखा के संयोजक सरदार नरेश सिंह, शाखा अध्यक्ष महावीर सिंह बिष्ट, सचिव रूमा भारद्वाज, कोषाध्यक्ष गणेश गौड़, रवींद्र भारद्वाज, राकेश नेगी, डा. योगेश रूबाली, रेखा बलूनी, उमेश कंडवाल आदि शामिल रहे।
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एसोसिएशन से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी कोटद्वार तहसील में एकत्र हुए। यहां उन्होंने पदोन्नति में आरक्षण के विरोध में प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना दिया। इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि आरक्षण व्यवस्था समाज के लिए अभिशाप है। इस व्यवस्था से सरकारी नौकरियों में योग्य युवा लगातार पिछड़ रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने गत सात फरवरी को दिए गए अपने निर्णय में स्पष्ट किया है कि आरक्षण मौलिक अधिकार नहीं है। इसके बावजूद सरकार बिना आरक्षण के पदोन्नति को बहाल करने में आनाकानी कर रही है। वक्ताओं ने पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था को समाप्त कर अविलंब सामान्य वर्ग के कर्मचारियों की पदोन्नति के शासनादेश जारी करने की मांग की। सभा में महिला दिवस पर मातृशक्ति का मार्ल्यापण कर उन्हें पेन व डायरी देकर सम्मानित किया गया। इससे पूर्व हड़ताली कर्मचारी सुबह लैंसडौन के विधायक दिलीप रावत के कुंभीचौड़ स्थित आवास पहुंचे और उन्हें ज्ञापन सौपकर कर्मचारियों की भावनाओं से अवगत कराया। विधायक दिलीप रावत ने उनकी मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने और कार्रवाई का भरोसा दिया।
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धरना प्रदर्शन करने वालों में पौड़ी जिला संयोजक सीताराम पोखरियाल, कोटद्वार शाखा के संयोजक सरदार नरेश सिंह, शाखा अध्यक्ष महावीर सिंह बिष्ट, सचिव रूमा भारद्वाज, कोषाध्यक्ष गणेश गौड़, रवींद्र भारद्वाज, राकेश नेगी, डा. योगेश रूबाली, रेखा बलूनी, उमेश कंडवाल आदि शामिल रहे।
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