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Kotdwar News: झंडीचौड़ पश्चिमी वार्ड में नहीं लगी है स्ट्रीट लाइटें
Tue, 16 Dec 2025 05:56 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Tue, 16 Dec 2025 05:56 PM IST
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क्षेत्रवासियों की मांग पर नगर निगम नहीं दे रहा ध्यान, जंगली जानवरों का बना है खतरा
कण्वघाटी/कोटद्वार। भाबर क्षेत्र के अंतर्गत वार्ड नंबर-37 झंडीचौड़ पश्चिमी में जंगल से सटी आबादी में कई जगहों पर स्ट्रीट लाइटें नहीं लगी हैं। क्षेत्रवासियों की शिकायत के बाद भी नगर निगम स्ट्रीट लाइट नहीं लगा रहा है। मार्गों पर अंधेरा होने से जंगली जानवरों के हमले का खतरा बना हुआ है।
भाबर क्षेत्र के अंतर्गत वार्ड नंबर-37 पश्चिमी झंडीचौड़ तीन ओर से लैंसडौन वन प्रभाग और यूपी के बिजनौर वन प्रभाग के जंगलों से घिरा हुआ है। झंडीचौड़ पश्चिमी वार्ड उत्तर दिशा में जहां लैंसडौन वन प्रभाग का कोटद्वार रेंज व पश्चिम में लालढांग रेंज के जंगल से सटा हुआ है। वहीं, दक्षिण दिशा में बिजनौर वन प्रभाग के जंगल से सटा हुआ है।
वार्ड के जंगल से सटे इलाके में सुरक्षा दीवार न होने से हाथी समेत अन्य जंगली जानवरों की धमक बनी रहती है। जंगल से सटे इलाकों में पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें न लगने से रात के समय मार्गों पर अंधेरा पसरा रहता है जिससे जंगली जानवरों का खतरा बना है। सर्दियों में कोहरे के दौरान भी आवाजाही कर खतरा बना है।
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तीन ओर से जंगल से घिरा होने के कारण झंडीचौड़ पश्चिमी वार्ड में जंगली जानवरों की धमक बनी हुई है। जंगल से सटे इलाकों में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग उठाते आ रहे हैं लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जनहित में जल्द से जल्द स्ट्रीट लाइटें लगाई जानी चाहिए।
- रघुवीर सिंह, निवासी झंडीचौड़ पश्चिमी। (फोटो)
.
वार्ड के अंदरुनी सड़कों में पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें लगी हुई हैं। वन सीमा से सटे क्षेत्र में अभी स्ट्रीट लाइटें नहीं लग पाई हैं। नगर निगम से 50 स्ट्रीट लाइटों की डिमांड की गई है। इसके लिए नगर निगम बोर्ड बैठक में प्रस्ताव भी रखा गया है। स्ट्रीट लाइटें मिलने पर वन सीमा से सटे क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर स्ट्रीट लाइटें लगवाई जाएगी।
- सुखपाल शाह, पार्षद वार्ड नंबर-37 झंडीचौड़ पश्चिमी। (फोटो)
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कण्वघाटी/कोटद्वार। भाबर क्षेत्र के अंतर्गत वार्ड नंबर-37 झंडीचौड़ पश्चिमी में जंगल से सटी आबादी में कई जगहों पर स्ट्रीट लाइटें नहीं लगी हैं। क्षेत्रवासियों की शिकायत के बाद भी नगर निगम स्ट्रीट लाइट नहीं लगा रहा है। मार्गों पर अंधेरा होने से जंगली जानवरों के हमले का खतरा बना हुआ है।
भाबर क्षेत्र के अंतर्गत वार्ड नंबर-37 पश्चिमी झंडीचौड़ तीन ओर से लैंसडौन वन प्रभाग और यूपी के बिजनौर वन प्रभाग के जंगलों से घिरा हुआ है। झंडीचौड़ पश्चिमी वार्ड उत्तर दिशा में जहां लैंसडौन वन प्रभाग का कोटद्वार रेंज व पश्चिम में लालढांग रेंज के जंगल से सटा हुआ है। वहीं, दक्षिण दिशा में बिजनौर वन प्रभाग के जंगल से सटा हुआ है।
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वार्ड के जंगल से सटे इलाके में सुरक्षा दीवार न होने से हाथी समेत अन्य जंगली जानवरों की धमक बनी रहती है। जंगल से सटे इलाकों में पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें न लगने से रात के समय मार्गों पर अंधेरा पसरा रहता है जिससे जंगली जानवरों का खतरा बना है। सर्दियों में कोहरे के दौरान भी आवाजाही कर खतरा बना है।
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तीन ओर से जंगल से घिरा होने के कारण झंडीचौड़ पश्चिमी वार्ड में जंगली जानवरों की धमक बनी हुई है। जंगल से सटे इलाकों में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग उठाते आ रहे हैं लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जनहित में जल्द से जल्द स्ट्रीट लाइटें लगाई जानी चाहिए।
- रघुवीर सिंह, निवासी झंडीचौड़ पश्चिमी। (फोटो)
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वार्ड के अंदरुनी सड़कों में पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें लगी हुई हैं। वन सीमा से सटे क्षेत्र में अभी स्ट्रीट लाइटें नहीं लग पाई हैं। नगर निगम से 50 स्ट्रीट लाइटों की डिमांड की गई है। इसके लिए नगर निगम बोर्ड बैठक में प्रस्ताव भी रखा गया है। स्ट्रीट लाइटें मिलने पर वन सीमा से सटे क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर स्ट्रीट लाइटें लगवाई जाएगी।
- सुखपाल शाह, पार्षद वार्ड नंबर-37 झंडीचौड़ पश्चिमी। (फोटो)